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Lok Sabha Election 2024: नामांकन भरने में शक्ति प्रदर्शन की शोशेबाजी, हाईटेक नहीं हुए नेताजी
Sat, 30 Mar 2024 12:26 PM IST
प्रिया वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: प्रिया वर्मा
Updated Sat, 30 Mar 2024 12:26 PM IST
सार
चुनाव आयोग ने लोकसभा चुनावों में नामांकन के लिए ऑनलाइन फॉर्म भरने की सुविधा दी है लेकिन चुनाव प्रचार के लिए सोशल मीडिया पर लाखों रुपये खर्च करने वाले एक भी नेता ने इस प्रक्रिया का लाभ नहीं लिया है।
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चुनाव आयोग
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
माननीय बनने की दौड़ में शामिल प्रदेश के सैकड़ों प्रत्याशी अब भी हाईटेक नहीं हो पाए हैं। चुनाव आयोग ने लोकसभा चुनाव में भाग्य आजमा रहे उम्मीदवारों को नामांकन भरने के लिए ऑनलाइन नामांकन भरने की सुविधा भी दी है। निर्वाचन आयोग ने इसके लिए केवाईसी-ईसीआई, सुविधा एप समेत पोर्टल एप व अन्य ऑनलाइन सुविधाएं उपलब्ध करवाई हैं लेकिन चौंकाने वाली बात है कि सोशल मीडिया पर प्रचार के लिए लाखों रुपए खर्च करने वाले प्रत्याशियों के नामांकन भरने के तरीके में कोई बदलाव नहीं आया है।
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प्रदेश में पहले चरण की 12 लोकसभा सीटों पर करीब 124 प्रत्याशियों के 166 नामांकन में एक भी नामांकन ऑनलाइन नहीं भरा गया है। दरअसल भीड़ के साथ नामांकन भरने के चस्के ने प्रत्याशियों को ऑनलाइन फॉर्म भरने की प्रक्रिया से दूर ही रखा है।
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हालांकि सभा, जुलूस और वाहनों की बुकिंग के लिए भी निर्वाचन आयोग से अनुमति लेनी पड़ रही है लेकिन भीड़ के साथ नामांकन भरने के लिए सबकुछ चलेगा। एक प्रत्याशी अपनी नामांकन रैली पर औसतन एक लाख रुपए खर्च करता है और अगर शक्ति प्रदर्शन को छोड़कर ऑनलाइन नामांकन भरा जाए तो न केवल लाखों रुपयों की बचत होगी बल्कि इस भीड़ के कारण लगने वाले जाम से आमजन को भी राहत मिलेगी।
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चुनाव आयोग ने 2023 के विधानसभा चुनावों में पहली बार यह प्रयोग किया था लेकिन तब भी सभी प्रमुख दलों और निर्दलीय प्रत्याशियों ने शक्ति प्रदर्शन के चलते ऑफलाइन नामांकन को ही पसंद किया।
ऑनलाइन में भी हार्डकॉपी जरूरी
वैसे चुनाव आयोग द्वारा दी गई ऑनलाइन फॉर्म भरने की सुविधा में आयोग के पास हार्ड कॉपी तो जमा करानी ही होगी। अगर प्रत्याशी हार्ड कॉपी नहीं करवाता है, तो आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। साथ ही नाम वापसी के लिए भी हार्ड कॉपी के जरिए ही आयोग को सूचना देनी होगी।
प्रत्याशियों को चुनाव से संबंधित कुल 18 प्रकार की अनुमति चुनाव आयोग से मिलेगी। साथ ही सुविधा समेत अन्य ऐप के माध्यम से भी अनुमति ली जा सकेगी। ऐप से आवेदन करने पर प्रार्थना पत्र संबधित अधिकारी तक सीधे पहुंच जाएगा। साथ ही 14 अन्य अलग-अलग तरह की अनुमति भी जिला निर्वाचन अधिकारी के स्तर पर दी जाएगी। ऐप से मिले आवेदन की अनुमति जिला निर्वाचन अधिकारी और उप जिला निर्वाचन अधिकारी स्तर पर मिलेगी। इसका अनुमति पत्र भी ऑनलाइन मिलेगा।
प्रकाश राजपुरोहित, जिला निर्वाचन अधिकारी, जयपुर के अनुसार गत विधानसभा चुनावों के समय भी निर्वाचन आयोग ने नामांकन को ऑफलाइन के साथ ऑनलाइन भी किया था, लेकिन एक भी प्रत्याशी ने ऑनलाइन नामांकन नहीं किया। ऐसा ही कुछ हाल अब भी देखने को मिल रहा है।