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Rajasthan Election: समर्थन के लिए शर्तों का एलान, BSP को चाहिए मंत्री पद, 'बाप' ने कहा सरकार की चाबी हमारे पास
Sat, 02 Dec 2023 10:44 AM IST
अर्पित याज्ञनिक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: अर्पित याज्ञनिक
Updated Sat, 02 Dec 2023 10:44 AM IST
सार
Rajasthan Election: राजस्थान विधानसभा चुनाव के नतीजे किस ओर जाएंगे यह अभी कहना मुश्किल लग रहा है। अभी से जोड़तोड़ की राजनीति शुरू हो चुकी है। कई बागियों और क्षेत्रीय दलों के पास शीर्ष नेताओं के फोन आने शुरू हो चुके हैं। इधर, सियासी मिजाज भांपते हुए परिणाम से पहले ही क्षेत्रीय पार्टियां समर्थन को लेकर शर्तों का एलान करने लगी हैं।
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राजस्थान विधानसभा चुनाव।
- फोटो : Amar Ujala Digital
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विस्तार
लगता है राजस्थान एक बार फिर से सियासी बाड़बंदी का केंद्र बनेगा और समर्थन के लिए नेताओं की बोलियां लगेंगी? प्रदेश का सियासी मिजाज तो कुछ ऐसे ही संकेत देता नजर आ रहा है। एग्जिट पोल के आंकड़े सामने आने के बाद राजस्थान में बागी, दागी और क्षेत्रीय पार्टी के नेताओं को फेसटाइम पर फोन आने शुरू हो चुके हैं।
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चित्तौड़गढ़ में बीजेपी के बागी विधायक चंद्रभान सिंह आक्या के चुनाव जीतने की संभावनाएं सबसे ज्यादा बताई जा रही हैं। सूत्रों के मुताबिक खुद बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष सीपी जोशी ने चंद्रभान आक्या को फोन कर मिलने की बात कही। इधर, पूर्व सीएम वसुंधरा राजे भी लगातार अपने समर्थक विधायक प्रत्याशियों से संपर्क कर रही हैं। उन्हें मिलने के लिए जयपुर भी बुला रही हैं।
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भारत आदिवासी पार्टी के पास बीजेपी और कांग्रेस दोनों तरफ के नेताओं के फोन आ चुके हैं। बसपा भी निशाने पर है। आरएलपी सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल से कांग्रेस के कई नेता संपर्क साध चुके हैं।
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बसपा ने किया शर्तों का एलान
पूर्वी राजस्थान में मजबूत पकड़ रखने वाली बसपा पार्टी का बड़ा रिएक्शन सामने आया है। बसपा ने दावा किया है कि राजस्थान में जिस तरह पार्टी ने चुनाव लड़ा है उसे देखते हुए करीब आधा दर्जन सीटों पर बसपा जीतकर आएगी। बसपा ने साफ कर दिया है कि बसपा सुप्रीमो मायावती लगातार ये कहती हुई नजर आई हैं कि लगातार बसपा ने दो बार कांग्रेस को समर्थन देने का काम किया है, 2008 की बात हो या फिर 2018, दोनों बार बसपा ने कांग्रेस को बिना शर्त समर्थन दिया, लेकिन दोनों बार कांग्रेस ने बसपा के विधायकों को तोड़ने और खरीदने का काम किया। ऐसे में इस बार बसपा सुप्रीमो मायावती ने साफ कर दिया है कि इस बार जो भी विधायक जीतकर आएंगे उनका समर्थन किसी भी पार्टी को बिना शर्त के नहीं दिया जाएगा। जीते हुए विधायकों को मंत्री बनवाया जाएगा और समर्थन भी उसी पार्टी को दिया जाएगा जो सत्ता में बसपा के विधायकों को शामिल करेगी।
'बाप' ने कहा सरकार की चाबी हमारे पास
इधर वागड़ में करीब 10 सीटों पर जबरदस्त तरीके से चुनाव लड़ रही भारत आदिवासी पार्टी (बाप) ने भी गठबंधन के संकेत दे दिए हैं। पार्टी के प्रमुख विधायक राजकुमार रोत का कहना है कि उनकी पार्टी इस बार 10 सीटों पर चुनाव लड़ रही है और सरकार बनाने की चाबी उनके पास है।
प्रदेशाध्यक्ष बोले, BSP बिना शर्त के नहीं देगी किसी पार्टी को समर्थन
बसपा के प्रदेशाध्यक्ष भगवान सिंह बाबा ने दावा किया है कि बसपा प्रदेश में 18 से 20 सीटों पर मजबूत स्थिति में है। साल 2008 और 2018 में दो बार बसपा ने कांग्रेस को बिना शर्त समर्थन दिया। दोनों बार कांग्रेस ने बसपा के विधायकों को तोड़ने और खरीदने का काम किया। अबकी बार शर्त के साथ ही किसी पार्टी को समर्थन दिया जाएगा। बसपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा, तीन दिसंबर को राजस्थान में विधानसभा चुनाव का रिजल्ट आना है। बहुजन समाज पार्टी ने राजस्थान में बड़ी मजबूती के साथ चुनाव लड़ी है। बसपा 18 से 20 सीटों पर मजबूत स्थिति में है। मुझे पूरा भरोसा है, हमारे कई विधायक राजस्थान में जीत कर आएंगे।
साल 2008 और 2018 में बिना शर्त के कांग्रेस को समर्थन दिया। कांग्रेस ने दोनों बार हमारे विधायकों को तोड़ने का काम किया, खरीदने का काम किया। बसपा प्रमुख मायावती का मैसेज है कि अबकी बार हम अपने विधायकों का समर्थन किसी भी पार्टी को बिना शर्त के नहीं देंगे। समर्थन के लिए जीतने वाले विधायकों को मंत्री बनाना होगा और सत्ता में शामिल करना होगा।