{"_id":"653a51555bdec3aade09dc3a","slug":"rajasthan-paper-leak-ed-s-entry-at-congress-hideouts-amid-elections-2023-10-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rajasthan Paper Leak: चुनाव के बीच ED की एंट्री; हाथ लगे अहम सुराग, जानिए डोटासरा और हुडला कब आए निशाने पर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rajasthan Paper Leak: चुनाव के बीच ED की एंट्री; हाथ लगे अहम सुराग, जानिए डोटासरा और हुडला कब आए निशाने पर
Thu, 26 Oct 2023 05:35 PM IST
अर्पित याज्ञनिक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: अर्पित याज्ञनिक
Updated Thu, 26 Oct 2023 05:35 PM IST
सार
राजस्थान में विधानसभा चुनावों के बीच ईडी की इंट्री हो गई है। गुरुवार को ईडी ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और महवा विधायक ओम प्रकाश हुडला और उनके सहयोगी राजेंद्र गुप्ता, सुभाष बालाहेडी, बिजनेस सहयोगियों के ठिकानों पर छापे मारे गए।
विज्ञापन
ईडी की रेड
- फोटो : Amar Ujala Digital
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पेपर लीक मामले में मनी लॉन्डरिंग प्रकरण में ईडी पहले ही भूपेंद्र सारण को गिरफ्तार कर चुकी है, लेकिन यह कार्रवाई सबसे अहम मानी जा रही है। अब तक डोटासरा के परिवार का नाम पेपर लीक में सीधे तौर पर नहीं जुड़ा था, लेकिन आज की कार्रवाई से यह तय हो गया है कि ईडी को इस मामले में कुछ पुख्ता सबूत मिल चुके हैं। सूत्रों के मुताबिक ईडी ने डोटासरा के आरएएस पुत्र का मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया है।
विज्ञापन
यहां से हुई शुरुआत
24 दिसंबर 2022 को वरिष्ठ अध्यापक भर्ती परीक्षा का पेपर था। सुबह उदयपुर पुलिस को सूचना मिली कि बस में अभ्यथियों के पास पेपर हैं। इसके बाद पुलिस ने बस का पीछा किया और जिले के बेकरिया थाना क्षेत्र में बस को रोका। अभ्यर्थी बस में बैठकर पेपर सॉल्व कर रहे थे। उस पेपर को ओरिजनल पेपर से मिलाया गया तो कई प्रश्न मिले। इसके बाद पुलिस ने बस सवार अभ्यर्थियों सहित अन्य लोगों को गिरफ्तार किया। वहीं आरपीएसी ने पेपर रद्द किया। इस मामले में आगे जांच बढ़ी और कई आरपीएसी के अधिकारियों तक उसकी आंच पहुंची। इसके बाद सदस्य बाबूलाल कटारा किया गया।
विज्ञापन
अगस्त से ईडी की एंट्री, डोटासरा परिवार क्यों आया रडार पर
पेपर लीक प्रकरण में इसी साल अगस्त में ईडी की एंट्री हो गई थी। सेकंड ग्रेड पेपर लीक के मामले में ईडी ने पुलिस द्वारा उदयपुर से गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों से पूछताछ की थी। इसके बाद मामला धीरे-धीरे आगे बढ़ा। पेपर लीक में गिरफ्तार अभियुक्तों से पूछताछ में इसके तार कलाम कोचिंग सेंटर से जुड़े मिले। इसके बाद अगस्त में ईडी ने सीकर और जयपुर में कलाम कोचिंग पर छापे मारे। भाजपा ने इस मामले में डोटासरा को निशाने पर लिया। सियासी गलियारों में आरोप लगे तो डोटासरा सफाई देने आए कि इस कोचिंग से उनका कोई लेना देना नहीं है।
विज्ञापन
17 को भी कलाम के संचालकों और निवेशकों पर छापे
17 अक्टूबर को भी ईडी ने ताबड़तोड़ छापेमारी की थी। इसमें जयपुर, नागौर, डीडीवाना, जायल सहित कई जगहों पर कार्रवाई की गई थी। इसमें 2 आरपीएस भी ईडी की रडार पर आ गए थे। इस कार्रवाई में ईडी को कलाम कोचिंग सेंटर से बड़ी मात्रा में धन के लेन देन के सबूत मिले थे। डीडीवाना में राहुल भाकर और सुरेंद्र भाकर के घर कार्रवाई में कलाम कोचिंग सेंटर से लिंक सामने आया।
राजस्थान हर साल 3 पेपर लीक, 80 लाख प्रभावित
नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने पिछले दिनों ट्वीट कर कहा था कि घोषणावीर मुख्यमंत्री अशोकजी, आपके शासन में 16 बार पेपर लीक होने का देशभर में रिकॉर्ड बना लिया है। राजस्थान में साल 2011 से 2022 के बीच पेपर लीक के लगभग 26 मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें से 14 मामले तो पिछले चार सालों में ही रिपोर्ट किए गए हैं। राजस्थान में 2019 के बाद से हर वर्ष औसतन तीन पेपर लीक हुए हैं। करीब 80 लाख बच्चों ने इन परीक्षाओं के फार्म भरे थे।