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Kota: अस्पताल की तीसरी मंजिल पर स्कूटर लेकर पहुंचा वकील, स्टाफ ने किया हंगामा, जानिए क्या है मामला
Sat, 17 Jun 2023 08:32 PM IST
अर्पित याज्ञनिक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटा
Published by: अर्पित याज्ञनिक
Updated Sat, 17 Jun 2023 08:32 PM IST
सार
राजस्थान के कोटा संभाग के सबसे बडे़ अस्पताल में एक वकील अपने बेटे तीसरी मंजिल से लाने के लिए स्कूटर से पहुंच गया। अस्पताल में स्कूटर देख कर लोग दंग रह गए।
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अस्पताल में स्कूटर लेकर जाता वकील
- फोटो : Amar Ujala Digital
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विस्तार
राजस्थान के कोटा संभाग के सबसे बड़े अस्पताल एमबीएस में उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब एक वकील अस्पताल के अंदर स्कूर लेकर पहुंच गया। वकील स्कूटर को लिफ्ट के जरिए अस्पताल की तीसरी मंजिल तक ले गया। बताया गया कि बेटे को ऊपर से नीचे लाने के लिए वकील व्हील चेयर न मिलने की वजह से उसने ऐसा किया। इस बात की जानकारी जब अस्पताल के स्टाफ को लगी तो हंगामा हो गया। अस्पताल की इस अव्यवस्था को देख कर संभागीय आयुक्त ने भी नाराजगी जाहिर की है।
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जानकारी के अनुसार एडवोकेट मनोज जैन के पुत्र के पैर में फ्रैक्चर हुआ था। वो अस्पताल की तीसरी मंजिल पर एडमिट था। उसको नीचे लाना था। इस दौरान अस्पताल में व्हील चेयर नहीं मिली तो वकील ने अपने स्कूटर को अस्पताल की लिफ्ट में चढ़ा दिया। नजारा देखकर एमबीएस अस्पताल के कर्मचारी भौचक्के रह गए। बाद में पुलिस भी मौके पे पहुंच गई।
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वकील ने कहा कि स्टाफ से पूछकर अंदर लाया स्कूटर
एडवोकेट मनोज जैन ने बताया कि अस्पताल में व्हीलचेयर नहीं होने के चलते उन्होंने ऐसा किया। उन्होंन बताया कि अस्पताल के कर्मचारी से पूछकर ही वो स्कूटर अंदर लेकर आया है। उसका स्कूटर इलेक्ट्रिक है आवाज नहीं करता। इसीलिए मैंने स्टाफ से पूछा तो उन्होंने अनुमति दी जिसके बाद मैं स्कूटर अंदर लेकर आया हूं।
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गलतफहमी की वजह से हुई घटना
वहीं, अस्पताल के उप अधीक्षक कर्नेश गोयल ने बताया कि अस्पताल के भीतर किसी तरह का भी वाहन लेकर आना मना है। उन्होंने बताया कि गलतफहमी की वजह से यह घटना हुई है। उन्होंने बताया कि अस्पताल में व्हीलचेयर कम मात्रा में उपलब्ध हैं।