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राजस्थान भाजपा को झटका: पूर्व कैबिनेट मंत्री और बहरोड़ विधायक जसवंत यादव का निधन, छह महीने में होगा उपचुनाव
Sun, 08 Nov 2026 07:30 PM IST
शबाहत हुसैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: शबाहत हुसैन
Updated Sun, 08 Nov 2026 07:30 PM IST
सार
राजस्थान के बहरोड़ से भाजपा विधायक और पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. जसवंत यादव का 73 वर्ष की उम्र में कैंसर से निधन हो गया। चार दशक लंबे राजनीतिक सफर में वे चार बार विधायक और एक बार सांसद रहे।
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बहरोड़ विधायक जसवंत यादव
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राजस्थान की राजनीति में रविवार को भाजपा को बड़ा झटका लगा। बहरोड़ (कोटपूतली-बहरोड़) से भाजपा विधायक और पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. जसवंत यादव (73) का जयपुर में निधन हो गया। उन्होंने रविवार सुबह 8:15 बजे अंतिम सांस ली। वे लंबे समय से कैंसर की बीमारी से पीड़ित थे। उनके निधन की जानकारी बेटे मोहित यादव ने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से साझा की। उनके निधन से भाजपा के साथ ही प्रदेश की राजनीति में शोक की लहर छा गई। डॉ. जसवंत यादव का पार्थिव शरीर रविवार शाम अलवर स्थित उनके आवास जसवंत नगर में अंतिम दर्शन के लिए रखा गया। यहां बड़ी संख्या में समर्थक, परिचित और राजनीतिक क्षेत्र से जुड़े लोग उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे। उनका अंतिम संस्कार सोमवार दोपहर तीन बजे उनके पैतृक गांव सिलपटा(खैरथल-तिजारा) में किया जाएगा।
चार दशक से ज्यादा लंबा राजनीतिक सफर
डॉ. जसवंत यादव का राजनीतिक जीवन चार दशक से भी अधिक समय तक सक्रिय रहा। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय में छात्र राजनीति से अपने सफर की शुरुआत की थी। वे 1980 के दशक में विश्वविद्यालय के छात्र संघ उपाध्यक्ष चुने गए थे। वर्ष 1985 में उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर मुंडावर से विधानसभा चुनाव लड़ा, लेकिन हार गए। 1990 में तिजारा सीट पर उपचुनाव में भी उन्हें सफलता नहीं मिली।
1993 में वे अलवर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष नियुक्त हुए। इसके बाद उन्होंने भाजपा का दामन थामा। वर्ष 1998 में भाजपा के टिकट पर मुंडावर से चुनाव जीतकर पहली बार विधायक बने। वर्ष 1999 में अलवर लोकसभा सीट से सांसद निर्वाचित हुए। इसके बाद 2003 और 2013 में बहरोड़ विधानसभा सीट से भाजपा के टिकट पर जीत दर्ज की। वर्ष 2016 से 2018 तक वसुंधरा राजे सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाली। वर्ष 2018 उनके राजनीतिक सफर के लिए चुनौतीपूर्ण रहा। अलवर लोकसभा उपचुनाव और बहरोड़ विधानसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। हालांकि, वर्ष 2023 में उन्होंने फिर वापसी की और बहरोड़ सीट से जीत दर्ज कर चौथी बार विधायक बने।
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विधानसभा में संख्या 199 हुई, उपचुनाव की तैयारी
डॉ. यादव के निधन के बाद राजस्थान विधानसभा में विधायकों की संख्या घटकर 199 रह गई है। बहरोड़ विधानसभा सीट रिक्त होने के कारण अब अगले छह महीने के भीतर यहां उपचुनाव कराया जाना है। ऐसे में यह सीट भाजपा के लिए राजनीतिक और प्रतिष्ठा का विषय भी होगी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बहरोड़ विधायक एवं पूर्व मंत्री डॉ. जसवंत यादव के निधन पर व्यक्त किया गहरा शोक, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बहरोड़ विधायक एवं पूर्व मंत्री डॉ. जसवंत यादव के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. यादव का सम्पूर्ण जीवन क्षेत्र के विकास और जनसेवा के लिए समर्पित रहा। उनके जनकल्याणकारी कार्यों को सदैव याद किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने ईश्वर से दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देनेे तथा शोकाकुल परिजनों को इस दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है।
