Rajasthan News: गबन, दुरुपयोग के मामलों में दर्ज करवानी होगी FIR- जानिए वित्त विभाग ने क्यूं दिए ये निर्देश
Rajasthan News: राजस्थान के वित्त विभाग ने राज्य के सरकारी विभागों, बोर्डों, निगमों और स्वायत्त संस्थाओं में वित्तीय अनियमितताओं के खिलाफ शून्य सहनशीलता नीति लागू करते हुए एक विस्तृत परिपत्र जारी किया है। इसमें सरकारी धन के गबन, दुरुपयोग या चोरी के मामलों में पुलिस में तत्काल एफआईआर दर्ज करना अनिवार्य किया गया है। यह कदम राजकोष की सुरक्षा सुनिश्चित करने और गंभीर वित्तीय अपराधों में त्वरित व प्रभावी कार्रवाई के उद्देश्य से उठाया गया है।
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राजस्थान सरकार ने सरकारी विभागों, बोर्डों, निगमों और स्वायत्त संस्थाओं में वित्तीय अनियमितताओं पर कड़ा रुख अपनाते हुए शून्य सहनशीलता नीति लागू कर दी है। वित्त विभाग ने इस संबंध में एक विस्तृत परिपत्र जारी करते हुए गबन, दुरुपयोग, चोरी और अन्य गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के मामलों में तत्काल एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।
वित्त विभाग ने बताया कि नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की ऑडिट रिपोर्ट में बार-बार वित्तीय अनियमितताओं के मामले सामने आ रहे हैं। कई मामलों में ऑडिट आपत्तियां लंबे समय तक लंबित रहीं और समय पर कानूनी कार्रवाई नहीं होने से राजकोष को नुकसान हुआ तथा वित्तीय जवाबदेही कमजोर पड़ी। विभाग के परिपत्र में स्पष्ट किया गया है कि जैसे ही किसी विभाग में गबन, धन के दुरुपयोग या चोरी का मामला सामने आए, संबंधित विभाग को बिना देरी पुलिस में एफआईआर दर्ज करानी होगी। इसके साथ ही आंतरिक प्रक्रियाओं की प्रतीक्षा किए बिना प्रारंभिक जांच शुरू की जाएगी। विभागीय पत्राचार या फाइल प्रक्रिया को आपराधिक कार्रवाई में देरी का कारण नहीं माना जाएगा।
वित्त विभाग ने निर्देश दिए हैं कि जहां आवश्यक हो, वहां विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई और आपराधिक कार्रवाई एक साथ चलें। साथ ही प्रत्येक स्तर पर जिम्मेदारी तय की जाएगी। ड्राइंग एंड डिस्बर्सिंग ऑफिसर (DDO), कार्यालय प्रमुख और पर्यवेक्षण अधिकारियों को समय पर कार्रवाई न करने की स्थिति में सीधे तौर पर जवाबदेह माना जाएगा। लापरवाही पाए जाने पर उनके खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा सभी विभागों को लंबित ऑडिट आपत्तियों की नियमित समीक्षा करने और वित्तीय नुकसान से जुड़े मामलों का तय समयसीमा में निस्तारण करने के निर्देश दिए गए हैं। जहां सरकारी राशि की वसूली संभव हो, वहां नियमानुसार तत्काल वसूली प्रक्रिया शुरू करने के साथ आपराधिक कार्रवाई भी की जाएगी।
परिपत्र में कहा गया है कि इन उपायों का उद्देश्य वित्तीय अनुशासन को मजबूत करना, पारदर्शिता बढ़ाना और सरकार की कार्यप्रणाली पर जनता का विश्वास बहाल करना है। सभी विभागों को वित्तीय नियमों का कड़ाई से पालन, सही लेखा-जोखा और ऑडिट अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। यह निर्देश सभी प्रशासनिक विभागों, कार्यालय प्रमुखों और फील्ड अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से लागू करने के आदेश के साथ जारी किए गए हैं। सरकार का यह कदम सार्वजनिक धन के दुरुपयोग पर सख्त और निर्णायक कार्रवाई का संकेत देता है।