Rajasthan: डिजिटल अरेस्ट का शिकार होते-होते बचे हाईकोर्ट के CJ, केंद्र और राज्य सरकार से जवाब मांगा; जानें
Rajasthan: देश भर में डिजिटल अरेस्ट के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। शातिर अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि उन्होंने हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को ही अपना शिकार बनाने की कोशिश कर डाली।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एमएम श्रीवास्तव डिजिटल अरेस्ट का शिकार होते-होते बचे। साइबर क्राइम से जुड़ अपराधों में बढ़ोतरी से जुड़े मामलों में सुनवाई के दौरान सोमवार को उन्होंने यह टिप्पणी की। गौरतलब है कि हाईकोर्ट ने जनवरी में डिजिटल अरेस्ट के बढ़ते मामलों को लेकर स्वप्रेरित प्रसंज्ञान लिया था। इसी मामले में सोमवार को सीजे एमएम श्रीवास्तव और जस्टिस मनीष शर्मा की खंडपीठ सुनवाई कर रही थी। सुनवाई के दौरान सीजे श्रीवास्तव ने अपनी मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि मैं भी डिजिटल अरेस्ट होने का शिकार होते-होते बचा। उन्होंने कहा- एक बार मेरे पास भी डिजिटल अरेस्ट का एक कॉल आया था।
मैंने तुरंत ही अपना मोबाइल रजिस्ट्रार को दे दिया। रजिस्ट्रार ने ही उस कॉल को लेकर निस्तारित किया। हाईकोर्ट ने इस मामले में केंद्र और राज्य सरकार से जवाब मांगा है, लेकिन अब तक उनकी तरफ से जवाब पेश नहीं किया गया। सोमवार को कोर्ट ने कहा- सरकार अपना जवाब पेश करे। कोर्ट ने कहा था कि डिजिटल अरेस्ट और साइबर फ्रॉड में निर्दोष लोगों ने न केवल अपनी कमाई गंवा दी, बल्कि कई लोगों ने अपनी जान भी गंवाई है। इन अपराधों से आमजन को बचाने और इनके खिलाफ ठोस कार्रवाई करने की जरूरत है। कोर्ट ने कहा था कि राज्य सरकार ने इन अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए कदम उठाए हैं, लेकिन फिर भी इनकी रोकथाम के लिए ठोस कार्रवाई करने की जरूरत है।
पढ़ें: आज 29 जिलों में अलर्ट, 4 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी; 2 जुलाई से नया सिस्टम होगा एक्टिव
हाईकोर्ट ने मामले में आरबीआई को भी निर्देश देते हुए गंभीर कदम उठाने की जरूरत बताई थी। कोर्ट ने कहा था कि आरबीआई और सरकार की शिकायत निवारण समिति को पोर्टल या वेबसाइट या मोबाइल नंबर पर प्राप्त होने वाली धोखाधड़ी से आमजन को बचाने के लिए भी एक सिस्टम डवलप करने की जरूरत है, ताकि निर्दोषों के पैसे को बचाया जा सके।