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एसआई भर्ती मामला: कोर्ट बोला- सरकार का दोहरा रवैया, जनता को पेपर लीक से बने थानेदारों के भरोसे नहीं छोड़ सकते

Sat, 12 Jul 2025 08:30 AM IST
प्रिया वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: प्रिया वर्मा Updated Sat, 12 Jul 2025 08:30 AM IST
सार

राजस्थान में पुलिस सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षाा 2021 को लेकर शुक्रवार को हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण टिप्पणी की। हाईकोर्ट ने कहा कि मामले में सरकार का रवैया दोहरा है और जनता को पेपर लीक से बने थानेदारों के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता।

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SI Recruitment Case: Court Slams Govt’s Double Standards, Public Can't Left on Cops Chosen via Leaked Papers
कोर्ट बोला- एसआई भर्ती पेपर लीक पर सरकार का दोहरा रवैया - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

एसआई भर्ती 2021 पर अनिर्णय की स्थिति सरकार के लिए किरकिरी का सबब बनती जा रही है। राजस्थान हाईकोर्ट ने मामले में सुनवाई करते हुए शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण टिप्पणी की। जस्टिस समीर जैन ने सुनवाई के दौरान सरकार और जांच एजेंसियों की कार्यशैली पर सवाल उठाए। कोर्ट ने कहा कि हम जनता को पेपर लीक से बने थानेदारों के भरोसे नहीं छोड़ सकते हैं। कोर्ट ने कहा कि सरकार का रवैया इस मामले में दोहरा है। सरकार कह रही है कि भर्ती को रद्द करने का फैसला फिलहाल जल्दबाजी होगा लेकिन दूसरी तरफ वह यह भी मान रही है कि आरपीएससी में माफियाओं और आरपीएससी सदस्यों की मिलीभगत रही है। ऐसे में सरकार दोहरा मापदंड दिखा रही है। 

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कोर्ट ने सुनवाई के दौरान एसओजी की भूमिका पर भी सवाल उठाए। कोर्ट ने कहा कि पहले जांच एजेंसी कह रही थी कि वह भर्ती में सही गलत की पहचान नहीं कर सकती लेकिन अब एजेंसी कह रही है कि वह दोषियों को छांटकर अलग कर सकती है। कोर्ट ने कहा कि अगर जरूरत समझी गई तो एक बार फिर से पेपर लीक के लिए बनी एसआईटी के प्रमुख वीके सिंह या डीजीपी को अदालत में बुलाकर स्पष्ट स्थिति बताने के लिए कहा जा सकता है।
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इससे पहले सुनवाई की शुरुआत में चयनित अभ्यर्थियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ए.के. शर्मा ने दलील दी कि याचिकाकर्ताओं ने तथ्यों को छिपाकर याचिका दायर की है, इसलिए इसे खारिज किया जाना चाहिए। इस पर कोर्ट ने कहा कि स्पष्ट किया कि कोर्ट किसी दायरे में नहीं बंधा है और वह याचिका से ऊपर जाकर भी निर्णय देने के लिए स्वतंत्र है। मामले में अगली सुनवाई 14 जुलाई को होगी।

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