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Hindi News ›   Rajasthan ›   Jaipur News ›   Senior BJP leader Rajendra Rathore had a special conversation with Amar Ujala.

Rajasthan News: अमर उजाला से खास बातचीत में राजेंद्र राठौड़ ने कहा, 3 लाख 63 हजार का कर्ज, पिछली सरकार की देन

Sat, 16 Dec 2023 03:21 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: शबाहत हुसैन Updated Sat, 16 Dec 2023 03:21 PM IST
सार

Rajendra Rathore: प्रदेश में भाजपा के वरिष्ठ नेता राजेंद्र राठौड़ आर्थिक हालातों पर अपनी पकड़ मजबूत रखते हैं। नई सरकार बनने के बाद अमर उजाला ने उनसे खास बातचीत की। इस दौरान उन्होंने पिछली सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार के 30 हजार करोड़ के बिल ट्रेजरी में पेंडिंग पड़े हैं और जाते-जाते जो गारंटिंयां बांटी गई उसका 12 हजार करोड़ का बिल अभी आना बाकी है। अब इन गारंटियों का क्या होगा।
 

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Senior BJP leader Rajendra Rathore had a special conversation with Amar Ujala.
राजेंद्र राठौड़ से खास बातचीत - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजस्थान की सियासत पर जितनी मजबूत समझ राजेंद्र राठौड़ की है। उतनी ही मजबूत पकड़ इनकी आर्थिक हालातों पर भी है। वित्त विभाग के अफसरों ने राजस्थान को जिस आर्थिक अंधकार में धकेल दिया, उससे प्रदेश को बाहर निकालने के लिए नई सरकार के पास क्या रोड मैप है और जिम्मेदारों पर कब एक्शन होगा, इसे लेकर अमर उजाला ने बीजेपी के रणनीतिकार राजेंद्र राठौड़ से सीधी बात की।

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सवाल- अब सरकार के सामने क्या चुनौतियां है और पिछली सरकार कैसे हालात छोड़ कर गई है?

जवाब- लगभग 3 लाख 63 हजार का कर्ज, पिछली सरकार की देन है। हमारी जीएसडीपी का 42 प्रतिशत से ज्यादा कर्जा है। हाई फिस्कल स्ट्रेल में सरकार आ चुकी है और आर्थिक आपातकाल की तरफ बढ़ चुकी है। यह चुनौती हमें विरासत में मिली है। मेरी मांग है कि इस पर सरकार को श्वेतपत्र लाना चाहिए। लोकलुभावनी बातें कहना बड़ा आसान है। सरकार ने जो घोषणाएं की उनका बजटीय प्रावधान कहीं नजर नहीं आया। वोट की फसल लेने के लिए तीन महीने का प्रावधान करके जनता को गुमराह करने की कोशिश पिछली सरकार ने की है। हमारे नए ऊर्जावान सीएम से उम्मीद की जाती है कि राजस्थान की बिगड़ी अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने का प्रयास करेंगे।
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सवाल- विधानसभा चुनावों में केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री ने वादा किया था कि बीजेपी सत्ता में आती है तो पेट्रोल की कीमतें कम की जाएंगी। क्या राजस्थान अब इस हालत में है?

जवाब- एक वित्तीय जानकार के रूप में कहूं तो राजस्थान अभी इस हालत में कतई नहीं है। लेकिन अगर कोई वादा किया है तो बीजेपी की खूबी है कि वह जो कहती है वह करती है। तो निश्चित तौर पर राजस्थान के सीएम इस पर संज्ञान लेंगे इस पर मुझे पूरी उम्मीद है। लेकिन राजस्थान की वित्तीय स्थिति की बात करें तो इस वित्तीय वर्ष में मार्च 2024 तक सरकार अधिकतम 72 हजार करोड़ रुपए का कर्ज ले सकती थी, लेकिन दिसंबर से पहले ही यह 46 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा का कर्ज ले चुकी है।

सवाल- अमर उजाला ने यह खबर भी प्रकाशित की थी कि पिछली सरकार के 30 हजार करोड़ के बिल ट्रेजरी में पेंडिंग पड़े हैं और जाते-जाते जो गारंटिंयां बांटी गई उसका 12 हजार करोड़ का बिल अभी आना बाकी है। अब इन गारंटियों का क्या होगा?


जवाब- जनकल्याण के लिए जो योजना है, चाहे चिरंजीवी हो चाहे आरजीएचएस हो यह सरकार की बाध्यता है, लेकिन आप सही कह रहे हैं कि पिछली सरकार ने जो ताबड़तोड़ घोषणाएं की उनके 20 से 30 हजार करोड़ तक के बिल पहले से पेंडिंग पड़े है और जो घोषणाएं की उसके 10 से 12 हजार करोड़ के बिल आने बाकी है। इसके अलावा बिजली  कंपनियों की सब्सिडी की 26 हजार करोड़ की लायबिलिटी भी इस सरकार पर है।

सवाल- सरकार क्या इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों ने भी जवाबतलबी करेगी जिन्होंने राजस्थान को इस हालात में पहुंचाया है?

जवाब- निश्चित तौर पर जवाबदेही तय करेगी और करनी भी चाहिए। धोखा देने वाले अधिकारियों की जांच होनी चाहिए कि कैसे बिना बजट के उन्होंने घोषणाओं को आगे बढ़ा दिया। यही नहीं 10 हजार करोड़ रुपए के सीएसएस का पैसा भी पिछली सरकार ने अन्य जगहों पर खर्च कर डाला। एनपीएस पर सरकारी कर्मचारियों की 1000 करोड़ रुपए की कटौती भी  एनएसडीएल में जमा नहीं करवाई। यह पैसा कहां खर्च किया इसकी जांच होनी चाहिए।

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