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जयपुर: जन्माष्टमी पर परकोटे में सार्वजनिक परिवहन रहेगा बंद, गोविंददेव जी मंदिर में जलेब चौक से ही एंट्री
Wed, 02 Sep 2026 02:49 PM IST
Sourabh Bhatt
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: Sourabh Bhatt
Updated Wed, 02 Sep 2026 02:49 PM IST
सार
जयपुर में 4 सितंबर को जन्माष्टमी पर गोविंददेवजी मंदिर में भारी भीड़ को देखते हुए चारदीवारी में सार्वजनिक परिवहन बंद रहेगा। श्रद्धालुओं से मेट्रो उपयोग की अपील।
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श्री गोविंद देव जी मंदिर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जन्माष्टमी के अवसर पर 4 सितंबर को गोविंददेवजी मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए पुलिस-प्रशासन ने यातायात, पार्किंग और दर्शन व्यवस्था में बदलाव किया है। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने मेट्रो सेवा का अधिकतम उपयोग करने की अपील की है।
प्रशासन के अनुसार 4 सितंबर को जयपुर के चारदीवारी क्षेत्र में सार्वजनिक परिवहन सेवाएं बंद रहेंगी। ऐसे में मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को अपनी यात्रा की योजना पहले से बनाने की सलाह दी गई है।
इन जगहों पर होगी निजी वाहनों की पार्किंग
निजी वाहनों से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए प्रशासन ने रामनिवास बाग, चौगान स्टेडियम और जेम सिनेमा में पार्किंग की व्यवस्था की है। पुलिस-प्रशासन ने श्रद्धालुओं से खास तौर पर रामनिवास बाग पार्किंग का अधिक से अधिक इस्तेमाल करने की अपील की है।
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प्रशासन का कहना है कि भीड़ और यातायात दबाव को देखते हुए मंदिर के आसपास निजी वाहनों की आवाजाही सीमित रहेगी।
यह भी पढें- जयपुर नगर निगम चुनाव: टिकट पर नाराजगी के बीच आरआर तिवाड़ी की तबीयत बिगड़ी, वायरल के बाद गांव पहुंचे
जलेब चौक से ही मिलेगा मंदिर में प्रवेश
अतिरिक्त उपायुक्त प्रथम आलोक सिंघल ने बताया कि जन्माष्टमी पर गोविंददेवजी मंदिर में श्रद्धालुओं का प्रवेश केवल जलेब चौक के निर्धारित मार्ग से होगा। अन्य रास्तों से मंदिर में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। जलेब चौक पर श्रद्धालुओं के लिए तीन अलग-अलग कतारें बनाई जाएंगी। इनमें दर्शन पास धारक, बिना जूते-चप्पल वाले और जूते-चप्पल सहित आने वाले श्रद्धालुओं के लिए अलग व्यवस्था रहेगी।
मंदिर में जूते-चप्पल रखने की सुविधा नहीं
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मंदिर परिसर में जूते-चप्पल रखने की व्यवस्था नहीं होगी। श्रद्धालु अपने जूते-चप्पल वाहनों में ही रखें या पुरानी विधानसभा के पास बनाए गए स्टैंड का इस्तेमाल करें। भीड़ को देखते हुए प्रवेश से लेकर दर्शन और निकासी तक श्रद्धालुओं को करीब 5 से 6 किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ सकता है। ऐसे में प्रशासन ने बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं, छोटे बच्चों और गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
दर्शन के बाद इन गेट से होगी निकासी
दर्शन के बाद श्रद्धालुओं की निकासी के लिए जयनिवास बाग के पूर्वी और पश्चिमी गेट निर्धारित किए गए हैं। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि दर्शन के बाद वे वापस प्रवेश मार्ग की ओर जाने का प्रयास न करें। सभी श्रद्धालुओं को निर्धारित निकास मार्गों का ही इस्तेमाल करना होगा, ताकि भीड़ का दबाव कम रहे और यातायात एवं दर्शन व्यवस्था सुचारू बनी रहे।
जन्माष्टमी पर श्रद्धालुओं के लिए जरूरी बातें
