प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में ऑर्गन डोनेशन सेंटर- हजार से ज्यादा लोग इंतजार में
सार- चिकित्सा शिक्षा सचिव अम्बरीष कुमार ने कहा कि राजस्थान अंगदान एवं प्रत्यारोपण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रहा है। हमारा प्रयास है कि प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में अंगदान एवं प्रत्यारोपण की सुविधा शुरू हो, ताकि इस पुनीत कार्य को आगे बढ़ाते हुए अधिक से अधिक संख्या में लोगों का जीवन बचाया जा सके।
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विस्तार- राजस्थान में हर वर्ष करीब 10 हजार मौतें सड़क दुर्घटनाओं में होती हैं। इनमें से 10 प्रतिशत ब्रेन डेड व्यक्तियों का अंगदान भी संभव हो सके तो अंगों की प्रतीक्षा कर रहे अनेक रोगियों को नया जीवन मिल सकता है। इसके लिए अब प्रदेश स्वास्थ्य विभाग सभी मेडिकल कॉलेजों में ऑर्गन डोनेशन सेंटर की सुविधा विकसित करने की तैयारी कर रहा है। चिकित्सा शिक्षा सचिव अम्बरीष कुमार ने कहा कि प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में अंगदान एवं प्रत्यारोपण की सुविधा शुरू हो, ताकि इस पुनीत कार्य को आगे बढ़ाते हुए अधिक से अधिक संख्या में लोगों का जीवन बचाया जा सके।
स्टेट ऑर्गन टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गनाइजेशन के अनुसार राजस्थान में अब तक ऑर्गन ट्रांसप्लांट के जरिए 116 लोगों की जान बचाई जा चुकी है। प्रदेश में 49 लोगों की मृत्यु के बाद उनके परिवार जनों ने उनके अंग दान किए हैं। अब भी करीब 1 हजार से ज्यादा मरीज ऐसे हैं जो किडनी, लीवर और हार्ट के प्रत्यारोपण का इंतजार कर रहे हैं।
स्वस्थ जीवन शैली अपनाएं ताकि कम से कम हो ट्रांसप्लांट की आवश्यकता
अम्बरीष कुमार ने कहा कि दुर्घटना, असंतुलित जीवन शैली और जेनेटिक कारणों से अंग प्रत्यारोपण की आवश्यकता बढ़ रही है। आधुनिक चिकित्सा विज्ञान की बदौलत हमारी औसत आयु बढ़कर 75 वर्ष तक पहुंच गई है, जो आजादी के समय 26 से 30 वर्ष हुआ करती थी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अंगदान एवं प्रत्यारोपण की सुविधाओं में निरंतर विस्तार कर रही है। मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना में अंग प्रत्यारोपण की सुविधा नि:शुल्क उपलब्ध है। साथ ही, अंगदान को बढ़ावा देने के लिए एक पारदर्शी एवं सुगम प्रक्रिया विकसित की गई है। इसी का परिणाम है कि विगत कुछ समय में प्रदेश में अंगदान एवं प्रत्यारोपण के मामलों में तेजी से वृद्धि हुई है। आने वाले समय में राजस्थान इस क्षेत्र में अव्वल राज्य बनकर उभरेगा।
विगत 6 माह में ही एसएमएस में 19 कैडेवर ट्रांसप्लांट—
सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. दीपक माहेश्वरी ने कहा कि वर्ष 2018 में सोटो की स्थापना के बाद से प्रदेश में अंगदान एवं प्रत्यारोपण के क्षेत्र में सतत प्रगति हो रही है। विगत 6 माह में ही सवाई मानसिंह अस्पताल में 19 कैडेवर ट्रांसप्लांट किए गए हैं, जो एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि कॉर्निया ट्रांसप्लांट के मामले में यहां जीरो पेंडेंसी है। इसी प्रकार सवाई मानसिंह अस्पताल का स्किन बैंक नॉर्थ इंडिया का सबसे बड़ा स्किन बैंक है। उन्होंने कहा कि राजस्थान को मेडिकल हब बनाने के लिए अंगदान एवं प्रत्यारोपण की सुविधाओं को और सुदृढ़ किया जा रहा है।
उत्कृष्ट कार्यों के लिए राजस्थान को मिले दो राष्ट्रीय अवार्ड—
समुचित प्राधिकारी डॉ. रश्मि गुप्ता ने कहा कि राजस्थान अंगदान के प्रति जागरूकता की दिशा में प्रभावी कार्य किया है। राजस्थान अंगदान की आनलाइन शपथ के मामले में देश में प्रथम है। हाल ही अंगदान के प्रति जागरूकता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए केंद्र सरकार ने राजस्थान को दो राष्ट्रीय अवार्ड से सम्मानित किया है। उन्होंने कहा कि अंगदान एवं प्रत्यारोपण में सभी संस्थान थोहा एक्ट की पूर्णत: पालना सुनिश्चित करें।