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NCRB Report : राजस्थान में अपराध दर में गिरावट, महिलाओं व अनुसूचित जाति-जनजाति पर अत्याचार में कमी दर्ज
Thu, 02 Oct 2025 06:55 AM IST
सौरभ भट्ट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: सौरभ भट्ट
Updated Thu, 02 Oct 2025 06:55 AM IST
सार
एनसीआरबी के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार राजस्थान में 2024‑25 में महिलाओं, अनुसूचित जाति‑जनजाति और आर्थिक अपराधों में गिरावट दर्ज हुई।
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ncrb report
- फोटो : amar ujala
विस्तार
हाल ही में राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो द्वारा देश के आपराधिक आंकड़े जारी किए गए हैं। ये आंकड़े वर्ष 2021, 2022 तथा 2023 तक के हैं। राजस्थान की बात करें तो 2023 में राजस्थान दुष्कर्म के दर्ज प्रकरणों में देश में पहले पायदान पर रहा। जबकि 2024 व 25 में इन आंकड़ों में करीब 9 प्रतिशत की कमी आई है।
यदि वर्ष 2023 व 2024 की तुलना की जाए तो महिलाओं के विरुद्ध अपराधों 45,450 मुकदमों के विरुद्ध 36,563 मुकदमे दर्ज हुए हैं। अनुसूचित जनजाति के विरुद्ध अपराधों में 8449 के मुकाबले 7008 मुकदमे, अनुसूचित जाति के विरुद्ध अपराधों में 2453 के स्थान पर 2282 मुकदमे दर्ज हुए हैं। आर्थिक अपराधों में भी कमी है, 27675 के मुकाबले 27637 अभियोग पंजीबधहुए हैं। आईपीसी/बीएनएस अपराधों में 234985 के स्थान पर 213352 मुकदमे दर्ज हुए। पिछले डेढ़ साल में नशा तस्करों पर 44% ज्यादा कार्रवाई की गई।
महिला अत्याचार प्रकरण में 9.24 प्रतिशत की कमी
वर्ष 2023 के बाद से महिलाओं, के खिलाफ होने वाले अत्याचारों के अपराधों में लगातार गिरावट दर्ज की गई है। एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार राजस्थान में 2023 में दुष्कर्म के 5 हजार मामले सामने आए, जो देश में सबसे ज्यादा है। हालांकि, पिछले डेढ़ साल में प्रदेश में दुष्कर्म के मामलों में 7% की कमी आई है। जुलाई 2022 से दिसंबर 2023 तक प्रदेश में दुष्कर्म के 10215 मामले दर्ज हुए। वहीं, जनवरी 2024 से जून 2025 तक 9498 मामले सामने आए। ऐसे में डेढ़ साल में दुष्कर्म के 717 मामले यानी की 7% की कमी आई है। पिछले डेढ़ साल में सबसे ज्यादा बलवा के केसेज 76% कम हुए हैं।
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इनका कहना है-
" राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो द्वारा हाल ही में जारी किए गए आंकड़े वर्ष 2021 से 2023 तक के हैं जबकि राजस्थान पुलिस की प्रभावी कार्यवाही के चलते वर्ष 2024-25 में अपराधों में लगातार गिरावट नजर आई है। राज्य में महिला अत्याचार, अजा-अजजा संबंधित अपराध व आर्थिक अपराधों के साथ फायरिंग की घटनाओं में भी कमी पाई गई है। अपराधों में लगातार आ रही गिरावट अपराध नियंत्रण के प्रति टीम राजस्थान पुलिस की प्रतिबद्धता का प्रतीक है।"
- दिनेश एमएन
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, क्राइम, राजस्थान
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यदि वर्ष 2023 व 2024 की तुलना की जाए तो महिलाओं के विरुद्ध अपराधों 45,450 मुकदमों के विरुद्ध 36,563 मुकदमे दर्ज हुए हैं। अनुसूचित जनजाति के विरुद्ध अपराधों में 8449 के मुकाबले 7008 मुकदमे, अनुसूचित जाति के विरुद्ध अपराधों में 2453 के स्थान पर 2282 मुकदमे दर्ज हुए हैं। आर्थिक अपराधों में भी कमी है, 27675 के मुकाबले 27637 अभियोग पंजीबधहुए हैं। आईपीसी/बीएनएस अपराधों में 234985 के स्थान पर 213352 मुकदमे दर्ज हुए। पिछले डेढ़ साल में नशा तस्करों पर 44% ज्यादा कार्रवाई की गई।
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महिला अत्याचार प्रकरण में 9.24 प्रतिशत की कमी
वर्ष 2023 के बाद से महिलाओं, के खिलाफ होने वाले अत्याचारों के अपराधों में लगातार गिरावट दर्ज की गई है। एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार राजस्थान में 2023 में दुष्कर्म के 5 हजार मामले सामने आए, जो देश में सबसे ज्यादा है। हालांकि, पिछले डेढ़ साल में प्रदेश में दुष्कर्म के मामलों में 7% की कमी आई है। जुलाई 2022 से दिसंबर 2023 तक प्रदेश में दुष्कर्म के 10215 मामले दर्ज हुए। वहीं, जनवरी 2024 से जून 2025 तक 9498 मामले सामने आए। ऐसे में डेढ़ साल में दुष्कर्म के 717 मामले यानी की 7% की कमी आई है। पिछले डेढ़ साल में सबसे ज्यादा बलवा के केसेज 76% कम हुए हैं।
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इनका कहना है-
" राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो द्वारा हाल ही में जारी किए गए आंकड़े वर्ष 2021 से 2023 तक के हैं जबकि राजस्थान पुलिस की प्रभावी कार्यवाही के चलते वर्ष 2024-25 में अपराधों में लगातार गिरावट नजर आई है। राज्य में महिला अत्याचार, अजा-अजजा संबंधित अपराध व आर्थिक अपराधों के साथ फायरिंग की घटनाओं में भी कमी पाई गई है। अपराधों में लगातार आ रही गिरावट अपराध नियंत्रण के प्रति टीम राजस्थान पुलिस की प्रतिबद्धता का प्रतीक है।"
- दिनेश एमएन
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, क्राइम, राजस्थान