Rajasthan: हिंदुत्व और तुष्टीकरण को मुद्दा नहीं बनने देना चाहते CM गहलोत, बीजेपी के आरोपों की निकाली काट
अबकी बार राजस्थान विधानसभा चुनाव में कांग्रेस हिंदुत्व मुद्दे को साथ लेकर चलेगी। बीजेपी के कांग्रेस पर हिंदुत्व विरोधी होने और तुष्टीकरण के आरोपों को धोकर साफ करने और नई छवि बनाने में सीएम अशोक गहलोत जुटे हैं। बीजेपी की हिंदुत्व मुद्दे पर कांग्रेस पर अटैक की सियासत फेल करने की कवायदें शुरू कर दी गई हैं।
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राजस्थान सीएम अशोक गहलोत और कांग्रेस हाईकमान ने राजस्थान में बड़ी स्ट्रेटजी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर बनाई है। राजस्थान से कांग्रेस का हिंदुत्व प्रेमी चेहरा देश भर में दिखाने की कोशिश की जा रही है। ताकि बीजेपी के आरोपों का मजबूत जवाब अपने कामों और सरकारी योजनाओं से दिया जा सके। सीएम गहलोत ने मंदिरों, धार्मिक पर्यटन स्थलों, धार्मिक तीर्थ यात्राओं, गायों के लिए योजनाएं चलाकर बड़ा हिंदू लाभार्थी वोट बैंक बनाया है। गहलोत ने राजस्थान में पांच करोड़ हिंदुओं को मैसेज देकर और विभिन्न समाज आधारित बोर्ड बनाकर वोटर्स को साधकर चुनावी वैतरणी पार करने और फिर से कांग्रेस सरकार लाने की रणनीति बनाई है।
सीएम अशोक गहलोत ने कहा है कि बीजेपी ने हिंदुओं को वोट बैंक बनाकर रखा है। वो ऐसा व्यवहार करते हैं, जैसे कि जो लोग बीजेपी में नहीं हैं, वो हिंदू ही नहीं हों। पुष्कर जी, श्री खाटूश्याम जी, श्री गोविंददेवजी पूरे राजस्थान के आस्था स्थल हैं। हम इन्हें नया स्वरूप दे रहे हैं। मंदिरों का जीर्णोद्धार करने और पूजा-पाठ का खर्च राज्य सरकार दे रही है। गायों में लंपी डिजीज आई, तो इस बीमारी की मार झेल चुके गौपालकों को राहत पहुंचाने, गौशालाओं को 10 गुना अनुदान देने, 50 हजार वरिष्ठ नागरिकों को तीर्थ यात्रा कराने की योजना चलने और धार्मिक मेलों में जाने पर रोडवेज बसों में 50 प्रतिशत किराए में छूट जैसे कई काम हमने कर दिए हैं।
पांच हजार करोड़ रुपये से ज्यादा राशि खर्च कर हिंदू वोटर्स साध रही कांग्रेस सरकार
हिंदू वोटों के पोलराइजेशन से बचने के लिए कांग्रेस सरकार पांच हजार करोड़ रुपये खर्च कर वोटर्स को साध रही है। प्रदेश के 110 मंदिरों में 110 करोड़ रुपये लागत के निर्माण कार्य कराने, जयपुर के आराध्य श्री गोविंददेजवी मंदिर, सीकर के रींगस में श्री खाटूश्याम जी मंदिर में कॉरिडोर बनाने और पूजा-पाठ, गायों के संरक्षण और चारे के लिए गौशालाओं को अनुदान देकर गहलोत सरकार बड़ा सियासी मैसेज दे रही है। गौशालाओं को अनुदान छह महीने से बढ़ाकर नौ महीने किया गया। अब साल भर अनुदान की ओर सरकार कदम बढ़ा रही है। हिंदुओं के साथ ही अन्य धर्मों और जाति-समाजों में भी फील गुड का एहसास कराया जा रहा है। अल्पसंख्यकों के धर्म स्थलों और धार्मिक यात्राओं पर भी योजनाएं चलाई जा रही हैं। ताकि सामाजिक सद्भाव बना रहे और सभी वर्गों में सही मैसेज जाए।
हिंदुत्व के लिए राज्य सरकार की उपलब्धियां और साढ़े चार साल के बड़े कार्य
पुष्कर सरोवर के 52 घाटों में परिक्रमा मार्ग तैयार करवाने, श्री गोविन्ददेव जी मंदिर जयपुर में 100 करोड़ रुपये, श्री गलताजी कुंड और मंदिरों के जीर्णोद्धार, सौंदर्यीकरण, निर्माण कार्यों के लिए 32 करोड़ रुपये और श्री खाटूश्याम जी मंदिर रींगस, सीकर में 32 करोड़ रुपये लागत से डेडिकेटेड कॉरिडोर निर्माण का कार्य, आदिवासियों के तीर्थ बेणेश्वर धाम में 100 करोड़ रुपये लागत से विकास कार्य, अब बांसवाड़ा के मानगढ़ धाम में सौगातें देने की तैयारी है। कई महापुरुषों और संतों के स्थलों पर पैनोरमा के लिए बजट प्रावधान, तेजाजी मंदिर, राजसमंद के कनेवरी माता मंदिर समेत समाजों से जुड़े मंदिरों में विकास कार्य, गौशालाओं और नंदीशालाओं को पिछले साढ़े चार साल में तकरीबन 2500 करोड़ रुपये अनुदान दिया गया है।
