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Politics: एमके स्टालिन के हिंदी विरोधी बयान पर गजेंद्र शेखावत बोले- उनको पहले हिन्दी के विषय में जानना चाहिए
Fri, 28 Feb 2025 10:40 PM IST
अरविंद कुमार
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: अरविंद कुमार
Updated Fri, 28 Feb 2025 10:40 PM IST
सार
MK Stalin anti-Hindi Statement: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के हिंदी विरोधी बयान पर केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने प्रतिक्रया दी। शेखावत बोले, कुछ लोग राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं की पूर्ति के लिए राष्ट्रीय एकता पर राजनीतिक टिप्पणी से नहीं चूकते।
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गजेंद्र सिंह शेखावत
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि कुछ लोग अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं की पूर्ति के लिए राष्ट्रीय एकता पर राजनीतिक टिप्पणी करने से नहीं चूकते हैं, जो बिल्कुल अनुचित है। शेखावत ने शुक्रवार शाम जयपुर एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत की।
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इस दौरान तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की हिंदी के विरोध में आई प्रतिक्रिया पर शेखावत ने कहा कि हिंदी हमारी राष्ट्रभाषा है। इस पर सवाल उठाना ठीक नहीं है। जो लोग सवाल उठा रहे हैं, उनको पहले हिंदी के विषय में जानना चाहिए। हिंदी पूरे देश को एकता के सूत्र में बांधने वाली भाषा है। मां भारती के भाल की बिंदी है। देश के 140 करोड़ लोगों के लिए गर्व का विषय है कि हिंदी हमारी राष्ट्रभाषा है। उस पर इस तरह की टीका-टिप्पणी नहीं होनी चाहिए। स्थानीय लोगों की भावनाओं को उकसाना गलत है।
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केंद्रीय मंत्री शेखावत ने कहा कि जिस देश के लोकतंत्र को 75 साल हो गए हों, उस देश में न तो ऐसे विषयों के लिए कोई स्थान होना चाहिए और न ही ऐसी भाषा बोलने वाले लोगों के प्रति कोई आस्था और श्रद्धा होनी चाहिए। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि एमके स्टालिन ने राजस्थानी भाषा पर भी सवाल उठाया, तब मैंने उन्हें राजस्थान आने के लिए आमंत्रित किया। वो राजस्थान में आकर देखें कि कुछ ही दूरी में किस तरह भाषाओं में परिवर्तन होता है और यही हमारे देश की पहचान है, जिसका सम्मान होना चाहिए।
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