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Rajasthan : पोकरण से पाकिस्तानी जासूस गिरफ्तार, ISI चला रहा था आरोपी का वाट्सअप
Sat, 31 Jan 2026 11:25 AM IST
जयपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: जयपुर ब्यूरो
Updated Sat, 31 Jan 2026 11:25 AM IST
सार
राजस्थान इंटेलिजेंस ने जैसलमेर के पोकरण क्षेत्र से एक युवक को आईएसआई के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोपी ने अपने नाम से जारी सिम कार्ड का ओटीपी आईएसआई को दिया। इसके बाद उसका व्हाट्सएप अकाउंट आईएसआई के हैंडलर चला रहे थे।
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आईएसआई के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार झबराराम
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राजस्थान इंटेलिजेंस ने राज्य की सुरक्षा से जुड़े एक गंभीर मामले का खुलासा करते हुए जैसलमेर जिले के पोकरण क्षेत्र से एक आईएसआई एजेंट को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान झबराराम पुत्र भानाराम (28 वर्ष), निवासी गांव नेडान, पुलिस थाना सांकड़ा, तहसील पोकरण, जिला जैसलमेर के रूप में हुई है।
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अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (इंटेलिजेंस) राजस्थान, प्रफुल्ल कुमार ने बताया कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों द्वारा राज्य में संचालित की जा रही जासूसी गतिविधियों पर राजस्थान इंटेलिजेंस लगातार कड़ी निगरानी रखे हुए है। इसी निगरानी के दौरान झबराराम की गतिविधियां संदिग्ध पाई गईं। जांच में सामने आया कि वह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से लगातार पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के संपर्क में था।
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जानकारी मिलने के बाद झबराराम को केंद्रीय पूछताछ केंद्र जयपुर लाया गया, जहां विभिन्न केंद्रीय और राज्य स्तरीय खुफिया एजेंसियों ने संयुक्त रूप से उससे पूछताछ की। पूछताछ के साथ-साथ उसके मोबाइल फोन और डिजिटल उपकरणों का तकनीकी परीक्षण कराया गया। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि आरोपी आईएसआई के हैंडलरों के संपर्क में रहकर हनीट्रैप और धनराशि के लालच में भारतीय सेना से जुड़ी सामरिक महत्व की सूचनाएं साझा कर रहा था।
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जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने अपने नाम से जारी सिम कार्ड का ओटीपी साझा कर आईएसआई के हैंडलरों को व्हाट्सएप अकाउंट डाउनलोड और संचालित करने में मदद की, ताकि भारत में रहते हुए राष्ट्रविरोधी गतिविधियों को अंजाम दिया जा सके। इस माध्यम से संवेदनशील जानकारियां पाकिस्तान तक पहुंचाई जा रही थीं।
राजस्थान इंटेलिजेंस द्वारा उपलब्ध डिजिटल और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर यह प्रमाणित पाया गया कि झबराराम ने जान-बूझकर राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने वाली गतिविधियों में सहयोग किया। इसके बाद उसके खिलाफ शासकीय गुप्त बात अधिनियम, 1923 के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया।
राज्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए राजस्थान इंटेलिजेंस ने 30 जनवरी को आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल आरोपी से गहन पूछताछ जारी है और उसके संपर्क नेटवर्क की भी विस्तृत जांच की जा रही है, ताकि किसी अन्य संभावित साजिश या सहयोगियों का पता लगाया जा सके।