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G-20 Jaipur: आज से प्री बैठकें शुरू, 40 देशों के 350 ट्रेड मिनिस्टर और डेलीगेट्स आएंगे पिंकसिटी
Mon, 21 Aug 2023 08:01 PM IST
अर्पित याज्ञनिक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: अर्पित याज्ञनिक
Updated Mon, 21 Aug 2023 08:01 PM IST
सार
जी-20 के लिए जयपुर में आज से प्री बैठकें शुरू हो गई हैं। व्यापार और निवेश मंत्री समूह की बैठक 24-25 अगस्त को होगी। 40 देशों के 350 ट्रेड मिनिस्टर और डेलीगेट्स इसमें हिस्सा लेने पिंकसिटी आएंगे।
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प्री बैठक के दौरान मौजूद सदस्य।
- फोटो : Amar Ujala Digital
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विस्तार
जी-20 के व्यापार और निवेश मंत्री समूह की बैठक 24 और 25 अगस्त को जयपुर में होगी। विश्व व्यापार संगठन जैसे अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रमुखों की मेजबानी जयपुर करेगा। भारत की जी-20 अध्यक्षता के तहत व्यापार और निवेश मंत्रालयी बैठक जयपुर में 24 और 25 अगस्त को आयोजित की जाएगी। बैठक में भाग लेने के लिए जी-20 सदस्य देशों, आमंत्रित देशों के व्यापार मंत्रियों, सचिवों, क्षेत्रीय समूहों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधिमंडलों के प्रमुखों सहित 350 प्रतिनिधि जयपुर पहुंच रहे हैं।
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बैठक में विशेष रूप से, अमेरिका, ब्रिटेन, चीन, कनाडा, इंडोनेशिया, जापान, यूरोपीय संघ, कोरिया गणराज्य, तुर्किये, सऊदी अरब, फ्रांस, बांग्लादेश, मिस्र, नीदरलैंड, ओमान, सिंगापुर और संयुक्त अरब अमीरात के व्यापार मंत्री भाग लेंगे। बैठक की अध्यक्षता वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय, उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री और कपड़ा मंत्री पीयूष गोयल करेंगे। उद्घाटन सत्र में प्रधानमंत्री का एक वीडियो संदेश भी प्रसारित किया जाएगा, जो वैश्विक व्यापार और निवेश मुद्दों पर सार्थक चर्चा के लिए मंच तैयार करेगा। इसके बाद मंत्री तीन सत्रों में वैश्विक व्यापार और निवेश संबंधित मुद्दों पर आम सहमति बनाने के मुद्दों पर विचार-विमर्श करेंगे, जिसमें वैश्विक विकास और समृद्धि के लिए बहुपक्षीय व्यापार, समावेशी और लचीले व्यापार और कागजरहित व्यापार के लिए प्रौद्योगिकी का लाभ उठाने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इन विचार-विमर्श जो नतीजा निकलेगा, वह वैश्विक व्यापार और निवेश में तेजी लाने के लिए मार्गदर्शन करने वाला साबित होगा। जो वर्तमान में वैश्विक आर्थिक दृष्टिकोण से प्रतिकूल परिस्थितियों का सामना कर रहा है।
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अंतिम व्यापार और निवेश कार्य समूह (टीआईडब्ल्यूजी) की बैठकें शुरू
जी-20 सदस्य देश वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद का 85 फीसदी, अंतरराष्ट्रीय व्यापार का 75 फीसदी और दुनिया की दो-तिहाई आबादी का प्रतिनिधित्व करते हैं। इसलिए वैश्विक व्यापार और निवेश में तेजी लाने में आने वाली चुनौतियों के प्रति साझा समझ बनाने के लिए सहयोगात्मक भावना के साथ काम करना अधिक महत्वपूर्ण है, साथ ही यह भी महत्वपूर्ण है कि विकास को समावेशी और पारदर्शी बनाने के लिए मौजूदा अवसरों का लाभ कैसे उठाया जाए? मंत्रिस्तरीय बैठक से पहले भारत की जी-20 अध्यक्षता के तहत चौथी और अंतिम व्यापार और निवेश कार्य समूह (टीआईडब्ल्यूजी) की बैठक 21 और 22 अगस्त, 2023 को जयपुर में ही आयोजित की जा रही हैं। इस बैठक के दौरान जी-20 सदस्य देश, आमंत्रित देश और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के वरिष्ठ व्यापार और निवेश अधिकारी पांच प्राथमिकता वाले मुद्दों के साथ-साथ भारतीय अध्यक्षता में पेश कार्रवाई उन्मुख प्रस्तावों को पूरा करने पर ध्यान केंद्रित करेंगे। इन मुद्दों में शामिल हैं-विकास और समृद्धि के लिए व्यापार, लचीला व्यापार और जीवीसी, विश्व व्यापार में एमएसएमई को एकीकृत करना, लॉजिस्टिक फॉर ट्रेड और विश्व व्यापार संगठन में सुधार।
