SMS इमरजेंसी में सामान्य व गंभीर मरीजों के लिए अलग होगी व्यवस्था, स्टाॅफ बढ़ाने का प्रस्ताव मांगा
एसएमएस अस्पताल की इमरजेंसी में सामान्य और गंभीर मरीजों के लिए अलग व्यवस्था होगी। बढ़ते मरीज भार को देखते हुए चिकित्सकों, नर्सिंग व पैरामेडिकल स्टाफ की संख्या बढ़ाई जाएगी
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प्रदेश के सबसे बड़े सवाई मानसिंह (एसएमएस) अस्पताल की इमरजेंसी में सामान्य और गंभीर मरीजों के इलाज के लिए अलग-अलग व्यवस्था की जाएंगी, जिससे भीड़ कम हो और गंभीर मरीजों को तुरंत एवं बेहतर उपचार मिल सके। चिकित्सा विभाग की प्रमुख सचिव गायत्री राठौड़ ने अस्पताल का दौरा करने के बाद यहां व्यवस्थाओं को बेहतर करने के लिए नए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश अस्पताल प्रशासन को दिए हैं। एमएसएम के साथ उन्होंने गणगौरी अस्पताल की व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया।
स्टाफ व बेड क्षमता बढ़ाने के लिए प्रस्ताव मांगा
एसएमएस में बढ़ते मरीज भार को देखते हुए राठौड़ ने चिकित्सकों, नर्सिंग व पैरामेडिकल स्टाफ की संख्या बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार करने को कहा। साथ ही बेड क्षमता, इमरजेंसी सेवाओं के विस्तार और अन्य आवश्यक संसाधनों की विस्तृत कार्ययोजना बनाने को कहा। उन्होंने मुफ्त दवा-नि:शुल्क जांच योजना तथा मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के संचालन की भी समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान प्रमुख सचिव ने ओपीडी में पंजीकरण, परामर्श और जांच के लिए लगने वाली बार-बार की कतारों को लेकर उन्होंने कहा कि तकनीक के माध्यम से ऐसी व्यवस्था बनाई जाए कि मरीजों को बार-बार कतार में न लगना पड़े। साथ ही मरीजों के परिजनों के लिए अन्नपूर्णा रसोई की व्यवस्था मजबूत करने और बैठने व पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
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निर्माणाधीन कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश
गणगौरी अस्पताल और महिला चिकित्सालय के निरीक्षण में उन्होंने इमरजेंसी, आईसीयू, पीआईसीयू, एनआईसीयू और प्रसूति कक्षों का जायजा लिया। तीनों अस्पतालों में विद्युत व्यवस्था का नियमित मॉनिटरिंग करने और विद्युत उपकरणों व वायरिंग को सुव्यवस्थित करने के निर्देश दिए। साथ ही निर्माणाधीन भवनों का कार्य जल्द पूरा कर मरीजों को सुविधा उपलब्ध कराने को कहा। लिया।
क्यू मैनेजमेंट सिस्टम होगा लागू
रोगियों ने बताया कि पहले उन्हें पर्ची के लिए लंबे समय तक लाइनों में खड़ा होकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता था। अब क्यू मैनेजमेंट सिस्टम लागू होने से बहुत कम समय में उनका पंजीकरण हो जाता है और जिस डॉक्टर को दिखाना होता है, उनके रूम के बाहर इंतजार करने के बजाय वे प्रतीक्षाकक्ष में आराम से बैठकर अपनी बारी का इंतजार करते हैं। एलईडी स्क्रीन पर अपना टोकन नंबर दिखाई देने पर चिकित्सक से परामर्श ले लेते हैं।
जल्द एसएमएस में भी होगा लागू
चिकित्सा शिक्षा सचिव ने कहा कि जयपुरिया एवं कांवटिया अस्पताल से इस तकनीकी नवाचार को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में प्रारंभ किया गया है। दोनों अस्पतालों में सफलतापूर्वक लागू होने के बाद अब मेडिकल कॉलेज से संबद्ध सभी अस्पतालों में क्यू मैनेजमेंट सिस्टम प्रारंभ किया जाएगा। सवाई मानसिंह अस्पताल में भी जल्द ही यह सिस्टम लागू हो जाएगा।