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Jaipur News: प्रदीप मिश्रा की कथा के बाद चली गई युवक की जान, आयोजकों पर केस दर्ज, जानें पूरा मामला
Fri, 16 May 2025 06:53 PM IST
अर्पित याज्ञनिक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: अर्पित याज्ञनिक
Updated Fri, 16 May 2025 06:53 PM IST
सार
हादसे के बाद स्थानीय नागरिकों में आक्रोश फैल गया और आयोजकों अनिल संत व राजन शर्मा के खिलाफ गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई। शिकायतकर्ताओं ने धार्मिक आयोजन के नाम पर चंदे में आर्थिक गड़बड़ी और धोखाधड़ी के आरोप भी लगाए हैं।
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पंडित प्रदीप मिश्रा का कथास्थल।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जयपुर के विद्याधर नगर में आयोजित सात दिवसीय शिव महापुराण कथा कार्यक्रम के बाद एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। कथास्थल पर लटकती रस्सियों में उलझकर एक श्रमिक की जान चली गई। इस घटना के बाद आयोजकों के खिलाफ गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है।
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प्रसिद्ध कथावाचक प्रदीप मिश्रा की शिव महापुराण कथा एक से 7 मई तक विद्याधर नगर में आयोजित की गई थी। आयोजन के बाद अस्थायी ढांचा और रस्सियां समय पर नहीं हटाई गईं। 8 मई को दिनेश नामक श्रमिक जब अपनी बाइक से उस मार्ग से गुजर रहा था, तभी लटकती रस्सियों में उलझकर गिर गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
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इस हादसे से इलाके में गहरा आक्रोश फैल गया। स्थानीय नागरिकों ने इसे आयोजन समिति की घोर लापरवाही बताया। विद्याधर नगर थाने में आयोजकों अनिल संत और राजन शर्मा के खिलाफ बीएनएसएस की धारा 105 (पूर्व में IPC 304), 118(1) और 61(2A) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। शिकायत बलराम जाखड़, महेश मावलिया, नरेंद्र चौधरी और भवानी सिंह शेखावत द्वारा दी गई।
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शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि कथा के नाम पर करोड़ों रुपये का चंदा इकट्ठा किया गया, लेकिन उसका कोई हिसाब-किताब नहीं दिया गया। उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने स्वयं ₹1.51 लाख नकद दान दिया, लेकिन आयोजकों ने कोई रसीद नहीं दी। धार्मिक आयोजन की आड़ में धोखाधड़ी और आर्थिक गड़बड़ी के आरोप भी लगाए गए हैं। एफआईआर में नामजद अनिल संत पर पहले से भी कई जमीन घोटालों और धोखाधड़ी के आरोप हैं। उन्हें भूमाफिया बताया गया है और वर्तमान में उन पर कुछ मामलों की जांच जारी है।