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Republic Day Exclusive: देश के असली हीरो ने रखा तिरंगे का मान, सेकंड्स में पोल पर चढ़कर दूर की रुकावट
Fri, 26 Jan 2024 01:27 PM IST
प्रिया वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: प्रिया वर्मा
Updated Fri, 26 Jan 2024 01:27 PM IST
सार
Jaipur: गणतंत्र दिवस के मौके पर आज जब राजस्थान में हर सरकारी और अन्य प्रमुख भवनों पर तिरंगा फहराने का समारोह चल रहा था तभी पूर्व एनएसजी कमांडो कानसिंह रूपावत ने कुछ ऐसा किया कि देखने वालों का सीधा गर्व से चौड़ा हो गया।
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एनएसजी कमांडो कानसिंह रूपावत
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
कहते हैं कि वन्स ए सोल्जर ऑल्वेज सोल्जर। यह सिर्फ कोरी कहावत नहीं है, देश के जांबाज एनएसजी कमांडो कानसिंह रूपावत ने आज गणतंत्र दिवस के मौके पर इस जज्बे को दिखा भी दिया। रवींद्र मंच पर झंडारोहण के समय पोल पर ध्वज अटक गया। इस पर कानसिंह ने कुछ ही सेकंड्स में हाथों के बल पोल पर चढ़ रुकावट दूर कर दी।
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जयपुर के रवींद्र मंच पर झंडारोहण के कार्यक्रम के दौरान पोल पर रस्सी से बंधा ध्वज अटक गया। इस पर यहां के ही गार्ड, जो एनएसजी में कैप्टन रह चुके हैं, बिना एक पल गंवाए हाथों के बल पोल पर चढ़ गए और उलझी रस्सी को खोल दिया। इसके बाद शान से तिरंगा फहराया गया, वहां मौजूद लोगों ने इस सैनिक की सम्मान में भी जमकर तालियां बजाईं। ये हमारी भारतीय सेना का अनुशासन है कि यहां से रिटायर होने के बाद भी पूर्व सैनिक भले ही कोई और जिम्मेदारी निभाए लेकिन हर पल उस अनुशासन और समर्पण की डोर से बंधे रहते हैं, जो उन्हें ट्रेनिंग में दी गई थी।
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कैप्टन कानसिंह रूपावत, थ्री ग्रेनेडियर से रिटायर
अमर उजाला ने इसके बाद कैप्टन कानसिंह से एक्सक्लूसिव बातचीत की। उन्होंने बताया कि वे थ्री ग्रेनेडियर में कैप्टन के पद से रिटायर हैं। इसके साथ ही वे एनएसजी के स्पेशल एक्शन ग्रुप का हिस्सा रहे हैं, जिनका काम काउंटर हाईजैकिंग का रहा है। उन्होंने साढ़े चार साल एनएसजी में काम किया है। कानसिंह ने बताया कि एनएसजी के कमांडो कोर्स के दौरान ही उन्हें बाजू के बल चढ़ना सिखाया गया था। मुंबई के होटल ताज में हुए आतंकी हमले के समय वहां पहुंचने वाली एनएसजी की टुकड़ी में वे भी शामिल थे। उन्होंने कहा कि हम हेलीकॉप्टर के जरिए छत से नीचे उतरकल हमने आतंकियों को घेरा था।