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Rajasthan: आरजीएचएस घोटाले में निजी अस्पताल का संचालक गिरफ्तार, कोर्ट ने खारिज की जमानत
Mon, 13 Apr 2026 08:31 PM IST
जयपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
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Published by: जयपुर ब्यूरो
Updated Mon, 13 Apr 2026 08:31 PM IST
सार
जयपुर में आरजीएचएस योजना में कथित फर्जीवाड़े के आरोप में मानसरोवर थाना पुलिस ने निजी अस्पताल संचालक डॉ. सोमदेव बंसल को गिरफ्तार किया है। कोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी है और पुलिस जांच जारी है।
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कार्रवाई में देरी के विरोध में अधिवक्ताओं ने हाईकोर्ट के बाहर कई दिनों तक धरना प्रदर्शन किया था
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
राजस्थान सरकार की स्वास्थ्य योजना आरजीएचएस (RGHS) में कथित फर्जीवाड़े के मामले में मानसरोवर थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक निजी अस्पताल के संचालक डॉ. सोमदेव बंसल को गिरफ्तार किया है। आरोपी डॉक्टर पर मरीजों के दस्तावेजों में हेरफेर कर सरकारी योजना के तहत अवैध क्लेम लेने का गंभीर आरोप है।
पुलिस के अनुसार, गोपालपुरा बाईपास स्थित एक निजी अस्पताल के संचालक डॉ. बंसल ने एक महिला मरीज के इलाज से जुड़े मूल दस्तावेजों में कथित तौर पर काट-छांट की। इसके बाद अस्पताल के बिलों को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया गया और कूटरचित दस्तावेजों को आरजीएचएस पोर्टल पर अपलोड कर दिया गया। इस कथित फर्जीवाड़े के माध्यम से सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई। मामले का खुलासा उस समय हुआ, जब संबंधित विभाग को इस संबंध में शिकायत प्राप्त हुई। जांच के दौरान यह सामने आया कि अस्पताल प्रशासन द्वारा जानबूझकर गलत जानकारी पोर्टल पर दर्ज की गई थी। इसके बाद पुलिस ने साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। इस प्रकरण से पहले भी विवाद जुड़ा रहा है। एक अधिवक्ता ने अपनी मां के इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए डॉक्टर के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। कार्रवाई में देरी के विरोध में अधिवक्ताओं ने हाईकोर्ट के बाहर कई दिनों तक धरना-प्रदर्शन किया और सख्त कार्रवाई की मांग की थी।
ये भी पढ़ें- 12,500 देकर खरीदे 30 हजार के नकली नोट, पुलिस की छापेमारी पड़ते ही मचा हड़कंप; पांच आरोपी गिरफ्तार
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कोर्ट ने जमानत याचिका खारिज
गिरफ्तारी के बाद आरोपी डॉक्टर को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से न्यायालय में पेश किया गया। अदालत ने मामले को प्रथम दृष्टया गंभीर मानते हुए आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है और अन्य पहलुओं की भी पड़ताल जारी है।
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पुलिस के अनुसार, गोपालपुरा बाईपास स्थित एक निजी अस्पताल के संचालक डॉ. बंसल ने एक महिला मरीज के इलाज से जुड़े मूल दस्तावेजों में कथित तौर पर काट-छांट की। इसके बाद अस्पताल के बिलों को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया गया और कूटरचित दस्तावेजों को आरजीएचएस पोर्टल पर अपलोड कर दिया गया। इस कथित फर्जीवाड़े के माध्यम से सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई। मामले का खुलासा उस समय हुआ, जब संबंधित विभाग को इस संबंध में शिकायत प्राप्त हुई। जांच के दौरान यह सामने आया कि अस्पताल प्रशासन द्वारा जानबूझकर गलत जानकारी पोर्टल पर दर्ज की गई थी। इसके बाद पुलिस ने साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। इस प्रकरण से पहले भी विवाद जुड़ा रहा है। एक अधिवक्ता ने अपनी मां के इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए डॉक्टर के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। कार्रवाई में देरी के विरोध में अधिवक्ताओं ने हाईकोर्ट के बाहर कई दिनों तक धरना-प्रदर्शन किया और सख्त कार्रवाई की मांग की थी।
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कोर्ट ने जमानत याचिका खारिज
गिरफ्तारी के बाद आरोपी डॉक्टर को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से न्यायालय में पेश किया गया। अदालत ने मामले को प्रथम दृष्टया गंभीर मानते हुए आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है और अन्य पहलुओं की भी पड़ताल जारी है।