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Jodhpur News : नौकरी करने विदेश गए युवक की तबीयत बिगड़ने से मौत, परिवार ने शव को स्वदेश लाने के लिए लगाई गुहार
Tue, 22 Oct 2024 08:22 AM IST
प्रिया वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोधपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोधपुर
Published by: प्रिया वर्मा
Updated Tue, 22 Oct 2024 08:22 AM IST
सार
नौकरी करने विदेश गए युवक की वहां पर मृत्यु होने के बाद परिजनों ने युवक के शव को स्वदेश लाने के लिए विदेश मंत्रालय से गुहार लगाई है लेकिन इस संबंध में अभी तक अधिकारियों द्वारा परिजनों से कोई संपर्क नहीं किया गया है।
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राजस्थान
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पिछले साल कांगो में नौकरी करने गए युवक की वहां तबीयत बिगड़ने के कारण मौत हो गई। अब परिजन युवक के शव को वापस स्वदेश लाने के लिए प्रयास कर रहे हैं। इस संबंध में उन्होंने विदेश मंत्रालय में शव को जल्द से जल्द भारत लाने के लिए गुहार लगाई है लेकिन अब तक इस संबंध में आधिकारिक तौर पर किसी ने भी पीड़ित परिवार के साथ संपर्क नहीं किया है।
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बताया जा रहा है कि कांगो में स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद युवक को अस्पताल में इलाज के दौरान साइलेंट अटैक आने से उसकी मौत हो गई। युवक जिस संस्थान में नौकरी करता था, उनसे भी परिजनों ने बात की है लेकिन मलिक का कहना है कि शव को भारत भेजने में समय लगता है लेकिन परिजन जल्द से जल्द युवक के शव को स्वदेश लाना चाहते हैं ताकि परिवार के बीच उसका अंतिम संस्कार किया जा सके। स्थानीय प्रशासन द्वारा कांगो एम्बेसी और विदेश मंत्रालय को भी इसकी सूचना दे दी गई है।
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जोधपुर के प्रताप नगर सदर थाना क्षेत्र के इंदिरा कॉलोनी का निवासी महेंद्र कुमार राठौड़ पुत्र रमेश राठौड़ ( 25 वर्ष) पिछले वर्ष भारत से अकाउंटेंट की जॉब के लिए कांगो गया था, जिस संस्थान में महेंद्र काम कर रहा था, उसके साथ 3 वर्ष का एग्रीमेंट किया गया था लेकिन कुछ दिन पहले उसका स्वास्थ्य खराब हो गया। ऐसे में गत शनिवार को उसे अस्पताल में भर्ती किया गया था, अस्पताल में भर्ती होने के बाद और मृत्यु से कुछ समय पहले तक परिजनों से वीडियो कॉल पर महेंद्र की बात हो रही थी परिजनों के अनुसार महेंद्र ने वीडियो कॉल पर बताया कि उसके अपेंडिक्स की नस पेट में फट गई है इसलिये उसका ऑपरेशन किया जाएगा। जब वीडियो कॉल पर महेंद्र से बात हुई थी, तब वह आईसीयू में भर्ती था और ऑपरेशन के बाद जल्द ही उसे छुट्टी मिलने की बात भी बताई जा रही थी लेकिन शनिवार दोपहर को अस्पताल से फोन आया कि महेंद्र को साइलेंट अटैक आया है, जिससे उसकी मौत हो गई है।
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जिस कंपनी में महेंद्र काम करता था परिजनों ने वहां मदद की गुहार लगाई तो मालिक ने कहा कि वहां कांगो में मंकी पॉक्स फैलने के कारण शव को भारत भिजवाने में एक महीने से ज्यादा का समय लग सकता है, ऐसे में यदि परिजन अनुमति दें तो उसका वहां पर अंतिम संस्कार करवा सकते हैं और वीडियो कॉल के माध्यम से परिजनों को अंतिम दर्शन का आश्वासन भी दिया लेकिन परिजन महेंद्र के शव को स्वदेश लाना चाहते हैं।
बहरहाल परिजनों ने कल इस संबंध में कलेक्टर से बातचीत की है। जवान युवक की मौत के बाद पूरा परिवार शोक में डूबा हुआ है। परिवार को ढांढस पहुंचाने के लिए महेंद्र के घर पर पहुंचे परिजनों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि सूचना दे दिए जाने के बाद भी अभी तक किसी ने उनसे संपर्क नहीं किया है।