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Rajasthan: आग के गोले की तरह तप रहा जोधपुर, भीषण गर्मी के कारण लोग घरों में कैद
Mon, 27 Apr 2026 02:17 PM IST
जोधपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोधपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोधपुर
Published by: जोधपुर ब्यूरो
Updated Mon, 27 Apr 2026 02:17 PM IST
सार
जोधपुर में तापमान 44°C के करीब पहुंचने से गर्मी का असर तेज हो गया है। हीट वेव के खतरे को देखते हुए एमडीएम अस्पताल में विशेष वार्ड और कूलिंग उपकरणों की व्यवस्था की गई है। डॉक्टरों ने लोगों को दोपहर में बाहर निकलने से बचने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी है।
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भीषण गर्मी से तप रहा जोधपुर
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
जोधपुर शहर में लगातार बढ़ती गर्मी ने आमजन की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंचने से दिन के समय सड़कों और बाजारों में लोगों की आवाजाही कम हो गई है। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लोग जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकल रहे हैं। दोपहर के समय शहर के कई इलाकों में सन्नाटा जैसा माहौल देखने को मिल रहा है।
हीट वेव से निपटने के लिए अस्पताल की तैयारी
भीषण गर्मी और संभावित हीट वेव के खतरे को देखते हुए संभाग के प्रमुख मथुरादास माथुर (एमडीएम) अस्पताल में विशेष इंतजाम किए गए हैं। अस्पताल प्रशासन ने गर्मी से प्रभावित मरीजों के इलाज के लिए दो अलग वार्ड तैयार किए हैं। साथ ही गंभीर मरीजों की स्थिति को संभालने के लिए कूलिंग ब्लैंकेट और कूलिंग उपकरणों की अतिरिक्त व्यवस्था करने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
डॉक्टरों ने दी सतर्क रहने की सलाह
चिकित्सकों का कहना है कि हीट वेव के मरीजों में सामान्य दवाओं का असर सीमित हो सकता है। ऐसे मामलों में शरीर के तापमान को नियंत्रित करने के लिए विशेष कूलिंग तकनीक की आवश्यकता पड़ती है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ सकता है, इसलिए स्वास्थ्य सेवाओं को पहले से तैयार रखा जा रहा है।
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ये भी पढ़ें- भट्ठी जैसे तप रहे शहर, बाड़मेर में पारा 46 पार; आज कई जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट
गर्मी से बचाव के लिए जरूरी सावधानियां
डॉक्टरों ने लोगों को सलाह दी है कि दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें। पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें, हल्के और ढीले कपड़े पहनें तथा सीधी धूप से बचाव करें। यदि किसी व्यक्ति को चक्कर आना, तेज बुखार, अत्यधिक कमजोरी या बेहोशी जैसे लक्षण महसूस हों, तो तुरंत नजदीकी अस्पताल में संपर्क करना चाहिए।
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हीट वेव से निपटने के लिए अस्पताल की तैयारी
भीषण गर्मी और संभावित हीट वेव के खतरे को देखते हुए संभाग के प्रमुख मथुरादास माथुर (एमडीएम) अस्पताल में विशेष इंतजाम किए गए हैं। अस्पताल प्रशासन ने गर्मी से प्रभावित मरीजों के इलाज के लिए दो अलग वार्ड तैयार किए हैं। साथ ही गंभीर मरीजों की स्थिति को संभालने के लिए कूलिंग ब्लैंकेट और कूलिंग उपकरणों की अतिरिक्त व्यवस्था करने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
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डॉक्टरों ने दी सतर्क रहने की सलाह
चिकित्सकों का कहना है कि हीट वेव के मरीजों में सामान्य दवाओं का असर सीमित हो सकता है। ऐसे मामलों में शरीर के तापमान को नियंत्रित करने के लिए विशेष कूलिंग तकनीक की आवश्यकता पड़ती है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ सकता है, इसलिए स्वास्थ्य सेवाओं को पहले से तैयार रखा जा रहा है।
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गर्मी से बचाव के लिए जरूरी सावधानियां
डॉक्टरों ने लोगों को सलाह दी है कि दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें। पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें, हल्के और ढीले कपड़े पहनें तथा सीधी धूप से बचाव करें। यदि किसी व्यक्ति को चक्कर आना, तेज बुखार, अत्यधिक कमजोरी या बेहोशी जैसे लक्षण महसूस हों, तो तुरंत नजदीकी अस्पताल में संपर्क करना चाहिए।