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Rajasthan News: एआईसीसी सत्र से पहले बोले पायलट- युवाओं को ज्यादा जिम्मेदारी देने पर जोर दे रही है कांग्रेस
Sun, 06 Apr 2025 01:48 PM IST
प्रिया वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: प्रिया वर्मा
Updated Sun, 06 Apr 2025 01:48 PM IST
सार
अहमदाबाद में आयोजित होने वाले एआईसीसी सत्र से पहले कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव सचिन पायलट ने कहा कि भले ही लोकसभा चुनावों के बाद कांग्रेस को कुछ राज्यों में हार का सामना करना पड़ा हो लेकिन पार्टी का विश्वास और संघर्ष का जज्बा अब भी कायम है।
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राजस्थान
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
अहमदाबाद में आगामी एआईसीसी सत्र से पहले कांग्रेस महासचिव सचिन पायलट ने रविवार को कहा कि पार्टी में पीढ़ीगत बदलाव की प्रक्रिया चल रही है और युवा नेता अपने ऊपर सौंपी गई जिम्मेदारियों को प्रभावी ढंग से निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आगे इस दिशा में जवाबदेही और विचारधारा की मजबूती पार्टी की प्रमुख प्राथमिकताएं होंगी।
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पीटीआई से बातचीत में पायलट ने कहा कि गुजरात में हो रहा एआईसीसी सत्र इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पार्टी इस समय राज्य में अपनी स्थिति मजबूत करने और अपने पुराने गौरव को पुनर्स्थापित करने के प्रयासों में जुटी है।
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पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भले ही लोकसभा चुनावों के बाद कांग्रेस को कुछ राज्यों में हार का सामना करना पड़ा हो लेकिन पार्टी का विश्वास और संघर्ष का जज्बा अब भी कायम है।
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जब उनसे पूछा गया कि क्या पार्टी में पीढ़ीगत बदलाव का समय आ गया है तो उन्होंने कहा- कोई भी बदलाव रातोंरात नहीं होता, यह एक निरंतर प्रक्रिया है। पार्टी पिछड़े वर्गों, युवाओं, महिलाओं, अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और अल्पसंख्यकों को सशक्त करने के लिए प्रतिबद्ध है। ये वर्ग हमारी आबादी का बड़ा हिस्सा है और उनका समुचित प्रतिनिधित्व अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि पार्टी फोरम में हमने उदयपुर घोषणा पत्र को अपनाया है और उसका पालन कर रहे हैं। पार्टी की सभी नियुक्तियों में हम उसे ही ध्यान में रख रहे हैं। पीढ़ीगत बदलाव अपने आप हो रहा है, अब कई लोग नेतृत्व की भूमिका निभा रहे हैं, चाहे वह संसद के भीतर हो या संसद के बाहर, चाहे राज्यों में हो या एआईसीसी में नए लोगों की नियुक्ति हो, युवा अब नेतृत्व की भूमिका निभा रहे हैं और अपने काम को बखूबी अंजाम दे रहे हैं।
उन्होंने याद दिलाया कि दिसंबर में बेलगावी अधिवेशन में 2025 को "संगठनात्मक सशक्तिकरण का वर्ष" घोषित किया गया था। संगठनात्मक सुधार, खाली पदों की नियुक्ति और युवाओं को अधिक राजनीतिक जिम्मेदारियां देने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
पायलट ने कहा, "राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और प्रियंका गांधी वाड्रा पार्टी के कामकाज, विभागों और फ्रंटल संगठनों जैसे आईवाईसी, एनएसयूआई, सेवा दल और महिला कांग्रेस में सक्रिय रूप से रुचि ले रहे हैं। हमने 2025 को पार्टी कैडर को उत्साहित करने और संगठन को वैचारिक रूप से मजबूत बनाने का संकल्प लिया है।"
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उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि पार्टी में अब "जवाबदेही" अनिवार्य होगी। "जब किसी व्यक्ति को जिम्मेदारी दी जाती है, तो उसे जवाबदेह भी होना होगा। जो प्रदर्शन नहीं करेंगे, उन्हें बाहर का रास्ता दिखाना होगा और मेहनती लोगों को मौका मिलेगा।
उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि राजस्थान में निर्णय लिया गया है कि यदि कोई पदाधिकारी लगातार तीन बैठकों में बिना उचित कारण के अनुपस्थित रहता है, तो उसे पद छोड़ना होगा। हाल ही में इंदिरा गांधी भवन में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया है कि जिला कांग्रेस कमेटियों के अध्यक्षों को और अधिक अधिकार दिए जाएंगे, जिनमें चुनावी प्रक्रिया, वित्तीय प्रबंधन और उम्मीदवार चयन में भागीदारी शामिल है।
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लोकसभा चुनाव से पहले या बाद में कुछ कांग्रेसी नेताओं द्वारा पार्टी छोड़ने पर पायलट ने कहा, "संगठन व्यक्ति से बड़ा होता है। लोग अपनी पसंद, नापसंद या राजनीतिक मजबूरियों के अनुसार आते-जाते हैं, लेकिन कांग्रेस दुनिया के सबसे पुराने राजनीतिक दलों में से एक है और सत्ता में हो या विपक्ष में, उसकी जनसेवा की प्रतिबद्धता अडिग है।"
उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार द्वारा केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर विपक्षी नेताओं को दबाने, डराने, लुभाने और बदनाम करने का काम किया जा रहा है। जो कांग्रेसजन प्रतिबद्ध हैं, वे संघर्ष करते रहेंगे। हमारे शीर्ष नेतृत्व पर राजनीतिक हमले हुए हैं, लेकिन हम अदालतों और सड़कों दोनों पर लड़ाई लड़ेंगे।
पायलट ने कहा कि राजनीति में मजबूत विचारधारा और दृढ़ विश्वास जरूरी हैं। राहुल गांधी ने विपक्ष का नेतृत्व करते हुए संसद में सरकार से तीखे सवाल पूछे हैं और कांग्रेस एक रचनात्मक विपक्ष की भूमिका निभा रही है, जबकि भाजपा भावनात्मक मुद्दों को उठाकर ध्यान भटका रही है।
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एआईसीसी सत्र को लेकर पायलट ने कहा कि यह लंबे अंतराल के बाद हो रहा है और बेहद महत्वपूर्ण है। राहुल गांधी ने स्पष्ट कर दिया है कि हम गुजरात पर विशेष ध्यान देंगे। अतीत में यह कांग्रेस का मजबूत गढ़ रहा है। भले ही हम चुनाव नहीं जीत पाए लेकिन वोट शेयर आज भी मजबूत है। गुजरात में द्विध्रुवीय राजनीति है और हमारा उद्देश्य वहां अपनी स्थिति को मजबूत करना है।
गौरतलब है कि अहमदाबाद में होने वाला एआईसीसी सत्र 9 अप्रैल को आयोजित होगा और इसकी थीम न्यायपथ- संकल्प, समर्पण और संघर्ष होगी। इस मुख्य अधिवेशन में 1,700 से अधिक एआईसीसी सदस्य भाग लेंगे।
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