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Rajasthan News: सद्गुरु रितेश्वर महाराज के साथ सीधा साक्षात्कार, बोले- देश का संविधान सर्वोपरि है और रहेगा

Wed, 10 Jan 2024 01:22 PM IST
प्रिया वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: प्रिया वर्मा Updated Wed, 10 Jan 2024 01:22 PM IST
सार

Jaipur: अयोध्या में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा से पहले सद्गुरु रितेश्वर महाराज ने भगवान राम पर अमर्यादित टिप्पणी करने वालों पर प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए कहा कि आसुरी शक्तियों का अंत समय आ गया है। देश संविधान से चलता है और संवैधानिक पद पर बैठे प्रधानमंत्री देश में सबसे बड़े हैं।

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Rajasthan News: Direct interview with Sadhguru Riteshwar Maharaj, said– Constitution of the country is supreme
सद्गुरु रितेश्वर महाराज - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अयोध्या में भगवान राम की प्राण प्रतिष्ठा का समय जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है वैसे-वैसे इसके पक्ष और विपक्ष में आने वाली टिप्पणियां भी तेज हो गई हैं। इसी क्रम में भगवान राम पर अमर्यादित टिप्पणी करने वालों पर सद्गुरु रितेश्वर महाराज ने कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि आसुरी शक्तियां उस युग में भी मौजूद थीं और आज भी मौजूद हैं। उस युग में भी भगवान राम ने उनका नाश किया था और आज भी इनका नाश होगा।

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रितेश्वर महाराज ने अपनी बात रखते हुए आगे कहा कि भगवान राम के प्राण-प्रतिष्ठा समारोह को लेकर जितनी भी बातें और विवाद चल रहे हैं, वे सब बेबुनियाद हैं। कुछ लोग जो राम को काल्पनिक बताते थे वे आज राम के अस्तित्व पर और राम पर अपना अधिकार जमाने का प्रयास कर रहे हैं। रितेश्वर महाराज ने शंकराचार्य के प्राण-प्रतिष्ठा समारोह से दूरी बनाने के सवाल पर कहा कि यह इस देश की खूबी है कि यहां पर कोई भी, किसी भी व्यक्ति से सवाल करने का अधिकार रखता है। यही कारण है कि शंकराचार्य के मन में जो भाव पैदा हुआ वह सीधा उन्होंने प्रधानमंत्री के समक्ष रख दिया। रितेश्वर महाराज ने कहा कि प्रधानमंत्री भी शंकराचार्य के इस भाव को समझेंगे और संवाद करके कोई रास्ता निकलेगा जिससे धर्म और सत्ता एक साथ मिलकर इस महोत्सव का हिस्सा बनेगी। 
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प्रधानमंत्री बड़े हैं या शंकराचार्य इस सवाल के जवाब पर रितेश्वर महाराज ने कहा कि यह एक संवैधानिक देश है, यहां संविधान के सर्वोच्च पद पर प्रधानमंत्री बैठे हैं इसलिए प्रधानमंत्री सर्वोच्च हुए। दोनों के काम अलग हैं एक धर्म की स्थापना कर रहे हैं और दूसरे राष्ट्र को मजबूत कर रहे हैं इसलिए इन दोनों में कोई तुलना नहीं की जा सकती। यह देश संविधान से चलने वाला देश है, इस देश में संविधान सबसे ऊपर है और रहेगा। 
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जब देश संविधान से चलेगा तो फिर मथुरा-काशी बाकी है इस तरीके के नारों का क्या महत्व रह जाता है? प्रश्न के जवाब में महाराज रितेश्वर ने कहा कि हम संवैधानिक तरीके से मथुरा और काशी के लिए अपनी बात कह रहे हैं और न्यायिक तरीके से ही इसका हल भी निकालेंगे। रितेश्वर महाराज ने कहा की राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा में 492 साल लग गए पर मथुरा और काशी में 492 दिन भी नहीं लगेंगे, उससे पहले ही फैसला हमारे पक्ष में होगा। 


न्यायिक प्रक्रिया पर विश्वास को लेकर राम मंदिर को बचा के रखने की बात पर रितेश्वर महाराज ने कहा की आसुरी शक्ति तो आज भी है, जो इसके विध्वंस की कल्पना करती है इसलिए हमें आज जोश के साथ होश को भी संभालकर रखना है और होश में रहते हुए वह सब काम करने हैं, जिससे यह राम मंदिर सदा-सदा के लिए बना रहे।

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