Rajasthan News: बार्डर पर खाद की कालाबाजारी; अब तक 30 FIR- कांग्रेस के आरोपों पर किरोड़ी का पलटवार
खाद की किल्लत और कालाबाजारी को लेकर जबरदस्त सियासी घमासान छिड़ा है। कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने कांग्रेस के आरोपों का जवाब देते हुए कहा- यह पुराने राज की बिगड़ी हुई आदत है उसे हम तोड़ने में लगे हुए हैं-
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राजस्थान के बॉर्डर पर खाद की कालाबाजारी हो रही है। जो खाद किसानों के खेतों के लिए थी उसे इंडस्ट्रीलय यूज में लिया जा रहा है। कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर लगातार सरकार की घेराबंदी कर रही है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा नेआरोप लगाया था कि प्रदेश में खाद मांगने पर किसानों पर लाठियां बरसाई जा रही हैं। खाद के लिए लंबी लाइने लग रही हैं। डोटासरा ने कहा था कि खाद के लिए आधार कार्ड की लाइन पहली बार देख रहे हैं और उसमें भी नंबर आने से पहले ही खाद खत्म हो जाती है। अन्नदाता के साथ अन्याय हो रहा है, लेकिन कृषि मंत्री और मुख्यमंत्री किसी के पास कोई जवाब नहीं है। हर दिन दिल्ली के चक्कर काटते हैं, लेकिन प्रदेश के लिए क्या लाते हैं, यह किसी को नहीं पता।
इसे जवाब में कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि प्रदेश में कहीं भी खाद की किल्लत नहीं है। उन्होंने कहा कि हमारे राज में तो नहीं लेकिन कांग्रेस राज में खाद के लिए किसानों को लाठी खाते हुए सबने देखा है। मीणा ने कहा कि कम उपलब्धता और अधिक खपत वाले जिलों में प्राथमिकता के साथ पारदर्शी वितरण कराया जा रहा है। कालाबाजारी, जमाखोरी और यूरिया डायवर्जन रोकने के लिए पूरे प्रदेश में सख्त कार्रवाई जारी है।
बार्डर एरिया में डायवर्जन पर निगरानी
कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने बताया कि अवैध भंडारण और डायवर्जन के मामलों में अब तक श्रीगंगानगर, टोंक, अलवर, पाली, कोटपुतली, नागौर, सीकर, भरतपुर, डूंगरपुर, दौसा, जैसलमेर, करौली और जालौर जिलों में कुल 30 FIR दर्ज की गई हैं। किरोड़ी बोले कि खाद की कालाबाजारी को लेकर कांग्रेस राज में एक भी अपराध दर्ज नहीं किया गया था। उन्होंने कहा कि पहली बार ऐसा हो रहा है कि हम मौके पर खड़े होकर किसानों को खाद बांट रहे हैं। उन्होंने बताया कि रबी 2025 के लिए केंद्र से आवंटित कोटे के अनुरूप अब तक 11.34 लाख MT यूरिया में से 10.50 लाख MT उपलब्ध कराया जा चुका है, जबकि 25 हजार MT परिवहन में है और दिसंबर में 3 लाख MT की आवक संभावित है। इसी तरह डीएपी के 2.68 लाख MT आवंटन के मुकाबले 3.50 लाख MT की उपलब्धता हो चुकी है।
यूरिया स्टॉक की भी दी जानकारी
किरोड़ी लाल मीणा ने प्रदेश में यूरिया-डीएपी के स्टॉक के आंकड़े भी बताए। उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रदेश में 1.67 लाख MT यूरिया, 66 हजार MT डीएपी, 61 हजार MT एनपीके और 1.43 लाख MT SSP का स्टॉक मौजूद है, जो पिछले वर्ष की तुलना में फॉस्फेटिक उर्वरकों में 79 हजार MT अधिक है। उर्वरक वितरण की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सभी जिलों में अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है और किसानों की भीड़ वाले स्थानों पर नियंत्रित वितरण कराया जा रहा है। सीमा से सटे जिलों में उर्वरकों की निकासी रोकने के लिए 61 चेक पोस्ट स्थापित कर निगरानी की जा रही है। अब तक नियम उल्लंघन पर 89 FIR दर्ज और 97 लाइसेंस निलंबित या निरस्त किए गए हैं। सभी जिलों में कंट्रोल रूम सक्रिय हैं ताकि रबी सीजन में किसानों को कहीं भी उर्वरक की कमी का सामना न करना पड़े।
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