आरसीए की वोटर लिस्ट से छिड़ा विवाद: तीन ऐसे जिला संघों की एंट्री, जिनकी संबद्धता हो चुकी है निरस्त
आरसीए की वोटर लिस्ट में तीन नए जिला क्रिकेट संघों की एंट्री पर विवाद है। इनकी संबद्धता निरस्त हो चुकी है और एजीएम से औपचारिक मंजूरी भी नहीं मिली थी।
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राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (आरसीए) की चुनावी मतदाता सूची में तीन नए जिला क्रिकेट संघों को अचानक मताधिकार मिलने से सवाल खड़े हो गए हैं। खैरथल-तिजारा, बालोतरा और डीडवाना-कुचामन जिला क्रिकेट संघों को करीब तीन साल पहले पंजीकृत किया गया था, लेकिन इन संघों को आरसीए की एजीएम से औपचारिक मान्यता नहीं मिली। इसके बावजूद अब इन्हें चुनावी मतदाता सूची में शामिल कर वोट का अधिकार दिया गया है।
मामला इसलिए भी अहम है क्योंकि इन तीनों संघों ने पंजीकरण के बाद आरसीए की किसी क्रिकेट गतिविधि में हिस्सा नहीं लिया। वहीं, आरसीए की एडहॉक कमेटी पहले ही नए जिलों को जारी किए गए अनधिकृत संबद्धता प्रमाण पत्रों को निरस्त कर चुकी है। ऐसे में इन संघों के मतदाता सूची में शामिल होने पर दूसरे जिला क्रिकेट संघों के बीच सवाल उठ रहे हैं।
2023 में हुआ था तीनों संघों का पंजीकरण
राज्य सरकार ने अगस्त 2023 में 17 नए जिलों के गठन की घोषणा की थी। इसके बाद कई जिलों में जिला क्रिकेट संघ बनाने की प्रक्रिया शुरू हुई। इसी दौरान खैरथल-तिजारा जिला क्रिकेट संघ का पंजीकरण 29 नवंबर 2023 को हुआ, जबकि बालोतरा और डीडवाना-कुचामन जिला क्रिकेट संघों का पंजीकरण 4 दिसंबर 2023 को किया गया।
इसी दौरान कोटपूतली-बहरोड़, सलूंबर, डीग और फलौदी समेत कुछ अन्य नए जिलों में भी जिला क्रिकेट संघों के पंजीकरण के लिए आवेदन किए गए थे। हालांकि, प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी।
नए जिलों में खेल संघों के पंजीकरण पर लग गई थी रोक
तत्कालीन रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां मेघराज सिंह रत्नू ने 5 दिसंबर 2023 को आदेश जारी कर नए जिलों में खेल संघों के पंजीकरण पर रोक लगा दी थी। इस बीच गंगापुर सिटी और नीम का थाना जिला क्रिकेट संघों का पंजीकरण क्रमश: 1 और 4 दिसंबर 2023 को हुआ था। बाद में दोनों जिले ही समाप्त कर दिए गए।
इसी तरह अनूपगढ़, दूदू, केकड़ी, सांचौर और शाहपुरा में भी जिला क्रिकेट संघ बनाने की प्रक्रिया शुरू हुई थी और इनके पंजीकरण आवेदन सहकारिता विभाग तक पहुंचे थे, लेकिन बाद में जिलों के अस्तित्व में नहीं रहने के कारण प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी।
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आरसीए ने खुद मान्यता प्रमाण पत्र कर दिए थे निरस्त
मामले में आरसीए की 17 जुलाई 2025 की एडहॉक कमेटी की बैठक का फैसला भी महत्वपूर्ण है। बैठक के एजेंडा नंबर 12 में नए जिलों को जारी किए गए अनधिकृत और अवैध संबद्धता प्रमाण पत्रों की समीक्षा की गई थी।
कमेटी ने माना था कि इन संबद्धताओं को देते समय निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। मामला न तो प्रबंध कार्यकारिणी समिति के सामने रखा गया और न ही एजीएम में पेश किया गया। इसके आधार पर कमेटी ने ऐसे संबद्धता प्रमाण पत्रों को अनधिकृत मानते हुए तत्काल निरस्त करने का फैसला लिया था। इसके बाद 5 सितंबर 2025 को हुई आरसीए की एजीएम में भी इस फैसले की पुष्टि कर दी गई।
अब सवाल यही है कि जिन जिला क्रिकेट संघों की संबद्धता को प्रक्रिया का पालन नहीं होने के आधार पर निरस्त किया जा चुका है, उन्हें आरसीए की मौजूदा चुनावी मतदाता सूची में किस आधार पर मताधिकार दिया गया। इसको लेकर दूसरे जिला क्रिकेट संघों के बीच असंतोष और सवाल दोनों बढ़ रहे हैं।