पूर्व सीएम गहलोत सहित नेताओं ने जताया शोक
डॉ. जसवंत यादव के निधन पर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शोक व्यक्त किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर यादव के साथ मुलाकात की तस्वीर साझा करते हुए लिखा कि वे अनुभवी नेता थे। गहलोत ने बताया कि पिछले दिनों चेन्नई में स्वास्थ्य लाभ के दौरान उनसे मुलाकात हुई थी। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने भी उनके निधन पर दुख जताया।
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चार दशक से ज्यादा लंबा राजनीतिक सफर
डॉ. जसवंत यादव का राजनीतिक जीवन चार दशक से भी अधिक समय तक सक्रिय रहा। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय में छात्र राजनीति से अपने सफर की शुरुआत की थी। वे 1980 के दशक में विश्वविद्यालय के छात्र संघ उपाध्यक्ष चुने गए थे। वर्ष 1985 में उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर मुंडावर से विधानसभा चुनाव लड़ा, लेकिन हार गए। 1990 में तिजारा सीट पर उपचुनाव में भी उन्हें सफलता नहीं मिली।
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1993 में वे अलवर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष नियुक्त हुए। इसके बाद उन्होंने भाजपा का दामन थामा। वर्ष 1998 में भाजपा के टिकट पर मुंडावर से चुनाव जीतकर पहली बार विधायक बने। वर्ष 1999 में अलवर लोकसभा सीट से सांसद निर्वाचित हुए। इसके बाद 2003 और 2013 में बहरोड़ विधानसभा सीट से भाजपा के टिकट पर जीत दर्ज की। वर्ष 2016 से 2018 तक वसुंधरा राजे सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाली। वर्ष 2018 उनके राजनीतिक सफर के लिए चुनौतीपूर्ण रहा। अलवर लोकसभा उपचुनाव और बहरोड़ विधानसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। हालांकि, वर्ष 2023 में उन्होंने फिर वापसी की और बहरोड़ सीट से जीत दर्ज कर चौथी बार विधायक बने।
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विधानसभा में संख्या 199 हुई, उपचुनाव की तैयारी
डॉ. यादव के निधन के बाद राजस्थान विधानसभा में विधायकों की संख्या घटकर 199 रह गई है। बहरोड़ विधानसभा सीट रिक्त होने के कारण अब अगले छह महीने के भीतर यहां उपचुनाव कराया जाना है। ऐसे में यह सीट भाजपा के लिए राजनीतिक और प्रतिष्ठा का विषय भी होगी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बहरोड़ विधायक एवं पूर्व मंत्री डॉ. जसवंत यादव के निधन पर व्यक्त किया गहरा शोक, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बहरोड़ विधायक एवं पूर्व मंत्री डॉ. जसवंत यादव के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. यादव का सम्पूर्ण जीवन क्षेत्र के विकास और जनसेवा के लिए समर्पित रहा। उनके जनकल्याणकारी कार्यों को सदैव याद किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने ईश्वर से दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देनेे तथा शोकाकुल परिजनों को इस दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है।
पूर्व सीएम गहलोत सहित नेताओं ने जताया शोक
डॉ. जसवंत यादव के निधन पर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शोक व्यक्त किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर यादव के साथ मुलाकात की तस्वीर साझा करते हुए लिखा कि वे अनुभवी नेता थे। गहलोत ने बताया कि पिछले दिनों चेन्नई में स्वास्थ्य लाभ के दौरान उनसे मुलाकात हुई थी। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने भी उनके निधन पर दुख जताया।