फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Jaipur News ›   Jaipur News: Parking Dispute at JK Lon Hospital, Paramedical Staff Strike Halts Work, Patients Suffer

Jaipur News: जेके लोन में पार्किंग बनी विवाद की जड़, पैरामेडिकल स्टाफ ने काम ठप किया, मरीजों के हाल बेहाल

Sat, 31 May 2025 12:14 PM IST
प्रिया वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: प्रिया वर्मा Updated Sat, 31 May 2025 12:14 PM IST
सार

जयपुर के जेके लोन अस्पताल में पार्किंग की समस्या से परेशान पैरामेडिकल स्टाफ ने कामकाज ठप कर दिया। स्टाफ का कहना है कि कवर्ड पार्किंग पूरी तरह डॉक्टरों को दे दी गई है और स्टाफ को तपती धूप में अपने वाहन खड़े करने पड़ते हैं।

विज्ञापन
Jaipur News: Parking Dispute at JK Lon Hospital, Paramedical Staff Strike Halts Work, Patients Suffer
राजस्थान - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजधानी के सबसे व्यस्त अस्पतालों में शुमार जे.के. लोन हॉस्पिटल में आज सुबह पार्किंग को लेकर ऐसा बवाल मचा कि इलाज की उम्मीद में आए मरीज और उनके परिजन घंटों तक परेशान होते रहे। डॉक्टर्स और पैरामेडिकल स्टाफ के बीच हुए विवाद ने ऐसा तूल पकड़ा कि नाराज स्टाफ ने ओपीडी, लैब और कई वार्डों में कामकाज पूरी तरह ठप कर दिया। सिर्फ इमरजेंसी सेवाएं ही चालू रहीं। इस सबके बीच मरीजों की तकलीफें बढ़ती रहीं, लेकिन अस्पताल प्रशासन मौके पर नदारद रहा।

विज्ञापन


विवाद की वजह बनी हॉस्पिटल परिसर की कवर्ड पार्किंग। पैरामेडिकल स्टाफ का आरोप है कि कवर्ड पार्किंग पूरी तरह से डॉक्टर्स के लिए आरक्षित कर दी गई है, जबकि स्टाफ को तपती धूप में अपने वाहन खुले में खड़े करने पड़ते हैं। शनिवार को उस एकमात्र कवर्ड स्पेस को भी डॉक्टर की गाड़ी के लिए आरक्षित कर दिया गया, जो अब तक स्टाफ के दुपहिया वाहनों के लिए छोड़ा गया था। इससे नाराज होकर लैब टैक्नीशियन, रेडियोग्राफर, नर्सिंग स्टाफ समेत अन्य कर्मचारियों ने कामकाज छोड़कर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
विज्ञापन


लैब टेक्नीशियन संघ के प्रदेशाध्यक्ष जितेन्द्र सिंह ने बताया कि स्टाफ लंबे समय से इस समस्या की अनदेखी का सामना कर रहा है। गर्मी में खुले में गाड़ियां खड़ी करनी पड़ती हैं, कोई भी सुनवाई नहीं होती। अब जब आखिरी कवर्ड स्पेस भी छीन ली गई, तो हमने विरोध का रास्ता चुना।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: Rajasthan News: देवी अहिल्या की 300वीं जयंती पर आज जयपुर आएंगे जे.पी. नड्डा, महिला सशक्तिकरण पर रहेगा फोकस

सुबह से ही ब्लड सैम्प्लिंग, पैथोलॉजी जांच और अन्य जरूरी सेवाएं ठप हो गईं। वार्डों में नर्सिंग स्टाफ ने भी काम रोक दिया, जिससे भर्ती मरीजों को दवाइयां देने और देखरेख में परेशानी हुई। कई मरीज बिना जांच के लौट गए। अस्पताल आए रामगढ़ के महेश शर्मा ने कहा कि बच्चे को तेज बुखार है, खून की जांच कराने आए थे लेकिन स्टाफ ने कहा काम बंद है। अब कहां जाएं?

पैरामेडिकल स्टाफ के हड़ताल पर जाने के बाद अस्पताल की जिम्मेदारी रेजीडेंट डॉक्टर्स और सीनियर डॉक्टर्स ने संभाली। ओपीडी में मरीजों की जांच से लेकर वार्डों में ब्लड सैंपल लेने तक का काम खुद डॉक्टर्स ने किया, जिससे किसी तरह से कामकाज चलाया जा सका।


स्टाफ का यह भी आरोप है कि पार्किंग ठेकेदार मनमानी करता है। महिला स्टाफ अगर किसी सुरक्षित जगह वाहन पार्क करती है तो गार्ड के जरिए उन्हें वहां से हटवा दिया जाता है, इससे आए दिन तनाव की स्थिति बनती रहती है। हैरानी की बात यह रही कि आज सुबह 10 बजे तक भी अस्पताल अधीक्षक डॉ. कैलाश मीणा मौके पर नहीं पहुंचे। इससे स्टाफ का गुस्सा और भड़क गया।

इस घटनाक्रम ने एक बार फिर अस्पताल प्रशासन की लापरवाही को उजागर कर दिया है, जहां पार्किंग जैसी बुनियादी सुविधा को लेकर कर्मचारियों का हड़ताल पर जाना न केवल अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है, बल्कि सबसे ज्यादा चोट मरीजों और उनके परिजनों को पहुंचती है, जो इलाज के लिए भरोसा लेकर अस्पताल आते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed