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कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा की बड़ी कार्रवाई: पकड़ा गया नकली बीज का गोदाम, करोड़ों का फर्जीवाड़ा उजागर
Thu, 28 May 2026 08:04 AM IST
जोधपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोधपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोधपुर
Published by: जोधपुर ब्यूरो
Updated Thu, 28 May 2026 08:04 AM IST
सार
जोधपुर में कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा के छापे में नकली बीज कारोबार का खुलासा हुआ। साधारण और फंगस लगी मूंगफली को बीज बताकर किसानों को बेचने की तैयारी थी। मामले में 50 करोड़ की बिक्री पर रोक लगाई गई और कई फर्मों की जांच शुरू हुई।
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कृषि मंत्री किरोड़ीलाल मीणा नकली बीज माफियाओं पर कार्रवाई करते हुए
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
राजस्थान में किसानों के साथ हो रही कथित धोखाधड़ी का बड़ा मामला सामने आया है। कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने बुधवार को जोधपुर के नौ मील क्षेत्र स्थित एक गोदाम पर अचानक छापा मारकर नकली बीज कारोबार का खुलासा किया। कार्रवाई के दौरान बाजार से खरीदी गई साधारण और खराब गुणवत्ता वाली मूंगफली को बीज बताकर किसानों को ऊंचे दामों पर बेचने की तैयारी पकड़ी गई।
आकर्षक पैकिंग के जरिए के तैयार हो रहा था बीज
जांच में सामने आया कि मंडियों से खरीदी गई सामान्य मूंगफली को गोदामों में जमा कर आकर्षक पैकिंग के जरिए बीज के रूप में तैयार किया जा रहा था। छापे के दौरान बड़ी मात्रा में फंगस लगी मूंगफली भी बरामद हुई। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसी खराब गुणवत्ता वाली मूंगफली की बुवाई से फसल प्रभावित हो सकती है और किसानों की लागत बढ़ने का खतरा रहता है।
मूंगफली की बिक्री पर तत्काल रोक लगाने के निर्देश
मामले की गंभीरता को देखते हुए कृषि मंत्री ने करीब 50 करोड़ रुपये की मूंगफली की बिक्री पर तत्काल रोक लगाने के निर्देश दिए। साथ ही संबंधित कारोबारियों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम और सीड एक्ट के तहत कार्रवाई करने को कहा गया।
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बिल और ई-बिल में मिलीं गड़बड़ियां
कार्रवाई के दौरान बिल और ई-वे बिल में भी गड़बड़ियां सामने आईं। दस्तावेजों में माल गुजरात की फर्मों के नाम पर दिखाया गया था, जबकि भंडारण स्थल और गंतव्य स्थान में अंतर पाया गया। मंत्री ने इसे जीएसटी चोरी और किसानों के साथ सीधा धोखा बताया।
ये भी पढ़ें- राजस्थान में भीषण गर्मी: श्रीगंगानगर देश का तीसरा सबसे गर्म शहर; आज 11 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट
ताला लगाकर फरार हुआ फैक्ट्री संचालक
नौ मील क्षेत्र में कार्रवाई के बाद मंत्री का काफिला बोरानाडा औद्योगिक क्षेत्र पहुंचा, लेकिन छापे की भनक लगते ही संचालक फैक्ट्री पर ताला लगाकर फरार हो गया। वहां भी बड़ी मात्रा में खराब मूंगफली बरामद की गई। इसके बाद मथानिया क्षेत्र में भी जांच की गई, जहां कई फैक्ट्रियां बंद मिलीं।
फिलहाल जब्त नमूनों को लैब जांच के लिए भेज दिया गया है। प्रशासन संबंधित फर्मों के दस्तावेजों और कारोबार की विस्तृत जांच में जुटा हुआ है।
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आकर्षक पैकिंग के जरिए के तैयार हो रहा था बीज
जांच में सामने आया कि मंडियों से खरीदी गई सामान्य मूंगफली को गोदामों में जमा कर आकर्षक पैकिंग के जरिए बीज के रूप में तैयार किया जा रहा था। छापे के दौरान बड़ी मात्रा में फंगस लगी मूंगफली भी बरामद हुई। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसी खराब गुणवत्ता वाली मूंगफली की बुवाई से फसल प्रभावित हो सकती है और किसानों की लागत बढ़ने का खतरा रहता है।
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मूंगफली की बिक्री पर तत्काल रोक लगाने के निर्देश
मामले की गंभीरता को देखते हुए कृषि मंत्री ने करीब 50 करोड़ रुपये की मूंगफली की बिक्री पर तत्काल रोक लगाने के निर्देश दिए। साथ ही संबंधित कारोबारियों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम और सीड एक्ट के तहत कार्रवाई करने को कहा गया।
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बिल और ई-बिल में मिलीं गड़बड़ियां
कार्रवाई के दौरान बिल और ई-वे बिल में भी गड़बड़ियां सामने आईं। दस्तावेजों में माल गुजरात की फर्मों के नाम पर दिखाया गया था, जबकि भंडारण स्थल और गंतव्य स्थान में अंतर पाया गया। मंत्री ने इसे जीएसटी चोरी और किसानों के साथ सीधा धोखा बताया।
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ताला लगाकर फरार हुआ फैक्ट्री संचालक
नौ मील क्षेत्र में कार्रवाई के बाद मंत्री का काफिला बोरानाडा औद्योगिक क्षेत्र पहुंचा, लेकिन छापे की भनक लगते ही संचालक फैक्ट्री पर ताला लगाकर फरार हो गया। वहां भी बड़ी मात्रा में खराब मूंगफली बरामद की गई। इसके बाद मथानिया क्षेत्र में भी जांच की गई, जहां कई फैक्ट्रियां बंद मिलीं।
फिलहाल जब्त नमूनों को लैब जांच के लिए भेज दिया गया है। प्रशासन संबंधित फर्मों के दस्तावेजों और कारोबार की विस्तृत जांच में जुटा हुआ है।