Rajasthan News: 'हम एक साल कुछ नहीं बोले, क्योंकि नए लोगों को काम करने का मौका दे रहे थे', सरकार पर बरसे गहलोत
गहलोत बोले कि हमने देखा कि किस तरह से डोटासरा को टारगेट करके विधानसभा चलाई गई। मीडिया से बाचतीत के बाद वे कांस्टिट्यूशन क्लब भी पहुंचे।
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पूर्व सीएम अशोक गहलोत गुरुवार को विधानसभा पहुंचे। यहां उन्होंने मीडिया से बात करते हुए भजनलाल सरकार पर हमला बोला। गहलोत ने कहा कि सत्ता पक्ष का व्यवहार आलोचना लायक है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और मंत्री नए थे, इसलिए कांग्रेस विधायक दल ने तय किया कि इन्हें काम करने का मौका देना चाहिए। एक साल तक कांग्रेस ने कोई आंदोलन नहीं किया। गहलोत ने कहा कि हमें जो भी बात सरकार तक पहुंचानी होती थी, वो मीडिया के माध्यम से पहुंचाई। सरकार में बैठे लोग ये नहीं समझ पाए कि हम उनका हित ही चाह रहे थे। हम चाहते हैं सत्ता पक्ष और विपक्ष ऐसे काम करे, जिससे पब्लिक को सीधा लाभ मिल सके। कहीं कोई कमी न रहे, ये हमारी सोच है। अब बीजेपी के ऊपर है कि वो कितना साथ निभाते हैं।
गहलोत ने विधानसभा में कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा सहित 6 कांग्रेसी विधायकों के निलंबन को लेकर भी बात की। उन्होंने कहा कि सदन से कांग्रेस के 6 सदस्यों को निष्कासित किया गया। उनके समर्थन में विधानसभा के बाहर धरना तक देना पड़ा। गहलोत बोले कि हमारे समय में भी निष्कासन होता था, लेकिन एक-दो दिन में विपक्ष से बात करके मामला शांत कर लिया जाता था। मौजूदा सरकार में डोटासरा को टारगेट करके विधानसभा चलाई। उन्होंने कहा कि निष्कासन को लेकर हमारी भी चर्चा हुई है, क्योंकि बिना विपक्ष के लोकतंत्र में पक्ष का कोई अस्तित्व नहीं होता।
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किसान आंदोलन पर बोले
पंजाब में किसानों को शंभू बॉर्डर से हटाने को लेकर आम आदमी पार्टी की तरफ से की गई कार्रवाई को लेकर गहलोत ने कहा कि इन दलों को लोकतंत्र में यकीन नहीं है। उन्होंने कहा कि यह दुनिया का सबसे बड़ा किसान आंदोलन है। पहले भी केंद्र सरकार ने किसानों से वादे किए, लेकिन उन्हें निभाया नहीं गया। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि न्यूनतम समर्थन मूल्य को कानूनी दर्जा दिया जाएगा, लेकिन अब तक ऐसा नहीं हुआ। सरकार को किसानों की मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए और लोकतांत्रिक प्रक्रिया का सम्मान करना चाहिए।
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स्पीकर से भी मिले गहलोत
विधानसभा पहुंचने के बाद गहलोत पहले नेता प्रतिपक्ष के चैंबर में कांग्रेस विधायकों से मिले। इसके बाद स्पीकर वासुदेव देवनानी से मिलने पहुंचे। विधानसभा से निकलकर गहलोत कांस्टिट्यूशन क्लब पहुंचे। यहां उन्होंने क्लब के हर तल का जायजा लिया। उन्होंने क्लब में हुए काम की तारीफ की।