- 4 सितंबर को चारदीवारी में सार्वजनिक परिवहन बंद रहेगा।
- मंदिर आने के लिए मेट्रो का अधिकतम इस्तेमाल करें।
- निजी वाहनों के लिए रामनिवास बाग, चौगान स्टेडियम और जेम सिनेमा पार्किंग तय।
- मंदिर में प्रवेश केवल जलेब चौक से होगा।
- मंदिर में जूते-चप्पल रखने की सुविधा नहीं होगी।
- दर्शन के बाद जयनिवास बाग के पूर्वी या पश्चिमी गेट से ही निकासी होगी।
- भीड़ के कारण 5-6 किलोमीटर तक पैदल चलने के लिए तैयार रहें।
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प्रशासन के अनुसार 4 सितंबर को जयपुर के चारदीवारी क्षेत्र में सार्वजनिक परिवहन सेवाएं बंद रहेंगी। ऐसे में मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को अपनी यात्रा की योजना पहले से बनाने की सलाह दी गई है।
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इन जगहों पर होगी निजी वाहनों की पार्किंग
निजी वाहनों से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए प्रशासन ने रामनिवास बाग, चौगान स्टेडियम और जेम सिनेमा में पार्किंग की व्यवस्था की है। पुलिस-प्रशासन ने श्रद्धालुओं से खास तौर पर रामनिवास बाग पार्किंग का अधिक से अधिक इस्तेमाल करने की अपील की है।
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प्रशासन का कहना है कि भीड़ और यातायात दबाव को देखते हुए मंदिर के आसपास निजी वाहनों की आवाजाही सीमित रहेगी।
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जलेब चौक से ही मिलेगा मंदिर में प्रवेश
अतिरिक्त उपायुक्त प्रथम आलोक सिंघल ने बताया कि जन्माष्टमी पर गोविंददेवजी मंदिर में श्रद्धालुओं का प्रवेश केवल जलेब चौक के निर्धारित मार्ग से होगा। अन्य रास्तों से मंदिर में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। जलेब चौक पर श्रद्धालुओं के लिए तीन अलग-अलग कतारें बनाई जाएंगी। इनमें दर्शन पास धारक, बिना जूते-चप्पल वाले और जूते-चप्पल सहित आने वाले श्रद्धालुओं के लिए अलग व्यवस्था रहेगी।
मंदिर में जूते-चप्पल रखने की सुविधा नहीं
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मंदिर परिसर में जूते-चप्पल रखने की व्यवस्था नहीं होगी। श्रद्धालु अपने जूते-चप्पल वाहनों में ही रखें या पुरानी विधानसभा के पास बनाए गए स्टैंड का इस्तेमाल करें। भीड़ को देखते हुए प्रवेश से लेकर दर्शन और निकासी तक श्रद्धालुओं को करीब 5 से 6 किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ सकता है। ऐसे में प्रशासन ने बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं, छोटे बच्चों और गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
दर्शन के बाद इन गेट से होगी निकासी
दर्शन के बाद श्रद्धालुओं की निकासी के लिए जयनिवास बाग के पूर्वी और पश्चिमी गेट निर्धारित किए गए हैं। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि दर्शन के बाद वे वापस प्रवेश मार्ग की ओर जाने का प्रयास न करें। सभी श्रद्धालुओं को निर्धारित निकास मार्गों का ही इस्तेमाल करना होगा, ताकि भीड़ का दबाव कम रहे और यातायात एवं दर्शन व्यवस्था सुचारू बनी रहे।
जन्माष्टमी पर श्रद्धालुओं के लिए जरूरी बातें
- 4 सितंबर को चारदीवारी में सार्वजनिक परिवहन बंद रहेगा।
- मंदिर आने के लिए मेट्रो का अधिकतम इस्तेमाल करें।
- निजी वाहनों के लिए रामनिवास बाग, चौगान स्टेडियम और जेम सिनेमा पार्किंग तय।
- मंदिर में प्रवेश केवल जलेब चौक से होगा।
- मंदिर में जूते-चप्पल रखने की सुविधा नहीं होगी।
- दर्शन के बाद जयनिवास बाग के पूर्वी या पश्चिमी गेट से ही निकासी होगी।
- भीड़ के कारण 5-6 किलोमीटर तक पैदल चलने के लिए तैयार रहें।