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Rajasthan : सरकार को रास नहीं आई ब्यूरोक्रेसी, इतने तबादलों के बाद भी 69 विभागों में नहीं हैं फुल टाइम अफसर
Mon, 30 Sep 2024 09:56 AM IST
प्रिया वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: प्रिया वर्मा
Updated Mon, 30 Sep 2024 09:56 AM IST
सार
प्रदेश की भजनलाल सरकार चारों तरफ से कठघरे में घिरती नजर आ रही है। कभी मंत्री पुत्रों को लेकर तो कभी अफसरों के तबादलों को लेकर, हर तरफ से सरकार पर सवालिया निशान उठ रहे हैं। ब्यूरोक्रेसी की हालत यह है कि एक ही अफसर के 5-5 तबादले करने के बावजूद सरकार के 69 विभाग एडिशनल चार्ज पर हैं।
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राजस्थान
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राज्य में भजनलाल सरकार में हुए तबादलों को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। अफसरों के बार-बार तबादले करने के बावजूद सरकार में 69 बड़े अहम विभाग/संस्थानों के लिए फुल टाइम अफसर नहीं लगाए जा सके, ये अब भी एडिशनल चार्ज के भरोसे चल रहे हैं। ऐसा पहली बार हो रहा है कि तबादला सूची आने के बाद भी इतने सारे विभाग एडिशनल चार्ज पर ही चलाए जा रहे हैं।
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हाल में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंदसिंह डोटासरा ने भी सरकार में तबादलों को लेकर बड़ा कटाक्ष किया था। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि 360 डिग्री परीक्षण कर स्थानांतरण का दावा करने वाली भाजपा सरकार ने अधिकारियों को स्थानांतरण के नाम पर फुटबॉल बना रखा है। चार आरएएस अधिकारियों का इन दस महीनों में पांच बार तबादला हुआ, जबकि 15 अधिकारियों का दस महीने में चार बार तबादला हुआ है। वहीं 50 आरएएस अधिकारियों का तीन बार तबादला किया गया है।
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आईएएस अफसरों की 2-2 ट्रांसफर सूची जारी हुई। इसमें पहली सूची में जिन आईएएस अफसरों के ट्रांसफर हुए उनमें से 22 अफसरों को एक ही महीने में दूसरी सूची जारी कर फिर बदल दिया गया। इसके बावजूद हालत यह है कि 46 IAS अधिकारियों के पास 69 विभागों/संस्थानों का अतिरिक्त चार्ज है। यहां तक कि कई अधिकारियों के पास तो तीन-तीन विभागों, संस्थानों या अहम पदों का अतिरिक्त चार्ज हैं, जिनमें खुद मुख्य सचिव भी शामिल हैं।
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एडिशनल चार्ज की वजह से इन विभागों में न तो अफसर दिलचस्पी लेते हैं और न ही नीचे काम करने वाली मशीनरी गंभीरता से काम करती है।
IAS अधिकारियों के पास अतिरिक्त चार्ज
- आईएएस शुभ्रा सिंह स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन की चेयरमैन हैं। उन्हें स्टेट बस टर्मिनल विकास प्राधिकरण का अतिरिक्त चार्ज दिया है।
-सीएस सुधांश पंत के पास अतिरिक्त चार्ज के रूप में RSMML चेयरमैन, चीफ रेजिडेंट कमिश्नर दिल्ली और राजफेड प्रशासक की जिम्मेदारी है।
- अभय कुमार के पास राजस्थान रिवर बेसिन एंड वाटर प्लानिंग अथॉरिटी आयुक्त, कृषि, कमांड एरिया डेवलपमेंट, जल उपयोगिता विभाग के एसीएस पद का अतिरिक्त चार्ज है। साथ ही वे अतिरिक्त चार्ज के रूप में इंदिरा गांधी नहर परियोजना एसीएस का भी अहम जिम्मा संभाल रहे हैं।
-आलोक ऊर्जा विभाग के एसीएस हैं लेकिन साथ में प्रिंसिपल रेजीडेंट कमिश्नर, दिल्ली, विद्युत प्रसारण निगम चेयरमैन और राजस्थान ऊर्जा विकास एंड आईटी सर्विसेज के चेयरमैन पद का अतिरिक्त चार्ज देख रहे हैं।
-श्रेया गुहा ग्रामीण विकास की अतिरिक्त मुख्य सचिव हैं और डीजी एचसीएम रीपा का अतिरिक्त चार्ज देख रही हैं।
-आनंद कुमार गृह, होमगार्ड, जेल, स्टेट इनवेस्टिगेशन ब्यूरो के एसीएस, पदेन चीफ विजिलेंस कमिश्नर,आपदा प्रबंधन, सहायता और सिविल डिफेंस के एसीएस हैं और अतिरिक्त चार्ज के रूप में न्याय और सैनिक कल्याण के एसीएस पद की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
-उद्योग प्रमुख सचिव अजिताभ शर्मा रीको और राजसीको चेयरमैन का अतिरिक्त चार्ज संभाले हुए हैं।
-प्रमुख सचिव राजेश यादव के पास जेसीटीएसएल चेयरमैन का अतिरिक्त चार्ज है।
-प्रमुख सचिव यूडीएच वैभव गालरिया के पास हाउसिंग बोर्ड चेयरमैन और एमडी जयपुर मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड का अतिरिक्त चार्ज है।
-विश्वमोहन शर्मा मिडडे मील आयुक्त हैं लेकिन उनके पास अतिरिक्त चार्ज के रूप में शिक्षा विशिष्ट सचिव,स्कूल शिक्षा विशिष्ट सचिव,पंचायती राज (प्रारंभिक शिक्षा) विशिष्ट सचिव पद का अतिरिक्त चार्ज है।