मदन राठौड़ के 'भेड़चाल' बयान पर घमासान: BAP सांसद राजकुमार रोत बोले- बेनकाब हुई भाजपा, कांग्रेस ने उठाए सवाल
विश्व आदिवासी दिवस पर बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ की ‘भेड़चाल’ टिप्पणी से राजस्थान में सियासी घमासान मचा हुआ है। भारत आदिवासी पार्टी के सांसद राजकुमार रोत ने इसे आदिवासी समाज और युवाओं का अपमान बताया है। वहीं कांग्रेस ने भी तीखा हमला बोला है। अब लग रहा है कि आगामी पंचायत-निकाय चुनावों में यह मुद्दा राजनीतिक रंग ले सकता है।
विस्तार
विश्व आदिवासी दिवस पर बीजेपी नेताओं की बयानबाजी से राजस्थान में नया सियासी विवाद खड़ा हो होता नजर आ रहा है। एक तरफ सरकार के कैबिनेट मंत्री किरोड़ीलाल मीणा खुद आदिवासी दिवस मनाते नजर आए लेकिन अपनी ही पार्टी में इस मुद्दे को लेकर वे अलग-थलग भी पड़ गए। बीजेपी ने न सिर्फ इस तरह के आयोजनों से खुद को दूर रखा बल्कि बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने तो आदिवासी दिवस को 'भेड़चाल' ही बता डाला।
अब इस मुद्दे पर राजस्थान की ट्राइबल बेल्ट पर सबसे ज्यादा असर रखने वाली भारत आदिवासी पार्टी (बीएपी) भड़क गई है। बीएपी सांसद राजकुमार रोत ने मदन राठौड़ की आदिवासी दिवस पर की गई टिप्पणी पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की टिप्पणी से आदिवासी समाज और विशेष रूप से युवाओं की भावनाओं को ठेस पहुंची है।
क्या कहा था मदन राठौड़ ने?
विश्व आदिवासी दिवस के कार्यक्रमों और इसे लेकर सोशल मीडिया पर चल रही गतिविधियों के संदर्भ में मदन राठौड़ की ‘भेड़चाल’ वाली टिप्पणी अब राजनीतिक मुद्दा बन गई है। भारत आदिवासी पार्टी ने कहा कि आदिवासी युवा अपने अधिकारों, सम्मान और पहचान को लेकर पहले से ज्यादा जागरूक हैं और ऐसे में उनकी गतिविधियों को इस तरह परिभाषित करना उचित नहीं है।
राजकुमार रोत बोले ...यही भाजपा-आरएसएस की असली सोच
बीएपी सांसद राजकुमार रोत ने कहा कि बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ द्वारा विश्व आदिवासी दिवस मनाने वाले जागरूक आदिवासी युवाओं के लिए ‘भेड़चाल चलने वाले’ जैसे अपमानजनक शब्दों का प्रयोग करना भी अत्यंत निंदनीय है। वहीं मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आदिवासी समाज को शुभकामनाएं तक नहीं देना भी अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है।
इस बार विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर भाजपा सरकार का जो भेदभावपूर्ण रवैया देखने को मिला है, उससे आदिवासी समाज के प्रति भाजपा-आरएसएस की सोच का असली चेहरा देश के सम्पूर्ण आदिवासी समाज के सामने बेनकाब हो गया हैं। अब आदिवासी युवा आपकी कथनी और करनी के अंतर को भली-भांति समझ चुका है। जागरूक आदिवासी युवा अपने अधिकारों, सम्मान और अस्तित्व के प्रति सजग है और आने वाले समय में लोकतांत्रिक तरीके से इसका उचित जवाब जरूर देगा। रोत ने कहा कि यदि विश्व आदिवासी दिवस का संबंध भारत से नहीं है तो विश्व योग दिवस का भी भारत से संबंध नहीं होना चाहिए यह भी तो संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा घोषित किए हैं।
यह भी पढ़ें- Rajasthan: पांच लाख खेत में गाड़कर भूला किसान; बुवाई के समय निकला थैला तो उड़े होश, नोटों को चट कर गई दीमक
कांग्रेस ने क्या कहा ?
विश्व आदिवासी दिवस को लेकर राजस्थान में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ के एक निजी चैनल को दिए इंटरव्यू में नौ अगस्त को मनाए जाने वाले विश्व आदिवासी दिवस पर सवाल उठाने के बाद प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए उन पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस ने अपनी पोस्ट में लिखा कि “आदिवासियों का अपमान करना RSS के DNA में है!” कांग्रेस ने कहा कि यह शर्मनाक है कि राजस्थान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ विश्व आदिवासी दिवस को फर्जी बता रहे हैं। कांग्रेस के मुताबिक राठौड़ ने आदिवासी दिवस की तुलना फ्रेंडशिप डे और वैलेंटाइन डे जैसे आयोजनों से की है।
कांग्रेस ने सवाल उठाते हुए कहा कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को बताना चाहिए कि पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, मंत्री किरोड़ी लाल मीणा समेत आदिवासी समाज से आने वाले भाजपा नेता क्या “भेड़चाल की बीमारी” से ग्रस्त हैं या फिर राठौड़ “सठिया गए हैं”। कांग्रेस इसी विरोधाभास को मुद्दा बनाकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के बयान पर सवाल उठा रही है। विवाद के बीच विश्व आदिवासी दिवस को लेकर भाजपा के भीतर नेताओं के अलग-अलग रुख ने राजस्थान की सियासत को और गरमा दिया है।
पंचायत-निकाय चुनावों में बन सकता है मुद्दा
बीजेपी की तरफ से दिया यह बयान पंचायत-निकाय चुनावों का मुद्दा भी बन सकता है। रोत ने इस बात के संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि आदिवासी युवा अब राजनीतिक दलों की कथनी और करनी के अंतर को समझ रहे हैं। पार्टी के मुताबिक युवा अपने अधिकार, सम्मान और अस्तित्व को लेकर सजग हैं और आने वाले समय में लोकतांत्रिक तरीके से इसका जवाब देंगे।