PKC Project: मुख्यमंत्री बोले- राजस्थान के 21 जिलों को मिलेगा पेयजल, सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा आज का दिन
यह परियोजना राजस्थान के 21 जिलों के सवा तीन करोड़ लोगों को पेयजल, ढाई लाख हेक्टेयर नए क्षेत्र में सिंचाई, और उद्योगों के लिए पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करेगी। मुख्यमंत्री ने एक लाख करोड़ रुपये के विकास कार्यों, जल पुनर्भरण कार्यक्रमों, सरकारी भर्तियों, किसानों व पशुपालकों को राहत, और बुनियादी ढांचे के विकास की योजनाओं पर भी प्रकाश डाला।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने संशोधित पीकेसी परियोजना (पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक) के सफल क्रियान्वयन को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि आज का दिन राजस्थान के इतिहास में सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा। इस अवसर पर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल और मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन की सरकार राजस्थान की आकांक्षाओं को पूरा करने और राज्य को प्रगति के पथ पर तेजी से आगे ले जाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
सवा तीन करोड़ लोगों को मिलेगा पेयजल
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना से राजस्थान के 21 जिलों के करीब सवा तीन करोड़ लोगों को पेयजल उपलब्ध होगा। इसके अलावा, करीब ढाई लाख हेक्टेयर नए क्षेत्र में सिंचाई और डेढ़ लाख हेक्टेयर क्षेत्र में अतिरिक्त सिंचाई की सुविधा मिलेगी। उद्योगों को भी आवश्यकता के अनुसार पानी की आपूर्ति सुनिश्चित होगी।
एक लाख करोड़ रुपये के विकास कार्यों की शुरुआत
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज एक लाख करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की शुरुआत हुई है। इनमें 46 हजार करोड़ रुपये की योजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ है, जबकि 58 हजार करोड़ रुपये के कार्यों के टेंडर जारी किए गए हैं। साथ ही भूजल पुनर्भरण के लिए 45 हजार गांवों में रिचार्ज वेल बनाने के कार्यक्रम की भी शुरुआत हुई है।
सरकारी भर्तियों पर तेजी से कार्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने बीते एक साल में 43 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी दी है। वर्तमान में 1 लाख 29 हजार नई भर्तियों की प्रक्रिया जारी है और 27 हजार भर्तियों पर जल्द काम शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए सरकार पूरी गंभीरता से कार्य कर रही है।
किसानों और पशुपालकों को राहत
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य के 70 लाख किसानों को 5600 करोड़ रुपये की राशि सीधे उनके खातों में हस्तांतरित की गई है। पशुपालकों के लिए मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना और मोबाइल पशु चिकित्सा इकाइयों की शुरुआत की गई है। इसके अलावा आंगनबाड़ी केंद्रों में अमृत आहार योजना और लाडो प्रोत्साहन योजना लागू की गई हैं।
10 लाख परिवारों को नल कनेक्शन और सड़कें
मुख्यमंत्री ने बताया कि एक वर्ष के भीतर 10 लाख परिवारों को नल कनेक्शन दिए गए हैं और 1000 गांवों को सड़कों से जोड़ा गया है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 1700 गांवों को पक्की सड़कों से जोड़ने का कार्य भी शुरू किया गया है।
प्रधानमंत्री की ऐतिहासिक भूमिका
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में तीन नदियों का पानी राजस्थान और मध्यप्रदेश के जिलों तक पहुँच सका है। परियोजना के 90 प्रतिशत खर्च का वहन केंद्र सरकार द्वारा किया जाएगा।
‘कैच द रेन’ अभियान बना जन आंदोलन
केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत 15 करोड़ घरों को स्वच्छ पानी उपलब्ध कराया गया है। ‘कैच द रेन’ अभियान के अंतर्गत 3 लाख से अधिक रेन वाटर रिचार्ज स्ट्रक्चर बनाए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने जनता से की आत्मीय मुलाकात
समारोह के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सुरक्षा घेरे को तोड़ते हुए आमजन के बीच पहुँच गए। इस दौरान उन्होंने साधु-संतों, महिलाओं और अन्य लोगों से आत्मीय मुलाकात की। कुछ लोगों ने उन्हें हस्तनिर्मित फोटो भेंट की तो कुछ ने अपनी समस्याओं से संबंधित ज्ञापन सौंपे। इस अवसर पर राज्य सरकार के मंत्री भी उनके साथ मौजूद रहे। समारोह में पार्वती, कालीसिंध और चंबल नदियों के जल कलश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सौंपे गए। कार्यक्रम में संशोधित पीकेसी परियोजना पर आधारित एक लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया।