Rajasthan News: PG मेडिकल छात्रों के लिए क्लिनिकल बॉन्ड राशि में 5 गुना तक बढ़ोतरी, कोर्स वाइज नई दरें लागू
राज्य सरकार ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 से सरकारी एवं अर्ध-सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एमडी/एमएस और डीएम/एमसीएच पाठ्यक्रमों के लिए क्लिनिकल बॉन्ड राशि में बड़ा संशोधन किया है।
विस्तार
राज्य के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 2025-26 से लागू होगी क्लिनिकल बॉण्ड की नई धनराशि
राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए शैक्षणिक सत्र 2025-26 से सभी शासकीय (सरकारी) एवं अर्ध-शासकीय (सरकारी अनुदान प्राप्त) मेडिकल कॉलेजों में पी.जी. (MD/MS) के छात्रों के लिए क्लिनिकल बॉण्ड की राशि में संशोधन कर दिया है। पिछले सत्र के मुकाबले बॉन्ड फीस में करीब 5 गुना तक का इजाफा किया गया है। गौरतलब है कि राज्य सरकार ने एमडी/एमएस और सुपर स्पेशियलिटी (डीएम/एमसीएच) छात्रों के लिए पीजी मेडिकल बॉन्ड नीति अप्रेल 2025 में ही जारी की थी। जिसके अनुसार राजस्थान भर के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश लेने वाले पीजी छात्रों को 25 लाख रुपये के सेवा बॉन्ड पर हस्ताक्षर करना अनिवार्य किया गया था। इसके अनुसार पीजी करने के बाद सभी छात्रों को न्यूनतम 2 वर्ष की अवधि तक राजकीय सेवा देना अनिवार्य किया गया था। यदि ऐसा नहीं करते हैं तो उन्हें बॉन्ड की राशि जमा करवानी होती है। पहले यह बॉन्ड राशि सभी पीजी कॉर्सेज के लिए 25 लाख रुपए तय की गई थी। अब इस आदेश में संशोधन करते हुए इसे कोर्स वाइज निर्धारित कर दिया गया है। संशोधित आदेश के अनुसार, निम्नलिखित विषयों के लिए छात्रों को दी जाने वाली क्लिनिकल बॉण्ड राशि इस प्रकार निर्धारित की गई है:
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1.5 करोड़ रुपये की बॉण्ड राशि वाले विषय:
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डर्मेटोलॉजी (त्वचा एवं वेनरियल रोग)
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रेडियो डायग्नोसिस
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प्रसूति एवं स्त्री रोग
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सामान्य चिकित्सा (जनरल मेडिसिन)
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आर्थोपेडिक्स
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बाल रोग
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टीबी और चेस्ट रोग
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नेत्र विज्ञान
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ट्रॉमैटोलॉजी
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सामान्य शल्य चिकित्सा (जनरल सर्जरी)
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मनोरोग (साइकेट्री)
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ईएनटी (कान, नाक, गला)
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आपातकालीन चिकित्सा
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विकिरण ऑन्कोलॉजी
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न्यूक्लियर मेडिसिन
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एनेस्थीसिया
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पैलिएटिव मेडिसिन
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पैथोलॉजी
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भौतिक चिकित्सा एवं पुनर्वास
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इम्यूनोहेमैटोलॉजी
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माइक्रोबायोलॉजी
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बायोकैमिस्ट्री
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कम्युनिटी मेडिसिन
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फोरेंसिक मेडिसिन
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एनाटॉमी
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फिजियोलॉजी
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फार्माकोलॉजी