{"_id":"687474029047a36e1603bb6f","slug":"rajasthan-news-rajasthan-is-number-one-in-auction-of-mines-matter-stuck-on-noc-meeting-on-july-16-2025-07-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rajasthan News: खानों की नीलामी में राजस्थान में देश में नंबर वन, एनओसी पर मामला अटका, 16 जुलाई को बड़ी बैठक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rajasthan News: खानों की नीलामी में राजस्थान में देश में नंबर वन, एनओसी पर मामला अटका, 16 जुलाई को बड़ी बैठक
Mon, 14 Jul 2025 08:36 AM IST
प्रिया वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: प्रिया वर्मा
Updated Mon, 14 Jul 2025 08:36 AM IST
सार
राजस्थान में बीते एक साल में खानों की नीलामी का काम तेजी से किया गया है। अब नीलाम की गई खानों को परिचालन में लाने के लिए 16 जुलाई को सभी स्टेक होल्डर्स की बैठक बुलाई गई है।
विज्ञापन
राजस्थान
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
मेजर मिनरल ब्लॉकों की नीलामी में राजस्थान देश में पहले पायदान पर आ गया है। अब इन्हें शीघ्र परिचालन में लाना बड़ा काम है। इसके लिए राज्य सरकार के खान विभाग ने 16 जुलाई को राजस्व, वन-पर्यावरण, आईबीएम, स्टेट एनवायरमेंट इम्पेक्ट एसेसमेंट अथॉरिटी और स्टेक होल्डर्स की जयपुर में बड़ी बैठक बुलाई है।
विज्ञापन
खान विभाग के प्रमुख सचिव टी. रविकान्त ने बताया कि ऑक्शन ब्लॉकों के परिचालन में होने वाली देरी के निराकरण के लिए 16 जुलाई को जयपुर में खान व भूविज्ञान, राजस्व, वन एवं पर्यावरण, भारतीय खान ब्यूरो आईबीएम और स्टेट एनवायरमेंट इम्पेक्ट एसेसमेंट अथॉरिटी सीया सहित संबंधित विभागों और स्टेक होल्डर्स को साझा मंच उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे यह फायदा होगा कि परिचालन में आ रही दिक्कतों का हाथोंहाथ निपटारा हो जाएगा। उन्होंने इसके लिए संबंधित विभागों को परस्पर समन्वय और सहयोग के साथ आपसी संवाद बढ़ाने की आवश्यकता प्रतिपादित की है ताकि राज्य में नीलाम मिनरल ब्लॉकों को व्यावहाारिक कठिनाइयों और जानकारी के अभाव में परिचालन में लाने में अनावश्यक देरी न हो।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: Nagaur News: पैदल जा रहे दो लोगों को कार ने कुचला, एक की मौत; दूसरा गंभीर घायल, CCTV में कैद हुआ भीषण हादसा
विज्ञापन
रविकान्त ने बताया कि मेजर मिनरल ब्लॉकों की नीलामी में राजस्थान देश में पहले पायदान पर आ गया है। अब इन्हें शीघ्र परिचालन में लाना बड़ी जिम्मेदारी है। राज्य सरकार की गंभीरता को इसी से समझा जा सकता है कि संबंधित विभागों और स्टेक होल्डर्स को एक मंच पर लाकर मंथन का अवसर उपलब्ध कराया जा रहा है ताकि आवश्यक अनुमतियां समय पर मिल सकें। उन्होंने बताया कि नीलाम खनिज ब्लॉकों के परिचालन में लाने में वन भूमि के डायवर्जन, चारागाह भूमि का परिवर्तन, पर्यावरण क्लीयरेंस, माइनिंग प्लान स्वीकृति आदि अनुमतियों को प्राप्त करने में अनावश्यक विलंब होने से नीलाम खानों में खनन कार्य शुरू नहीं हो पाता और इससे निवेश, रोजगार और राजस्व प्रभावित होता है।
उन्होंने कहा कि साझा मंच में स्टेक होल्डर्स के साथ ही संबंधित विभागों के शीर्षस्थ अधिकारी उपस्थित रहेंगे। निदेशक माइंस दीपक तंवर ने बताया कि इससे प्रक्रिया की जानकारी के साथ ही एक-दूसरे की समस्याओं और उनके निराकरण को समझा जा सकेगा। उन्होंने बताया कि 16 जुलाई को आयोजित इस कार्यशाला के लिए विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की टीम गठित कर जिम्मेदारी तय की गई है।