पिछले दो साल में एक लाख तीर्थयात्रियों की यात्रा, नेपाल के काठमांडू में श्री पशुपतिनाथ मंदिर दर्शन के लिए चार हजार बुजुर्गों और अटेंडेंट को नि:शुल्क हवाई यात्रा, हजारों बुजुर्गों को नि:शुल्क चार धाम रेल और तीर्थस्थलों की बस यात्रा, श्री केदारनाथ धाम में आई बाढ़ और त्रासदी के 62 आपदा आश्रितों को अनुकम्पा नियुक्ति दी गई है। प्रदेश में देवस्थान विभाग के तहत 593 मंदिरों को प्रति मंदिर एक लाख रुपया और दीया-बत्ती, भगवान की पोशाक अर्पित करने, पुजारियों का मानदेय तीन हजार से बढ़ाकर पांज हजार रुपये करने का काम किया। प्रत्येक सावन सोमवार को शिवजी का रुद्राभिषेक, श्री हनुमान जयंती पर मंदिरों में सुन्दरकांड पाठ, नवरात्रा-रामनवमी पर अखंड रामायण पाठ करवाने शुरू किए।
देवस्थान विभाग की मंत्री शकुंतला रावत ने संभागवार देवदर्शन पदयात्राएं कीं और दिवाली से अजमेर के पुष्कर सरोवर के घाटों पर दीपदान कार्यक्रम किए। इसमें मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी शामिल हुए। सीएम अशोक गहलोत ने होली-दिवाली जैसे बड़े त्योहार पर कार्यकर्ताओं से स्नेह मिलन भी किया और रामा श्यामा का दौर चला। नवरात्र पर अपने निवास पर माता के मंदिर में सपरिवार पूजा अर्चना भी की और आरती भी उतारकर संदेश दिया। हालांकि, मदरसे और कब्रिस्तान के लिए भी 100 करोड़ रुपये का कोष सरकार ने रखा है। लेकिन इसका राजनीतिकरण नहीं किया गया।
क्यों कांग्रेस हिंदुत्व प्रेमी छवि बना रही?
दरअसल, पिछले अनुभव कांग्रेस के लिए कड़वे रहे हैं। बीजेपी ने कांग्रेस के खिलाफ हिंदुत्व और तुष्टीकरण का मुद्दा जोर-शोर से उठाया और उछाला। देश भर में इसी आधार पर बीजेपी तेजी से आगे बढ़ती रही और बहुसंख्यक वोट बैंक का एक बड़ा ध्रुवीकरण हो गया। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा के राजस्थान में दिए गए भाषणों में उदयपुर का कन्हैयालाल टेलर हत्याकांड, जयपुर ब्लास्ट आरोपियों की रिहाई, कांग्रेस के कथित तुष्टिकरण का जिक्र हुआ है।
नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ खुद केंद्र के निर्देश पर जयपुर ब्लास्ट के पीड़ितों को न्याय दिलाने के मुद्दे पर दिल्ली का दौरा और सुप्रीम कोर्ट तक का रुख पीड़ितों को साथ लेकर कर चुके हैं। लव जिहाद पर पहले 'द केरला स्टोरी' फ़िल्म बनी, जिसे बीजेपी नेताओं ने महिलाओं, लड़कियों, युवतियों और अपने कार्यकर्ताओं को सिनेमा हॉल और मल्टीप्लेक्स में खुद शो बुकिंग कर फ्री दिखाया। अब अजमेर ब्लैकमेल कांड ओर अजमेर 92 जैसी मूवी आई है, जिसे लेकर भी कांग्रेस चिंतित है कि गढ़े मुर्दे उखाड़कर अब क्या मैसेज देने की कोशिश की जा रही है।
शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती, स्वामी रामदेव, आचार्य धीरेंद्र शास्त्री, प्रदीप मिश्रा जैसे गुरु ऑक्ट कई कथावाचक हिंदुत्ववादी मुद्दे उठाकर गए। कांग्रेस हिंदुत्व प्रेमी छवि को आगे लेकर चलना चाहती है। क्योंकि उसे अच्छे से पता है कि ऐसा नहीं किया गया तो विपक्ष वोटों का ध्रुवीकरण करने की कोशिश करेगा। पिछले समय में हुए कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश के चुनाव में कांग्रेस की जीत से पार्टी में उत्साह का माहौल है। कांग्रेस मुक्त भारत के बीजेपी के नारे को भी इससे बड़ा धक्का लगा है। अब कांग्रेस चाहती है कि उत्तरी भारतीय राज्यों राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ में हिंदुओं को पूरी तरह साधकर ही चुनाव में उतरा जाए।