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Rajasthan Exit Poll 2024: रेगिस्तान में कमल का रंग फीका, इस बार राजस्थान में कांग्रेस का खाता खुलने के संकेत
Sat, 01 Jun 2024 10:48 PM IST
अर्पित याज्ञनिक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: अर्पित याज्ञनिक
Updated Sat, 01 Jun 2024 10:48 PM IST
सार
भाजपा 20 प्लस, कांग्रेस और इसके सहयोगी 3 से 4 सीटें ले सकते हैं। एग्जिट पोल के अनुमानों में अंतर भले हो सकता है, लेकिन इस बार राजस्थान में कांग्रेस का खाता खुलना तय है।
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राजस्थान एग्जिट पोल 2024
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
लोकसभा चुनाव 2024 के एग्जिट पोल आज जारी हो गए। अलग-अलग एग्जिट पोल्स में राजस्थान में इस बार कांग्रेस को 2 से 8 सीटें मिलने का अनुमान लगाया जा है। एग्जिट पोल के अनुमानों में अंतर भले हो सकता है, लेकिन इस बार राजस्थान में कांग्रेस का खाता खुलना तय है। हालांकि इस बार के लोकसभा चुनावों में कांग्रेस ने राजस्थान में तीन सीटें गठबंधन में दी हैं। इनमें बांसवाड़ा, नागौर और सीकर की सीट शामिल हैं।
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राजस्थान में आज सियासत का तापमान भी चरम पर पहुंच गया है। इसकी वजह है एग्जिट पोल के अनुमान, जिसमें कांग्रेस को 2 से 8 सीटें मिलना बताया जा रहा है। बीते दो लोकसभा चुनावों से कांग्रेस राजस्थान में खाता नहीं खोल पाई।
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राजस्थान की 25 लोकसभा सीटों पर आए अगल-अलग एग्जिट पोल के अनुमानों में से ज्यादातर में भाजपा 20 प्लस बताई जा रही है।
इसमें टाइम्स नाऊ-ईटीजी ने भाजपा को 18, कांग्रेस को सात सीटें मिलने का अनुमान जताया है। वहीं, इंडिया टुडे-एक्सिस माय इंडिया ने भाजपा को 16 से 19, कांग्रेस को 5 से 7 और अन्य को 1-2 सीटें मिलने का अनुमान जताया है। हालांकि कांग्रेस करीब 12 सीटों पर अपनी जीत को लेकर आश्वस्त है। वहीं, भाजपा 2 से 3 सीटों का नुकसान मान कर चल रही है।
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एग्जिट पोल के अनुमानों में इसलिए फर्क
एग्जिट पोल के जो अनुमान जारी किए गए हैं, उनमें काफी फर्क भी नजर आ रहा है। इसकी बड़ी वजह ये है कि बीते दो लोकसभा चुनावों में भाजपा ने राजस्थान में बड़े मार्जिन से सीटें जीती हैं। इस बार चुनावों में कोई लहर नहीं होने की वजह से वोटिंग प्रतिशत कम रहा, जिसके चलते जीत और हार का मार्जिन बेहद कम रहने वाला है। यही वजह है कि सर्वे एजेंसियों के अनुमानों में यहां की सीटों को लेकर इतना अंतर देखने को मिल रहा है।
पहले चरण में सबसे ज्यादा नुकसान
राजस्थान में 2 चरणों में मतदान हुआ। इसमें पहले चरण में 12 और दूसरे चरण में 13 सीटों पर वोटिंग हुई। पहले चरण में कम वोटिंग और जातिगत गोलबंदी के चलते मुकाबला ज्यादा कांटे का रहा। पहले चरण में अलवर, भरतपुर, बीकानेर, चूरू, झुंझुनू, सीकर, जयपुर, जयपुर ग्रामीण, दौसा, करौली-धौलपुर, नागौर और गंगानगर सीट के लिए वोटिंग हुई। कुल मतदान प्रतिशत 57.65 रहा, जबकि 2019 में इन सीटों पर कुल 64.02 प्रतिशत वोटिंग हुई थी। इनमें जयपुर ग्रामीण, नागौर, चूरू, झुंझुनू, अलवर, भरतपुर, दौसा, करौली-धौलपुर पर बीजेपी और कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली। एग्जिट पोल के अनुमानों में सबसे ज्यादा प्रभाव इन्हीं सीटों का देखने को मिल रहा है।
दूसरे चरण में 4 सीटों पर सबसे कड़ी टक्कर
दूसरे चरण में बाड़मेर, टोंक सवाई माधोपुर, कोटा और बांसवाड़ा में भाजपा और कांग्रेस के बीच जबरदस्त मुकाबला हुआ। दूसरे चरण में अजमेर, बांसवाड़ा, बाड़मेर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, जालौर, झालावाड़, जोधपुर, कोटा, पाली, राजसमंद, टोंक-सवाई माधोपुर और उदयपुर में वोट डाले गए। मतदान का कुल प्रतिशत 65.03 रहा। वहीं 2019 में इन सीटों पर कुल 68.42 प्रतिशत की वोटिंग हुई थी।