क्राइम: राजस्थान छोड़ बदली पहचान, मंदसौर में फर्नीचर का काम कर रहा एक लाख का इनामी तस्कर एएनटीएफ के हत्थे चढ़ा
राजस्थान छोड़कर पहचान बदली और मंदसौर में फर्नीचर का काम करने लगा एक लाख का इनामी तस्कर विश्नाराम, ANTF ने घेराबंदी कर गिरफ्तार किया।
विस्तार
राजस्थान पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने लंबे समय से फरार चल रहे एक लाख रुपये के इनामी मादक पदार्थ तस्कर विश्नाराम को मध्यप्रदेश के मंदसौर से गिरफ्तार किया है। पुलिस से बचने के लिए आरोपी ने राजस्थान छोड़ दिया था और मध्यप्रदेश में अपनी पहचान छिपाकर फर्नीचर का काम करने लगा था। इसके बावजूद ANTF उसकी तलाश में जुटी रही और आखिरकार उसे दबोच लिया।
ANTF महानिरीक्षक विकास कुमार ने बताया कि पुलिस मुख्यालय की ओर से घोषित एक लाख रुपये के इनामी आरोपी विश्नाराम पुत्र मदराम, उम्र 32 वर्ष, निवासी कुड़ला, तहसील बाड़मेर, थाना रीको बाड़मेर को ऑपरेशन मद्देश के तहत मंदसौर जिले से पकड़ा गया।
12 साल से अपराध की दुनिया में सक्रिय
पुलिस के अनुसार विश्नाराम करीब 12 वर्षों से आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा है। उसके खिलाफ राजस्थान के अलग-अलग थानों में डेढ़ दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं। इनमें एनडीपीएस एक्ट के अलावा मारपीट, हत्या का प्रयास, आर्म्स एक्ट, चोरी और धोखाधड़ी जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं।
पुलिस के मुताबिक आरोपी ने 12वीं तक पढ़ाई की थी। इसके बाद वह पाइपलाइन कंपनी में ड्राइविंग का काम करने लगा। इस दौरान उसकी मुलाकात मादक पदार्थ तस्करों से हुई और धीरे-धीरे वह तस्करी के नेटवर्क में शामिल हो गया। शुरुआत में वह तस्करों के साथ खलासी के रूप में जाने लगा और बाद में खुद मादक पदार्थ खरीदकर उसकी सप्लाई करने लगा।
दादा की नशे की लत ने तस्करी की राह पर धकेला
ANTF के अनुसार विश्नाराम के दादा डोडा-पोस्त का नशा करते थे। परिवार की आर्थिक स्थिति भी अच्छी नहीं थी। आरोपी पहले अपने दादा के लिए थोड़ी मात्रा में डोडा-पोस्त लाने लगा। इसी दौरान उसका संपर्क नीमच और मध्यप्रदेश के तस्करों से हुआ और अधिक कमाई के लालच में वह खुद तस्करी करने लगा।
धीरे-धीरे उसने राजस्थान और मध्यप्रदेश के बीच अपना नेटवर्क तैयार कर लिया। बाद में हरियाणा के तस्करों से भी उसका संपर्क हो गया। पुलिस के अनुसार वह मारवाड़ क्षेत्र में मादक पदार्थ की बड़ी मात्रा में सप्लाई करने लगा।
पुलिस से बचने के लिए जोधपुर में बदलता रहा ठिकाने
वांछित होने के बाद विश्नाराम ने पुलिस से बचने के लिए जोधपुर में किराए का मकान लिया। वह समय-समय पर रिश्तेदारों के यहां ठिकाने बदलकर फरारी काटता रहा। राजस्थान में लगातार दबिश पड़ने से उसे गिरफ्तारी का डर सताने लगा।
इसके बाद उसने राजस्थान छोड़कर मध्यप्रदेश को सुरक्षित ठिकाना समझा और मंदसौर पहुंच गया। वहां उसने अपनी पहचान छिपाने के लिए फर्नीचर का काम शुरू कर दिया और स्थानीय स्तर पर सामान्य कारोबारी की तरह रहने लगा।
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फर्नीचर कारीगरों के जरिए पहुंची ANTF
ANTF को सूचना मिली कि विश्नाराम मंदसौर में छिपकर फर्नीचर का काम कर रहा है। जानकारी जुटाने पर पता चला कि उसने राजस्थान के जोधपुर से भी कुछ फर्नीचर कारीगरों को मध्यप्रदेश बुलाया है।
टीम ने इन कारीगरों की गतिविधियों पर नजर रखी और उनके जरिए आरोपी के ठिकाने तक पहुंची। जांच के दौरान पता चला कि विश्नाराम मंदसौर जिले के पिपलियामंडी थाना क्षेत्र के उमरिया गांव में अपने तस्कर साथी के चाचा के मकान पर मौजूद है।
तस्कर दोस्तों के साथ पार्टी करते पकड़ा
ANTF की टीम जब उमरिया गांव पहुंची तो विश्नाराम अपने तस्कर साथी के चाचा के मकान पर दोस्तों और फर्नीचर कारीगरों के साथ पार्टी कर रहा था। टीम ने घेराबंदी कर उसे मौके से गिरफ्तार कर लिया। ANTF महानिरीक्षक विकास कुमार ने बताया कि कार्रवाई में शामिल सभी टीमों को विशेष कार्यक्रम के दौरान ANTF मुख्यालय में सम्मानित किया जाएगा।
तीन राज्यों तक फैला था नेटवर्क
पुलिस के मुताबिक विश्नाराम का नेटवर्क राजस्थान, मध्यप्रदेश और हरियाणा तक फैला था। उसके खिलाफ राजस्थान के कई जिलों में मामले दर्ज हैं, जबकि मध्यप्रदेश में भी मादक पदार्थ तस्करी से जुड़े मामलों में उसकी भूमिका सामने आई है।
ANTF ने आम लोगों से अपील की है कि किसी अपराधी या मादक पदार्थ तस्करी से जुड़ी जानकारी ANTF कंट्रोल रूम 0141-2502877 या व्हाट्सऐप नंबर 9261225056 पर दी जा सकती है। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।