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Jaipur: 'अस्पताल में व्हील चेयर की जगह दौड़ रहे स्कूटर, देश का बेहतर हेल्थ मॉडल', गहलोत पर बीजेपी ने कसा तंज

Sat, 17 Jun 2023 09:16 PM IST
अर्पित याज्ञनिक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: अर्पित याज्ञनिक Updated Sat, 17 Jun 2023 09:16 PM IST
सार

बीजेपी ने ट्वीट कर कहा कि बेहतर हेल्थ मॉडल का दावा करने वाली गहलोत सरकार के राज में अस्पताल में व्हीलचेयर तक नहीं हैं। पिता को अपने बेटे के इलाज के लिए स्कूटी पर लिफ्ट से वार्ड ले जाना पड़ रहा है।

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Scooters running instead of wheel chairs in Gehlot government
अस्पताल में स्कूटर लेकर जाता वकील - फोटो : Amar Ujala Digital

विस्तार

राजस्थान विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी कांग्रेस सरकार पर हमला करने का एक भी मौका नहीं छोड़ रही है। एक बार फिर बीजेपी अपने ट्वीट से कांग्रेस सरकार की स्वास्थ्य व्यवस्था पर बड़ा हमला बोला है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी और नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र सिंह राठौर ने अस्पताल की लिफ्ट में स्कूटर ले जाने के मामले का वीडियो ट्वीट किया है। मामला कोटा का है, जहां एक वकील अपना स्कूर लेकर अस्पताल के अंदर घुस गया था। वायरल वीडियो में एक वकील अपने बेटे को स्कूटर पर बैठाकर से अस्पताल की लिफ्ट में जाता दिख रहा है।

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बड़ी बातें और फर्जी दावों से चुनाव नहीं जीता जाता
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी ने भी वीडियो को ट्वीट कर गहलोत सरकार पर हमला बोलते हुए लिखा कि "यह दृश्य कोटा राजस्थान का है, जहां के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत  दावा करते हैं कि प्रत्येक परिवार को 25 लाख का फ्री इलाज देंगे, लेकिन विडंबना है कि अस्पताल में व्हील चेयर जैसी बेसिक सुविधा तक उपलब्ध नहीं है। बड़ी बातें और फर्जी दावों से चुनाव नहीं जीता जा सकता, जनता समझदार है।"
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खस्ताहाल हेल्थ सिस्टम की हकीकत
इस वीडियो को लेकर नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र सिंह राठौर ने गहलोत सरकार पर हमला बोलते हुए लिखा कि "देश में तथाकथित सबसे बेहतर हेल्थ मॉडल होने का दावा करने वाली गहलोत सरकार के सरकारी अस्पताल में व्हीलचेयर नहीं होने के अभाव में एक पिता को अपने बेटे को इलाज के लिए स्कूटी पर लिफ्ट से वार्ड तक ले जाना पड़ रहा है। गहलोत राज में खस्ताहाल हेल्थ सिस्टम की हकीकत साफ दिख रही है।"

ये है मामला
घटना के अनुसार अनुसार एडवोकेट मनोज जैन के पुत्र के पैर में फ्रैक्चर हुआ था। वो अस्पताल की तीसरी मंजिल पर एडमिट था। उसको नीचे लाना था। इस दौरान अस्पताल में व्हील चेयर नहीं मिली तो वकील ने अपने स्कूटर को अस्पताल की लिफ्ट में चढ़ा दिया। नजारा देखकर एमबीएस अस्पताल के कर्मचारी भौचक्के रह गए। बाद में पुलिस भी मौके पे पहुंच गई।


वकील ने कहा कि स्टाफ से पूछकर अंदर लाया स्कूटर
एडवोकेट मनोज जैन ने बताया कि अस्पताल में व्हीलचेयर नहीं होने के चलते उन्होंने ऐसा किया। उन्होंने बताया कि अस्पताल के कर्मचारी से पूछकर ही वो स्कूटर अंदर लेकर आया है। उसका स्कूटर इलेक्ट्रिक है आवाज नहीं करता। इसीलिए मैंने स्टाफ से पूछा तो उन्होंने अनुमति दी जिसके बाद मैं स्कूटर अंदर लेकर आया हूं।

गलतफहमी की वजह से यह घटना
वहीं, अस्पताल के उप अधीक्षक कर्नेश गोयल ने बताया कि अस्पताल के भीतर किसी तरह का भी वाहन लेकर आना मना है। उन्होंने बताया कि गलतफहमी की वजह से यह घटना हुई है। उन्होंने बताया कि अस्पताल में व्हीलचेयर कम मात्रा में उपलब्ध हैं।

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