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Rajasthan Paper Leak: RPSC सदस्य बाबूलाल समेत अन्य आरोपियों की 3.11 करोड़ की संपत्ति कुर्क, ईडी ने की कार्रवाई
Mon, 21 Aug 2023 10:02 PM IST
अर्पित याज्ञनिक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, राजस्थान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, राजस्थान
Published by: अर्पित याज्ञनिक
Updated Mon, 21 Aug 2023 10:02 PM IST
सार
RPSC सदस्य बाबूलाल कटारा, सुरेश कुमार, सुरेश विश्नोई, सुरेश ढाका, भूपेंद्र सारण की संपत्ति अटैच की गई। आरोपियों की 3.11 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क हुई है।
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वरिष्ठ अध्यापक पेपर लीक मामले में आरोपी सदस्य बाबूलाल कटारा।
- फोटो : Amar Ujala Digital
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विस्तार
प्रवर्तन निदेशालय ने शिक्षक भर्ती पेपर लीक मामले में आरपीएससी सदस्य बाबूलाल कटारा समेत सुरेश कुमार उर्फ सुरेश बिश्नोई, सुरेश ढाका, भूपेन्द्र सारण, अनिल मीना उर्फ शेर सिंह मीना की 3.11 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की है।
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जानकारी के अनुसार ईडी ने सुरेश कुमार उर्फ सुरेश बिश्नोई, सुरेश ढाका, भूपेन्द्र सरन और अन्य संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत राजस्थान पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत जांच शुरू की।
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ईडी की जांच में पता चला कि आरोपी व्यक्तियों ने 2022 में आरपीएससी द्वारा आयोजित की जाने वाली वरिष्ठ अध्यापक ग्रेड II प्रतियोगी परीक्षा-2022 के सामान्य ज्ञान का प्रश्न पत्र राजस्थान के विभिन्न स्थानों पर लीक किए थे। इस मामले की जांच में राजस्थान पुलिस के विशेष अभियान समूह (एसओजी) ने कटारा और अन्य को गिरफ्तार किया था।
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ईडी की जांच में आगे पता चला कि आरपीएससी सदस्य बाबूलाल कटारा ने उक्त प्रश्नपत्र लीक किया और इसे अनिल मीना उर्फ शेर सिंह मीना को बेच दिया। उसने आगे उक्त लीक हुए प्रश्नपत्रों को भूपेन्द्र सारण और सुरेश ढाका और अन्य एजेंटों को भेजा। लीक हुआ पेपर अभ्यर्थियों को रुपये में उपलब्ध कराया गया था। प्रति उम्मीदवार 8 से 10 लाख। उक्त लीक पेपर उदयपुर में लगभग 150 अभ्यर्थियों और जयपुर में 30 अभ्यर्थियों को उपलब्ध कराया गया था। यह भी पता चला है कि ये आरोपी व्यक्ति विभिन्न कदाचारों में शामिल हैं, जैसे कि पेपर लीक रैकेट और प्रतियोगी परीक्षाओं में डमी उम्मीदवारों की नियुक्ति आदि। मामले की जांच जारी है।