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Rajasthan: वेतन विसंगति परीक्षण समिति की सिफारिशें लागू करने कर्मचारी आज देंगे ज्ञापन, तो फिर होगा महापड़ाव

Fri, 20 Sep 2024 09:10 AM IST
उदित दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: उदित दीक्षित Updated Fri, 20 Sep 2024 09:10 AM IST
सार

प्रदेश के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बजट सत्र में घोषणा की थी कि पूर्व सरकार द्वारा गठित कर्मचारी वेतन विसंगति परीक्षण समिति की वेतन सुधार/ वेतन विसंगति संबंधी शेष सभी सिफारिशों को 1 सितंबर 2024 से लागू किया जाएगा। आज कर्मचारी संगठन इन सिफारिशों को सार्वजनिक करने प्रदेश भर में ज्ञापन देंगे।

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Rajasthan Employees submit memorandum today to implement recommendations of Pay Discrepancy Test Committee
राजस्थान सीएम भजनलाल शर्मा। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजस्थान में उपचुनावों से पहले कर्मचारियों ने वेतन विसंगति परीक्षण समिति की सिफारिशें लागू करने की बड़ी मांग सरकार के सामने रख दी है। हालांकि, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बजट सत्र में घोषणा की थी कि पूर्व सरकार द्वारा गठित कर्मचारी वेतन विसंगति परीक्षण समिति की वेतन सुधार/ वेतन विसंगति संबंधी शेष सभी सिफारिशों को 1 सितंबर 2024 से लागू किया जाएगा। घोषणा के बाद भी समिति की सिफारिशों को सार्वजनिक नहीं किए जाने के विरोध में  राज्य कर्मचारी आज 20 सितम्बर को 1 बजे से तीन बजे तक अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ (एकीकृत) के आव्हान पर पूरे प्रदेश में ज्ञापन दिवस मनाएंगे। यह जानकारी महासंघ (एकीकृत) के प्रदेशाध्यक्ष गजेंद्र सिंह राठौड़ ने एक बयान में दी।

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आज सभी जिलों में जिला कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम का ज्ञापन प्रस्तुत किया जाएगा। प्रदेश की राजधानी जयपुर में राज्य कर्मचारी दोपहर 1 बजे शहीद स्मारक पर एकत्रित होकर  मुख्य सचिव को ज्ञापन देने जाएंगे। ज्ञापन में कर्मचारी वेतन विसंगति परीक्षण समिति की सिफारिशों को 1 सितंबर 2024 से लागू करने की घोषणा की क्रियान्विति करने सहित लंबित मांगों के निराकरण की मांग की जाएगी। 
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राठौड़ ने कहा कि 20 सितंबर को 1 बजे से ज्ञापन का कार्यक्रम  पूरे शांतिपूर्ण तरीके से बिना धरने- प्रदर्शन के आयोजित किया जा रहा है। जिसका मुख्य उद्देश्य मुख्यमंत्रीका उनके द्वारा की गई घोषणा पर ध्यान आकर्षित करना है। राठौड़ ने कहा कि  यदि सरकार ने इसके बाद भी रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं किया तो महासंघ को बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा।

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