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Crime Alert: सावधान- इनकम टैक्स रिफंड के नाम पर हो रही है ऑनलाइन ठगी-साइबर अपराधी बना रहे निशाना
Mon, 11 Aug 2025 08:31 AM IST
सौरभ भट्ट
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: सौरभ भट्ट
Updated Mon, 11 Aug 2025 08:31 AM IST
सार
साइबर अपराधी टैक्स रिफंड, पैन-आधार लिंकिंग और प्रोफाइल सत्यापन जैसे बहाने बनाकर आम जनता को निशाना बना रहे हैं। साइबर ठग फर्जी मैसेज और कॉल के जरिए बताते हैं कि टैक्स रिफंड रुका हुआ है
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इनकम टैक्स रिटर्न के नाम पर साइबर ठगी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
विस्तार- राजस्थान में साइबर ठगी को लेकर राजस्थान पुलिस की साइबर सेल ने एक और चेतावनी जारी की है। इन दिनों इनकम टैक्स रिटर्न के नाम पर लोगों से धोखाधड़ी कर रहे हैं। साइबर शाखा ने लोगों को सलाह दी है इस तरह की किसी भी फर्जी ईमेल, SMS और लिंक से दूर रहें। साइबर अपराधी टैक्स रिफंड, पैन-आधार लिंकिंग और प्रोफाइल सत्यापन जैसे बहाने बनाकर आम जनता को निशाना बना रहे हैं।
ठगी के आम तरीके:
1. फर्जी मैसेज और कॉल: अपराधी फर्जी ईमेल, एसएमएस और कॉल के जरिए बताते हैं कि आपका टैक्स रिफंड रुका हुआ है या आपने गलत ITR भरा है। वे आपको एक लिंक पर क्लिक करने के लिए कहते हैं, जो आपको एक नकली वेबसाइट पर ले जाता है।
2. फिशिंग वेबसाइट: ये लिंक आपको आयकर विभाग की आधिकारिक वेबसाइट incometax.gov.in जैसी दिखने वाली नकली साइट पर ले जाते हैं। यहाँ आपसे पैन, आधार, बैंक डिटेल्स, ओटीपी और लॉगिन पासवर्ड जैसी संवेदनशील जानकारी मांगी जाती है।
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3. मालवेयर वाले अटैचमेंट: कुछ ईमेल में ITR की रसीद के रूप में खतरनाक फाइलें (APK) होती हैं, जिन्हें डाउनलोड करने पर आपके फोन या कंप्यूटर में वायरस आ सकता है।
4. सोशल मीडिया स्कैम: व्हाट्सएप और अन्य सोशल मीडिया पर तत्काल रिफंड का दावा करने वाले फर्जी संदेश भेजे जाते हैं, जिनमें नकली लोगो या QR कोड का इस्तेमाल किया जाता है।
ये भी पढ़ें: Jhunjhunu News: पीएम फसल बीमा योजना का राष्ट्रीय डीबीटी कार्यक्रम 11 अगस्त को, लाखों किसानों को मिलेगा लाभ
खुद को कैसे बचाएं :
हमेशा रहें सतर्क: ITR से जुड़ी सेवाओं के लिए सिर्फ आधिकारिक वेबसाइट incometax.gov.in का ही उपयोग करें।
जांच करें: किसी भी ईमेल या संदेश पर भरोसा करने से पहले, भेजने वाले के ईमेल पते की अच्छी तरह से जांच कर लें।
जानकारी साझा न करें: किसी भी अनजान व्यक्ति को अपना ओटीपी, पैन नंबर, आधार नंबर, या कोई भी निजी जानकारी कभी न दें।
लिंक पर क्लिक न करें: अनजान या संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें।
UPI/QR कोड स्कैन न करें: किसी भी अज्ञात क्यूआर कोड या यूपीआई लिंक के जरिए रिफंड पाने की कोशिश न करें। अगर आप साइबर धोखाधड़ी के शिकार हो जाते हैं, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। आप साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (https://cybercrime.gov.in) पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं या हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर सकते हैं। इसके अलावा, आप नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर हेल्पडेस्क नंबर 9256001930/9257510100 पर भी संपर्क कर सकते हैं।
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ठगी के आम तरीके:
1. फर्जी मैसेज और कॉल: अपराधी फर्जी ईमेल, एसएमएस और कॉल के जरिए बताते हैं कि आपका टैक्स रिफंड रुका हुआ है या आपने गलत ITR भरा है। वे आपको एक लिंक पर क्लिक करने के लिए कहते हैं, जो आपको एक नकली वेबसाइट पर ले जाता है।
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2. फिशिंग वेबसाइट: ये लिंक आपको आयकर विभाग की आधिकारिक वेबसाइट incometax.gov.in जैसी दिखने वाली नकली साइट पर ले जाते हैं। यहाँ आपसे पैन, आधार, बैंक डिटेल्स, ओटीपी और लॉगिन पासवर्ड जैसी संवेदनशील जानकारी मांगी जाती है।
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3. मालवेयर वाले अटैचमेंट: कुछ ईमेल में ITR की रसीद के रूप में खतरनाक फाइलें (APK) होती हैं, जिन्हें डाउनलोड करने पर आपके फोन या कंप्यूटर में वायरस आ सकता है।
4. सोशल मीडिया स्कैम: व्हाट्सएप और अन्य सोशल मीडिया पर तत्काल रिफंड का दावा करने वाले फर्जी संदेश भेजे जाते हैं, जिनमें नकली लोगो या QR कोड का इस्तेमाल किया जाता है।
ये भी पढ़ें: Jhunjhunu News: पीएम फसल बीमा योजना का राष्ट्रीय डीबीटी कार्यक्रम 11 अगस्त को, लाखों किसानों को मिलेगा लाभ
खुद को कैसे बचाएं :
हमेशा रहें सतर्क: ITR से जुड़ी सेवाओं के लिए सिर्फ आधिकारिक वेबसाइट incometax.gov.in का ही उपयोग करें।
जांच करें: किसी भी ईमेल या संदेश पर भरोसा करने से पहले, भेजने वाले के ईमेल पते की अच्छी तरह से जांच कर लें।
जानकारी साझा न करें: किसी भी अनजान व्यक्ति को अपना ओटीपी, पैन नंबर, आधार नंबर, या कोई भी निजी जानकारी कभी न दें।
लिंक पर क्लिक न करें: अनजान या संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें।
UPI/QR कोड स्कैन न करें: किसी भी अज्ञात क्यूआर कोड या यूपीआई लिंक के जरिए रिफंड पाने की कोशिश न करें। अगर आप साइबर धोखाधड़ी के शिकार हो जाते हैं, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। आप साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (https://cybercrime.gov.in) पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं या हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर सकते हैं। इसके अलावा, आप नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर हेल्पडेस्क नंबर 9256001930/9257510100 पर भी संपर्क कर सकते हैं।