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Rajasthan Phone Tapping: सीएम गहलोत के OSD को राहत, दिल्ली हाईकोर्ट में नौ अगस्त तक टली सुनवाई
Thu, 01 Jun 2023 08:00 AM IST
अरविंद कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: अरविंद कुमार
Updated Thu, 01 Jun 2023 08:00 AM IST
सार
राजस्थान में सियासी संकट के बाद फोन टैपिंग मामले में सीएम अशोक गहलोत के ओएसडी लोकेश शर्मा को दिल्ली हाईकोर्ट से राहत मिली है। उनकी गिरफ्तारी पर फिलहाल रोक बरकरार रहेगी। नौ अगस्त को मामले की अगली सुनवाई होगी।
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सीएम अशोक गहलोत के ओएसडी लोकेश शर्मा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मार्च 2021 में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने दिल्ली में सीएम अशोक गहलोत के OSD लोकेश शर्मा के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। मामले में बुधवार को दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। हाईकोर्ट का रोस्टर बदलने से जज जसमीत सिंह की जगह जज विकास महाजन ने मामले को सुना।
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लोकेश शर्मा के वकील ने जानकारी देते हुए बताया कि राजस्थान सीएम के ओएसडी के खिलाफ केस है, जिसमें एक इन्वेस्टिगेशन राजस्थान में चल रही है, और वहां भी एफआईआर दर्ज है। उसी फोन टैपिंग मामले में केंद्रीय मंत्री शेखवात ने दिल्ली में एफआईआर दर्ज करवाई है। शर्मा की तरफ़ से उस एफआईआर को क्वेश करने की याचिका है। एफआईआर को खारिज करने का ग्राउंड राजस्थान में पहले से लोकेश शर्मा के खिलाफ दर्ज मामले को बताया गया।
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'इन्वेस्टिगेशन में सहयोग नहीं किया जा रहा'
एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (ASG) संजय जैन ने इसका विरोध करते हुए कहा कि इस मामले में एलिगेशन इललीगल फोन टैपिंग के हैं और आरोप लगाया कि इन्वेस्टिगेशन में सहयोग नहीं किया जा रहा है। हमने पुलिस अधिकारी को फ़ोन टैपिंग को लेकर डिटेल्स देने के लिए लैटर (41 A नोटिस) भेजे हैं। लेकिन वहां से मैनिपुलेशन हुआ और एड्रेस चेंज कर दिया गया। पता गलत था, जिससे वो एनवलप वापस आ गया। इस तरह की घटनाएं हो रही हैं, जांच में सहयोग नहीं किया जा रहा, इसलिए मैटर में अर्जेन्ट सुनवाई आवश्यक है। मांग की कि सुनवाई के समय राजस्थान स्टेट से कोई अधिकारी यहां कोर्ट में होना चाहिए। जैन ने जोर देते हुए कहा हम इन्वेस्टिगेशन एजेंसी हैं और जांच के लिए एन्टाइटल्ड हैं। जांच में स्टेट मशीनरी यदि बिल्कुल रेस्पोंड नहीं कर रही, तो यह मिसचीव प्ले है।
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याचिका एफआईआर को ख़ारिज करने और राजस्थान ट्रांसफर करने की है...
जवाब में सीएम ओएसडी लोकेश शर्मा की तरफ से सीनियर एडवोकेट ने कहा कि हमारी याचिका इस एफआईआर को ख़ारिज करने की है, हम नहीं चाहते राजस्थान और दिल्ली में इस मैटर पर झगड़े के बीच यह याचिका साइड में चली जाए, दिल्ली में एजेंसी और स्टेट मशीनरी का अपना काम है, लेकिन याचिका एफआईआर को ख़ारिज करने के लिए है। वकील ने कहा कि मामला राजस्थान का है और कोई दिल्ली में केस दर्ज करा देता है, उन्होंने मांग की एफआईआर को राजस्थान ट्रांसफर किया जाए। पहली प्रार्थना इसे क्वेश करने की और नहीं हो तो ट्रांसफर करने की है।
अमित शाह, अर्नब गोस्वामी जैसे जजमेंट का हवाला...
लोकेश शर्मा के वकील ने उदाहरण देते हुए कहा कि अमित शाह, अर्नब गोस्वामी जैसे जजमेंट बताते हैं कि समान एलिगेशन में यदि पर्टिकुलर स्टेट में पहले से एफआईआर पेंडिंग है तो दूसरी क्वेश या ट्रांसफर की जा सकती है। अब मामले में अगली सुनवाई नौ अगस्त को होगी। तब तक लोकेश शर्मा की गिरफ़्तारी पर रोक रहेगी।