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Gas Cylinder Scheme: CM गहलोत ने 13.90 लाख परिवारों को दी 59 करोड़ सब्सिडी, PM मोदी को लेकर कही बड़ी बात

Mon, 05 Jun 2023 06:44 PM IST
अरविंद कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: अरविंद कुमार Updated Mon, 05 Jun 2023 06:44 PM IST
सार

सीएम अशोक गहलोत ने टैबलेट का बटन दबाकर करीब 13 लाख 90 हजार से ज्यादा 500 रुपये में गैस सिलेंडर योजना के लाभार्थियों के बैंक खातों में लगभग 59 करोड़ रुपये का डायरेक्ट बेनीफिट ट्रांसफर से हस्तांतरण किया। तालियों की गड़गड़ाहट से जयपुर में आईटी सेंटर का सभागार गूंज उठा।
 

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Gas Cylinder Scheme CM Gehlot gave 59 crore subsidy to 13.90 lakh families Comment on PM Modi
सीएम गहलोत सहित अन्य लोग - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

500 रुपये में गैस सिलेंडर योजना के तहत एलपीजी सिलेंडर की मौजूदा कीमत के आधार पर सब्सिडी की शेष राशि लाभार्थी परिवारों की महिला मुखियाओं के बैंक खाते में ट्रांसफर की गई। प्रदेश में कुल 13 लाख 90 हजार 588 बैंक खातों में 58 करोड़ 98 लाख 84 हजार 778 रुपये 32 पैसे ट्रांसफर किए गए। इस योजना से सरकार पर हर साल करीब 750 करोड़ रुपये का वित्तीय भार आने का अनुमान है। जो एलपीजी गैस सिलेण्डर की कीमतें बढ़ने और घटने के साथ प्रभावित होगा।

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सीएम गहलोत ने जयपुर के आरआईसी सेंटर से योजना की शुरुआत की। ये पैसा उन कनेक्शन धारियों को ट्रांसफर हुआ है, जिन्होंने अप्रैल और मई में रसोई गैस सिलेंडर रिफिल करवाया है। इसके साथ ही जिनका महंगाई राहत कैंप में रजिस्ट्रेशन हुआ है। गहलोत ने योजना की लाभार्थी महिलाओं से भी बात की। सीएम ने कहा, मोबाइल स्मार्ट फोन वाली स्कीम चिप के कारण लेट हो गई, हम जल्द ही 40-40 लाख फोन लॉट में बाटेंगे। आगाम विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस का जो चुनाव घोषणा पत्र (मेनिफेस्टो) बनेगा, उसे विधवा महिलाओं, एससी-एसटी और गरीबों की जरूरत को ध्यान में रखकर बनाया जाएगा।
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'अधिकाश लोगों का बिजली बिल जीरो आएगा'
सीएम अशोक गहलोत ने कार्यक्रम में कहा, हमने जो फैसले हमने किए हैं वो सब लागू होंगे। 100 यूनिट घरेलू बिजली भी उपभोक्ताओं को फ्री मिलेगी। इस महीने अधिकांश लोगों के जीरो बिल आएगा। सीएम अशोक गहलोत ने कहा, मैंने 500 रुपये में गैस सिलेंडर की इंदिरा गांधी गैस सब्सिडी योजना की घोषणा अलवर के मालाखेड़ा में की थी, तो किसी को विश्वास हुआ, किसी को चिंता भी हुई। क्योंकि मुझे याद है पहली बार जब मैं मुख्यमंत्री था तो एक बार महंगाई का दौर चला था। वाजपेयी जी की तब सरकार थी, उस वक्त कोशिश की थी पेट्रोल-डीजल, गैस के दाम कम हों। विपक्ष में नेता सोनिया गांधी थीं।
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उन्होंने तमाम कांग्रेस के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखे थे कि आप सबको आगे आकर महंगाई के दौर में महंगाई कम करनी होगी। अधिकांश राज्यों ने पेट्रोल, डीजल की रेट कम कर दीं और 25 रुपये का उन्होंने शायद सिलेंडर पर कहा था। वो मामूली 25 रुपये किसे कहते हैं। उसका भार 100-125 करोड़ रुपये आ रहा था। वो मैंने राजस्थान में घोषणा कर दी थी। तब महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण का फोन आया कि हमारे मंत्रिमंडल के लोग तो स्वीकार नहीं कर रहे हैं। बहुत बड़ा भार हमारे ऊपर पड़ेगा। पेट्रोल और डीजल का कर देंगे, गैस का नहीं करेंगे। अब सोच लीजिए कि राजस्थान सरकार हमेशा पब्लिक इंट्रेस्टम में काम करती है। उस जमाने में भी हमने गैस के दाम कम किए थे। इस बार सीधा 1140 रुपये सिलेंडर को सिर्फ 500 रुपये कीमत कर देना बहुत बड़ी बात है।

