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Jodhpur : नाबालिग को अनचाहे गर्भ से मुक्ति के लिए राजस्थान हाईकोर्ट की अनुमति, अभिभावकों ने दायर की थी याचिका
Mon, 27 May 2024 03:37 PM IST
प्रिया वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोधपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोधपुर
Published by: प्रिया वर्मा
Updated Mon, 27 May 2024 03:37 PM IST
सार
जबरन दुष्कर्म की पीड़िता 13 वर्षीय नाबालिग को राजस्थान हाईकोर्ट से अनचाहा गर्भ गिराने की अनुमति मिल गई है। कोर्ट ने बालिका के अभिभावकों की याचिका स्वीकार करते हुए उम्मेद अस्पताल जोधपुर को सुरक्षित गर्भपात कराने के आदेश दिए हैं।
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उम्मेद अस्पताल, जोधपुर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राजस्थान हाईकोर्ट ने 13 वर्षीय नाबालिग के अभिभावकों की ओर से दायर याचिका स्वीकार करते हुए उम्मेद अस्पताल जोधपुर के अधीक्षक को नाबालिग का गर्भपात सुरक्षित रूप से किए जाने के संबंध में आदेश दिए हैं। जस्टिस डॉ. नुपूर भाटी की एकल पीठ के समक्ष अधिवक्ता हिमांशु चौधरी ने नाबालिग के अभिभावकों की ओर से याचिका दायर की थी।
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याचिका में बताया गया था कि नाबालिग के फरवरी 2024 को अचानक गायब होने के बाद परिजनों ने गुमशुदगी का मुकदमा दर्ज करवाया था। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करके नाबालिग को दस्तयाब किया था। नाबालिग ने अपने बयान में आरोपियों द्वारा दुष्कर्म किए जाने की बात कही, जिससे वह गर्भवती हो गई थी। रिपोर्ट आने तक नाबालिग का गर्भ 14 सप्ताह का हो चुका था। नाबालिग इस अनचाहे गर्भ को नहीं रखना चाहती थी। ऐसे में उपजिला स्तर पर अस्पताल में गर्भपात के लिए पहुंची नाबालिग को जोखिम होने के कारण डॉक्टरों ने बड़े अस्पताल जाने की सलाह दी।
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नाबालिग के अभिभावकों द्वारा गर्भपात की अनुमति के लिए राजस्थान हाईकोर्ट में याचिका पेश की गई, जिस पर कोर्ट ने अतिरिक्त महाधिवक्ता महावीर विश्नोई व उनके सहयोगी गौरव विश्नोई से रिपोर्ट मांगी। जोधपुर के उम्मेद अस्पताल से मेडिकल बोर्ड द्वारा जांच के बाद रिपोर्ट सौंपने के बाद नाबालिग को गर्भपात कराने के लिए फिट माना गया। इसके बाद कोर्ट ने नाबालिग के परिजनों को उम्मेद अस्पताल के अधीक्षक के समक्ष जाकर गर्भपात कराने की अनुमति दे दी।
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