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Rajasthan: छह करोड़ में बेच दी 300 रुपये की ज्वेलरी, बाप-बेटे पुलिस गिरफ्त से दूर, ऐसे करें असली-नकली की पहचान
Wed, 12 Jun 2024 04:05 PM IST
अरविंद कुमार
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: अरविंद कुमार
Updated Wed, 12 Jun 2024 04:05 PM IST
सार
अमेरिकी महिला चेरिश ने जेम्स और ज्वेलर्स का काम करने वाले गौरव सोनी और राजेंद्र सोनी पर छह करोड़ रुपये फ्रॉड के आरोप लगाए हैं। पुलिस दोनों की तलाश में जुटी हुई है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आप घर में कैसे असली और नकली सोने की पहचान कर सकते हैं?
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अमेरिकी महिला चेरिश
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राजधानी जयपुर में एक विदेशी महिला के साथ छह करोड़ रुपये की नकली ज्वेलरी बेचने का मामला सामने आया है। नकली ज्वेलरी बेचने के मामले में फर्जी सर्टिफिकेट जारी करने वाले नंदकिशोर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, ज्वेलर गौरव सोनी और राजेंद्र सोनी पुलिस की गिरफ्त से अभी दूर बताए जा रहे हैं। यूएस निवासी चेरिश ने 18 मई को जयपुर के मानक चौक थाने में मामला दर्ज करवाया था।
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जानकारी के अनुसार, ठगी की शिकार अमेरिकी महिला का नाम चेरिश है। शिकायत में विदेशी महिला ने बताया कि उसने जयपुर के मनाक चौक थाना इलाके के जौहरी बाजार स्थित एक दुकान से खरीदारी की थी। गहने खरीदने के बाद वो अमेरिका लौट गई थी। वहां अप्रैल में एक प्रदर्शनी का आयोजन हुआ तो उसने वहां खरीदे हुए गहने दिखाए। वहां से पता चला कि ये नकली हैं।
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पीड़ित महिला चेरिश इसके बाद तुरंत जयपुर वापस आई। उसने दुकान मालिक रजेंद्र सोनी और उसके बेटे गौरव से जब इसकी शिकायत की तो उन्होंने गहने नकली होने की बात से इनकार किया। उन्होंने महिला की बात नहीं मानी। परेशान विदेशी महिला चेरिश ने इसके बाद 18 मई को दुकान मालिकों के खिलाफ मनाक चौक थाने में शिकायत दर्ज कराई। वहीं, दुकान मालिकों ने भी चेरिश के खिलाफ मामला दर्ज करा दिया।
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अमेरिकी दूतावास से लगाई मदद की गुहार
इसके बाद चेरिश ने दूतावास से मदद की गुहार लगाई। दूतावास के दखल के बाद पुलिस भी हरकत में आई और जांच शुरू की। जांच में सारा मामला खुल गया और दुकानदारों का फर्जीवाड़ा सामने आया। फर्जीवाड़े का खुलासा होते ही दोनों ज्वेलरी शॉप मालिक पिता-पुत्र फरार हो गए। पुलिस दोनों की तलाश कर रही है। वहीं, नंदकिशोर ने ज्वेलरी की असलियत का फर्जी सर्टिफिकेट तैयार किया था, उसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के अतिरिक्त उपायुक्त (उत्तर) बजरंग सिंह शेखावत के अनुसार आरोपियों ने विदेशी महिला को सोने की पॉलिश वाली चांदी की ज्वेलरी छह करोड़ में बेची थी। आरोपियों ने एक फर्जी सर्टिफिकेट भी तैयार कर महिला को यकीन दिला दिया की बेची गई ज्वेलरी असली है। उन्होंने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की स्पेशल टीम बनाई गई है। मामले की जांच जारी है।
आप घर में कैसे करें असली सोने की पहचान
- विनेगर यानी सिरका से भी आप सोने की शुद्धता जांच सकते हैं। सोने पर विनेगर की कुछ बूंदें डालें और कुछ मिनट बाद उसे ध्यान से देखें। अगर सोने के रंग में कोई बदलाव नहीं आता है, तो यह शुद्ध सोना होगा। क्योंकि नकली सोना विनेगर के संपर्क में आते ही काला हो जाता है।
- इसके अलावा चुंबक को सोने के गहनों पर लगाकर देखें, अगर गहने चुंबक के साथ नहीं चिपके तो समझो सोना असली है।
- सोने के गहनों को सिरामिक पत्थर पर घिसने पर अगर काला निशान पड़ता है, तो सोना नकली है। वहीं, अगर सुनहरे निशान पड़ते हैं, तो सोना असली है।
- ज्वेलरी पर हॉलमार्क का निशान है, शुद्धता की निशानी मानी जाती है। लेकिन अब कई बार फेक तरीके से भी लोग ज्वेलरी पर हॉलमार्क का निशान बना देते हैं। इसलिए सोने की जांच करना जरूरी है।
- एक बड़े बर्तन में पानी भरकर उसमें सोने का कोई गहना डाल दें। इस दौरान अगर पानी में आपकी सोने की ज्लेवरी तैरने लगे तो सोना नकली है। असली सोना कितना भी हल्का और कितनी भी मात्रा में होगा, वह पानी में डूब जाता है। क्योंकि यह उच्च घनत्व वाली एक मोटी और कठोर धातु है।