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मुंबई, बेंगलूरु और केवाडिया में आयोजित की गई थीं पिछली तीन बैठकें
पिछली तीन टीआईडब्ल्यूजी बैठकें- मुंबई, बेंगलूरु और केवाडिया में आयोजित की गई थीं। इन बैठकों के दौरान पहचाने गए प्राथमिकता वाले मुद्दों पर व्यापक चर्चा हुई थी। इसके अलावा, इन बैठकों के दौरान नॉलेज पार्टनरों ने प्रस्तुति दी। जिनमें प्रत्येक विषय और उनके प्राप्त होने वाले परिणामों की रूपरेखा दी गई थी। इन चर्चाओं में जी20 सदस्य, आमंत्रित देशों द्वारा व्यक्त किए गए विचारों और सुझावों के आधार पर भारतीय अध्यक्षता ने मंत्रालयी वक्तव्य और प्रत्येक प्राथमिकता वाले मुद्दे पर एक्शन ओरिएंटेड ठोस प्रस्ताव तैयार किए हैं।
प्रौद्योगिकी सीमा पार व्यापार पर गहरा प्रभाव डाल सकती है
जहां तक महत्वपूर्ण मुद्दों का सवाल है, विचार-विमर्श जी-20 के लिए इस बात को दोहराने का मार्ग प्रशस्त करेगा कि नियम-आधारित बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली, जिसके मूल में डब्ल्यूटीओ है, समावेशी विकास, नवाचार, रोजगार सृजन और टिकाऊ विकास के हमारे साझा उद्देश्यों को आगे बढ़ाने के लिए अपरिहार्य है। इसके अलावा, मंत्रिस्तरीय बैठक जी-20 को उस महत्वपूर्ण भूमिका को उजागर करने का मौका प्रदान करेगी कि प्रौद्योगिकी सीमा पार व्यापार पर गहरा प्रभाव डाल सकती है। इस संबंध में, भारतीय अध्यक्षता ने उन ठोस लाभों पर ध्यान केंद्रित किया है जो पेपरलेस व्यापार प्रणाली का इस्तेमाल करके देशों को प्राप्त हो सकते हैं। कागजरहित व्यापार प्रणाली से कारोबारी लागत में और कमी आएगी, इससे छोटे शिपमेंट और अधिक लागत प्रभावी बनेंगे और यह निम्न लागत पर प्रचालनों के अंतर्राष्ट्रीयकरण को सक्षम बनाएगा। इससे तेजी से डिजिटल होती दुनिया में व्यापार प्रतिस्पर्धात्मकता सुनिश्चित हो सकती है। उम्मीद है कि भारतीय अध्यक्षता द्वारा रखे गए प्रस्तावों पर जी-20 में आम सहमति बनेगी।
जी-20 के लिए उन बाधाओं को दूर करना भी महत्वपूर्ण है जो अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में सूक्ष्म, लघु और मझोले उद्यमों (एमएसएमई) को मिलकर काम करने में बाधा पहुंचाते हैं। चूंकि एमएसएमई रोजगार सृजन और जीडीपी को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण हैं, इसलिए जी-20 के लिए व्यापार और व्यापार से संबंधित जानकारी, वित्त और बाजारों तक अपर्याप्त पहुंच के 3 महत्वपूर्ण डायमेंशन पर ध्यान देना है, जो वैश्विक व्यापार में एमएसएमई की भागीदारी को बाधित करते हैं। इसके अलावा चूंकि विश्व व्यापार का 70 प्रतिशत वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं (जीवीसी) के माध्यम से प्रकट होता है, जी-20 टीआईडब्ल्यूजी के लिए स्ट्रक्चर की मैपिंग को डवलप करना अनिवार्य है, जो जीवीसी को भविष्य के आघातों के प्रति लचीला बना सकता है।
जी-20 टीआईडब्ल्यूजी ने वर्तमान में जारी सुधार प्रक्रिया की सहायता करने और आगामी तेरहवें मंत्रालयी सम्मेलन (एमसी13) में सार्थक परिणाम अर्जित करने के लिए रचनाशील तरीके से काम करने के लिए एकजुट होने, देशों के बीच आम सहमति का निर्माण करने के लिए डब्ल्यूटीओ सुधार पर प्राथमिकता को भी अपनाया है। भारतीय अध्यक्षता की वसुधैव कुटुम्बकम की जी-20 थीम के मुताबिक सभी के लिए विकास को समावेशी और पारदर्शी बनाने के लिए मौजूदा अवसरों का लाभ उठाने पर बैठक में फोकस रहेगा।
भारतीय चाय, कॉफी, मसाले और मोटे अनाजों की एक व्यापक किस्म को प्रदर्शित किया जाएगा
टीआईएमएम के दौरान, प्रतिनिधियों के लिए भारतीय चाय, कॉफी, मसाले और मोटे अनाजों की एक व्यापक किस्म को प्रदर्शित करने के लिए एक अनुभव क्षेत्र (एक्सपेरिएंस जोन) का निर्माण किया जाएगा और गुलाबी नगरी की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने के लिए जयपुर एक्सपेरिएंस पर एक प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा। साथ ही टीआईएमएम प्रतिनिधियों के लिए 24 अगस्त को रात्रिभोज और सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।