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Rajasthan: केंद्रीय मंत्रिमंडल में राजस्थान से पिछली बार थे चार सांसद, इस बार दो की गुंजाइश, इन नामों की चर्चा
सार
नए मंत्रिमंडल का एक बड़ा हिस्सा इस बार गठबंधन वाले दलों को देना मोदी सरकार की मजबूरी हो सकती है। इस कारण इस बार राजस्थान से अधिकतम 2 सांसदों को ही मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है।
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केंद्रीय मंत्रिमंडल में राजस्थान के मंत्री।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
नरेंद्र मोदी रविवार को प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं। इसके बाद उनके मंत्रिमंडल का खाका खिंचेगा। नए मंत्रिमंडल का एक बड़ा हिस्सा इस बार गठबंधन वाले दलों को देना मोदी सरकार की मजबूरी है। ऐसे में अब भाजपा शासित राज्यों के कोटे पर कैंची चलनी तय है। इसमें राजस्थान से अधिकतम 2 सांसदों को मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है।
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हालांकि इस बार लोकसभा चुनावों में राजस्थान में भाजपा का प्रदर्शन भी खराब रहा। बीते दो लोकसभा चुनावों में लगातार 25 सीटें जीतकर आने वाली भाजपा को यहां 11 लोकसभा सीटों का नुकसान उठाना पड़ा है। प्रदेश में भाजपा के 25 में से 14 ही सांसद चुनकर लोकसभा पहुंचे हैं।
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जाट-गुर्जर समीकरण साधने के लिए दुष्यंत बन सकते हैं, केंद्र में मंत्री
इस बार राजस्थान से लोकसभा पहुंचने वाले सांसदों में वसुंधरा राजे के पुत्र दुष्यंत सिंह को केंद्र में मंत्री बनाया जा सकता है। दुष्यंत के मंत्री बनने से भाजपा यहां जाट और गुर्जर दोनों जातियों को साध सकती हैं। ये दोनों जातियां इस बार लोकसभा चुनावों में भाजपा से पूरी तरह छिटक गईं हैं। जाट, गुर्जर और मीणा बेल्ट में भाजपा बुरी तरह से चुनाव हारी है। दुष्यंत सिंह खुद जाट हैं और उनकी पत्नी गुर्जर जाति से हैं। गौरतलब है कि राजस्थान में भाजपा में जाटों की एंट्री वसुंधरा राजे के समय ही हुई थी। राजे ने खुद को जाटों की बहू और गुर्जरों की समधन बताकर राजस्थान में विधानसभा चुनावों में 163 सीटें जीतकर रिकॉर्ड बनाया था।
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राजे की नाराजगी का फैक्टर भी बैलेंस कर पाएगी भाजपा
लोकसभा चुनावों में राजस्थान की भाजपा सरकार के इस प्रदर्शन को बड़े नेताओं की अनदेखी और नाराजगी से भी जोड़कर देखा जा रहा है। पूरे चुनाव में वसुंधरा राजे को साइडलाइन रखा गया है, लेकिन मौजूदा मेंडेट में भाजपा को इन बड़े नेताओं को साधकर चलने की जरूरत होगी। इसलिए दुष्यंत को मंत्री बनाकर राजे की नाराजगी को दूर करने की कोशिश की जा सकती है।
भूपेंद्र यादव का राजस्थान कोटे से आ सकता है केंद्र में नंबर
मंत्री बनने की दौड़ में प्रदेश से भूपेंद्र यादव भी एक प्रबल दावेदार नजर आ रहे हैं। अलवर से जीतकर आए यादव हरियाणा कोटे से मंत्री रह चुके हैं, परंतु इस बार राजस्थान से चुनाव लड़ने के कारण उनका हरियाणा कोटा बना रहेगा या वो राजस्थान कोटे से जाएंगे, ये केन्द्र पर निर्भर करेगा। यादव को मंत्री बनाकर हरियाणा के भी यादव समुदाय को साधा जा सकता है। भूपेंद्र यादव राजस्थान के अलवर और हरियाणा दोनों के लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं।