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Jodhpur: विशाल के पास 200 साल से पुराने सिक्कों का कलेक्शन, मुगल-ब्रिटिशकाल से लेकर आज की करेंसी को भी सहेजा

Wed, 19 Apr 2023 03:45 PM IST
उदित दीक्षित न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: उदित दीक्षित Updated Wed, 19 Apr 2023 03:45 PM IST
सार

जोधपुर में रहने वाले विशाल के पास 200 साल से पुराने सिक्कों और का कलेक्शन है। विशाल करीब 20 साल से पुराने सिक्कों और नोटों का कलेक्शन कर रहे हैं।

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Jodhpur Vishal has collection of coins older than 200 years Mughal and British era currency
विशाल ने इस तरह सिक्कों को सहेज कर रहा है। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजस्थान के जोधपुर जिले में रहने वाले विशाल पिछले 20 साल से भारत के विभिन्न हिस्सों से सिक्कों का कलेक्शन कर रहे हैं। उनके पास ब्रिटिश काल के समय छपे नोटों से लेकर अब तक के सभी नोटों का कलेक्शन है। इसके अलावा उनके पास मुगल काल की टकसालों में ढले सिक्कों से लेकर आज तक के प्रचलन के सभी सिक्कों का कलेक्शन भी मौजूद है। 

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दरअसल, राजशाही और मुगल काल के समय में हर रियासत के राजा अपने शासन के दौरान में सिक्के जारी करता था। इस दौर के ज्यादातर सिक्कों का कलेक्शन विशाल के पास के है। विशाल बताते हैं कि उनके पास 200 से अधिक पुराने सिक्के सिर्फ जोधपुर रियासत के है। वे पिछले 20 साल से सिक्को का कलेक्शन कर रहे हैं और ये प्रक्रिया अभी भी जारी है।
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ब्रिटिश काल से लेकर अभी तक छपे सभी नोटों का कलेक्शन
विशाल ने ना सिर्फ सिक्के बल्कि नोटों का कलेक्शन भी कर रखा है। उनके पास रिजर्व बैंक द्वारा जारी सभी नोटों का कलेक्शन है। इसमें आजादी से पहले और आजाद भारत के बाद जारी किए गए सभी नोट शामिल हैं। विशाल ने खादी नोटों का भी विशेष कलेक्शन किया है। बतादें कि रिजर्व बैंक द्वारा खादी खरीदने के लिए विशेष नोट जारी किए जाते थे। उन नोटों का इस्तेमाल सिर्फ खादी खरीदने के लिए किया जाता था, जो बाद ने बंद कर दिए गए थे।  
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शौक धीरे-धीरे बन गया जुनून  
विशाल बताते हैं कि बचपन में जब माता पिता के साथ म्यूजियम जाता था तो वहां की पुरानी और ऐतिहासिक चीजे देख कर अच्छा लगता था। वहां से पुरानी और ऐतिहासिक चीजों का कलेक्शन करने का शौक शुरू हुआ जो आज भी जारी है। कई लोगों के लिए प्रचलन से बाहर हुए सिक्के बेकार थे, लेकिन मेरे लिए वो अमूल्य थे। ऐसे में मैंने 2 से 4 गुना पैसे देकर उन लोगों से सिक्के और नोट ले लिए। शुरू में ये सब शौक लग रहा था, लेकिन अब ये जुनून  बन गया है। 

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