Mohan Bhagwat: RSS प्रमुख बोले- राष्ट्रवाद खतरनाक है... महायुद्ध इसी कारण हुए, कमजोर राष्ट्रों पर संकट भी बढ़ा
Jaipur News: जयपुर में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि राष्ट्रवाद से युद्ध पैदा हुए, जबकि अंतरराष्ट्रीयवाद की बात करने वाले भी अपने राष्ट्रीय हित को प्राथमिकता देते हैं। शक्तिशाली देशों के संघर्ष से कमजोर राष्ट्र प्रभावित हो रहे हैं और वैश्विक समस्याओं के समाधान के लिए दुनिया भारत की ओर देख रही है।
विस्तार
जयपुर में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि दुनिया में युद्ध होने का एक कारण राष्ट्रवाद भी रहा है, जिसके बाद वैश्विक नेताओं ने अंतरराष्ट्रीयवाद की बात शुरू की। लेकिन उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीयवाद की बात करने वाले भी अपने राष्ट्र के हित को सर्वोपरि रखते हैं। भागवत ने कहा कि आज सबसे अधिक संघर्ष शक्तिशाली देशों के बीच है और इसका खामियाजा कमजोर देशों को भुगतना पड़ रहा है।
#WATCH Jaipur, Rajasthan: RSS chief Mohan Bhagwat says, "... Wars happen because of nationalism, so global leaders started talking about internationalism. But we saw the ones who talk about internationalism, keep the interest of their nation paramount... The powerful are… pic.twitter.com/qQzrQHVbyZ
— ANI (@ANI) November 15, 2025विज्ञापन
उन्होंने आगे कहा कि वर्तमान वैश्विक चुनौतियों के बीच दुनिया समाधान की उम्मीद से भारत की ओर देख रही है। उनका कहना था कि भारत की विचारधारा और दृष्टिकोण विश्व को रास्ता दिखाने में सक्षम है।
‘सनातन विचार ही एकात्म मानव दर्शन’
जयपुर में आयोजित दीनदयाल स्मृति व्याख्यान कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने कहा कि सनातन विचार को पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने देश, काल और परिस्थितियों के अनुसार 'एकात्म मानव दर्शन' नाम देकर प्रस्तुत किया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह विचार नया नहीं है बल्कि छह दशक बाद भी विश्व के लिए अत्यंत प्रासंगिक है। उन्होंने कहा कि एकात्म मानव दर्शन का सार एक शब्द में ‘धर्म’ है, जिसका अर्थ किसी मत-पंथ से नहीं बल्कि सभी की धारणा से है।
‘सनातन विचार नहीं बदला, वही एकात्म मानव दर्शन का आधार’
डॉ. भागवत ने कहा कि भारतीय जहां भी गए, उन्होंने किसी को लूटा नहीं, बल्कि सबको सुख देने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि देश में रहन-सहन और जीवनशैली में भले ही परिवर्तन आया हो, पर सनातन विचार कभी नहीं बदला। उन्होंने बताया कि एकात्म मानव दर्शन का आधार यह है कि सुख बाहरी सुविधाओं में नहीं, बल्कि मन के भीतर होता है और इसी समझ के साथ पूरा विश्व एकात्म दिखाई देता है। उन्होंने यह भी कहा कि इस दर्शन में किसी प्रकार का अतिवाद नहीं है।
विज्ञान, अर्थव्यवस्था और सामाजिक संरचना पर विचार
उन्होंने कहा कि शरीर, मन और बुद्धि इनकी सत्ता की मर्यादा समझते हुए सभी के हित में अपना विकास करना आवश्यक है। उन्होंने दावा किया कि विश्व में आर्थिक अस्थिरता कई बार देखने को मिलती है, पर भारत पर इसका असर कम होता है क्योंकि भारतीय अर्थव्यवस्था की नींव परिवार व्यवस्था पर टिकी है।
यह भी पढ़ें- Rajasthan News: लापता भाई का हमशक्ल ढूंढा, दोस्ती गांठी... फिर कर दी हत्या; 60 लाख का बीमा हड़पने के लिए अपराध
विज्ञान की प्रगति पर उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि भौतिक सुविधाएं बढ़ने के बावजूद मनुष्य के मन में शांति और संतोष नहीं बढ़ा है। दवाइयों की बढ़ती संख्या के बावजूद स्वास्थ्य बेहतर नहीं हुआ और कुछ बीमारियों का कारण स्वयं दवाइयां बन रही हैं।
डॉ. भागवत ने कहा कि विश्व में चार प्रतिशत जनसंख्या 80 प्रतिशत संसाधनों का उपयोग करती है, जिससे विकसित और अविकसित देशों के बीच अंतर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि भारत में प्रारंभ से ही विविधता रही है, लेकिन यहां विविधता कभी संघर्ष का कारण नहीं बनी, बल्कि उत्सव का विषय रही। उन्होंने कहा कि भारत ही ऐसा देश है जो शरीर, मन, बुद्धि और आत्मा चारों के सुख की अवधारणा को समझता है, जबकि दुनिया केवल अलग-अलग स्तरों पर सुख की बात करती है।
कार्यक्रम में प्रमुख हस्तियों की उपस्थिति
कार्यक्रम की प्रस्तावना अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान के अध्यक्ष डॉ. महेश शर्मा ने रखी। उन्होंने कहा कि संपूर्ण सृष्टि एकात्म है और वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर पूरा गीत गाना आवश्यक है।
कार्यक्रम में राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी, उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा, पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़, मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा, राज्यवर्धन राठौड़, राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी सहित कई गणमान्य उपस्थित रहे। धन्यवाद ज्ञापन स्वास्थ्य कल्याण ग्रुप के निदेशक डॉ. एस.एस. अग्रवाल ने किया और संचालन डॉ. नर्बदा इंदौरिया ने किया।
यह भी पढ़ें- ‘मासियों ने पैरों से कुचलकर की हत्या’: 15 दिन के मासूम की संदिग्ध मौत, पिता ने बताई दिल दहलाने वाली बात
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.