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Hindi News ›   Rajasthan ›   Jaipur News ›   Rajasthan News: Naresh Meena acquitted in 20 year old case, court sent him to judicial custody for other cases

Rajasthan News : 20 साल पुराने मामले में नरेश मीणा बरी, कोर्ट ने अन्य मामलों के लिए न्यायिक अभिरक्षा में भेजा

Mon, 13 Jan 2025 07:54 PM IST
प्रिया वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: प्रिया वर्मा Updated Mon, 13 Jan 2025 07:54 PM IST
सार

हालिया विधानसभा चुनावों का चर्चित चेहरा रहे नरेश मीणा को 20 साल पुराने एक मामले में कोर्ट ने बरी कर दिया है लेकिन उनके खिलाफ लगे अन्य मामलों के लिए उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है।

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Rajasthan News: Naresh Meena acquitted in 20 year old case, court sent him to judicial custody for other cases
राजस्थान - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

देवली-उनियारा उपचुनाव के निर्दलीय प्रत्याशी रहे नरेश मीणा को जयपुर मेट्रो प्रथम की एमएम-6 कोर्ट ने छात्र राजनीति से जुड़े 20 साल पुराने मामले में बरी कर दिया है। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि नरेश मीणा के खिलाफ इस मुकदमे में कोई ठोस सबूत नहीं हैं, इसलिए उन्हें आरोपों से मुक्त किया जाता है।

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वहीं छात्र राजनीति से संबंधित एक अन्य मामले में जयपुर मेट्रो प्रथम की एसीएमएम-16 कोर्ट ने नरेश मीणा को न्यायिक अभिरक्षा (जेल) में भेज दिया। इस मामले में नरेश मीणा को अदालत ने फरार घोषित करते हुए स्थायी वारंट जारी किया था। मामले की सुनवाई के लिए नरेश को प्रोडक्शन वारंट पर कोर्ट में पेश किया गया।
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नरेश के वकील फतेहराम मीणा ने बताया कि जिस मामले में उन्हें बरी किया गया, वह 21 अगस्त 2004 का है। आरोप था कि छात्रसंघ चुनाव के दिन नरेश और उनके साथियों ने छात्र नेता सुखविंदर सिंह के साथ मारपीट की थी। नरेश ने अपने बचाव में बताया कि घटना के समय वह काउंटिंग हॉल में मौजूद थे और उनका किसी भी व्यक्ति से संपर्क नहीं था।
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छात्र राजनीति से जुड़े दूसरे मामले में कोर्ट ने नरेश मीणा को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया। इस मामले में 3 दिसंबर 2011 को छात्रसंघ कार्यालय के उद्घाटन का विरोध करते समय पुलिस ने हथियार बरामद किए थे और नरेश को फरार घोषित कर चालान पेश किया था। नरेश का कहना है कि उन्हें इस मामले में जानकारी नहीं दी गई थी।


इधर एसडीएम को थप्पड़ मारने और समरावता गांव में हिंसा के मामले में नरेश ने हाईकोर्ट में जमानत याचिका दायर की है। उनका कहना है कि जब गांव में हिंसा हुई, तब वे पुलिस की हिरासत में थे। इस मामले में ट्रायल कोर्ट और टोंक जिला एवं सत्र न्यायालय पहले ही उनकी जमानत याचिका खारिज कर चुके हैं। गौरतलब है कि नरेश के मामले लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं और अब हाईकोर्ट से उनके लिए राहत की उम्मीद की जा रही है।

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