'हम बीजेपी की स्कीम्स बंद नहीं करते, उन्होंने हमारी रिफाइनरी बंद की थी'
गहलोत बोले, भारत सरकार की उज्जवला योजना पीएम मोदी की है। उन्होंने शुरू की थी। गरीब लोगों के लिए उज्जवला योजना हो। 400 रुपये से बढ़ते-बढ़ते गैस सिलेंडर 1140 रुपये का हो गया। गरीब परिवार इतना महंगा सिलेंडर कैसे खरीद सकता है। स्कीम उनकी है, यही फर्क बीजेपी और कांग्रेस के अंदर है। हम उनकी स्कीमों को बंद नहीं करते हैं। योगदान है उज्जवला का तो, उनकी स्कीमों को हम सपोर्ट कर रहे हैं। जबकि उनकी सरकार ने तो आते ही हमारी रिफाइनरी बंद कर दी। रिफाइनरी आजादी के बाद सबसे बड़ा इंवेस्टमेंट राजस्थान के अंदर है। पांच साल पहले जो 38 हजार करोड़ का प्रोजेक्ट था, आज वो 72 हजार करोड़ का प्रोजेक्ट बन गया। काम कभी रुकना नहीं चाहिए। कितना बड़ा नुकसान राजस्थान की जनता को हुआ है।

'वसुंधरा राजे ने ईआरसीपी शुरू की थी, पीएम ने अजमेर में राष्ट्रीय परियोजना घोषित नहीं की'
सीएम गहलोत ने कहा, बीजेपी की पूर्व सीएम वसुंधरा जी ने ईआरसीपी प्रोजेक्ट की योजना शुरू की थी। ये राजस्थान के 13 जिलों की पानी की योजना है। सरकार बदल गई, लेकिन उस जमाने से इसे राष्ट्रीय परियोजना घोषित करने की मांग थी। पीएम मोदी ने खुद ने जयपुर और अजमेर में वादे किए थे कि मैं इसको सकारात्मक दृष्टिकोण से देखूंगा। हाल ही पीएम अजमेर में आए, तो मुझे उम्मीद थी, लेकिन उन्होंने घोषणा नहीं की। राष्ट्रीय परियोजना बन जाती तो दो-तीन साल में काम पूरा हो सकता है। जनता को लाभ मिलता। फिर भी हमारी सरकार ने 13 हजार करोड़ रुपए इस परियोजना के लिए रखे हैं। योजना को बंद नहीं कर रहे हैं, आगे बढ़ा रहे हैं।

'लोकतंत्र में वोटों की मालिक और माई-बाप जनता, नहीं तो कौन पूछे?'
गहलोत बोले, लोकतंत्र में माई बाप जनता है। जनता जिसे चाहती है सत्ता सौंपती है। देश को आजादी के 75 साल हो गए। हम सौभाग्यशाली हैं कि यहां वोटों का राज कायम रहा है। महिलाओं, गरीबों का मान सम्मान कायम है। अगर वोटों के मालिक आप नहीं हो, धणी नहीं हो तो जनता को कौन पूछे। ये है लोकतंत्र। बड़े बड़े प्रधानमंत्री, मंत्री, एमएलए, एमपी सब कोई आते हैं। उन्हें बुजुर्ग लोगों के पैरों के हाथ लगाना पड़ता है। गरीबों के लिए, आशीर्वाद मांगना पड़ता है। मुझे खुशी है कि बचत, राहत, बढ़त को लेकर जो कार्यक्रम हमने अनाउंस किए थे, बजट की थीम भी वही थी, जिसे लेकर राहुल गांधी ने भारत जोड़ो यात्रा की थी। क्योंकि भयंकर महंगाई है। ये गैस सिलेंडरी की योजना मैंने राहुल गांधी की यात्रा के दौरान ही मालाखेड़ा अलवर में पब्लिक मीटिंग में घोषित की थी, क्योंकि पूरी यात्रा में मैंने देखा जो लोग राहुल गांधी से मिलने आ रहे थे। सब कह रहे थे कि अब महंगाई की त्राहि-त्राहि मच चुकी है, बेरोजगारी भी है। हम तो लाखों लोगों को रोजगार दे रहे हैं। डेढ़ लाख लोगों को दे दिया। एक लाख का और प्रोसेस चल रहा। थीम मैंने वो ही रखी है महंगाई-बेरोजगारी घटे और देश में प्यार, मोहब्बत, भाईचारा, सदभाव रहे, अहिंसा दे अंदर हो।



'गरीब और अमीर के बीच खाई बढ़ रही'
अशोक गहलोत ने कहा, देश में गरीब और अमीर के बीच खाई बढ़ जा रही है, ये नहीं होना चाहिए। चारों बातों को देखकर बजट पेश किया। मुझे खुशी है कि 10 स्कीमों को लेकर लगाए महंगाई राहत शिविरों में से करीब 40-50 में मैं जा चुका हूं। करीब 4-5 जिले बाकी होंगे, पूरा राजस्थान मैं घूम चुका हूं। सब जगह शिविरों में लोगों में उत्साह है। बूढ़े-औरतें आते हैं, वो पेंशन को लेकर खुश हैं। गैस सिलेंडर, घरेलु उपभोक्ताओं को 100 यूनिट बिजली फ्री, 2000 यूनिट किसानों को बिजली फ्री, नरेगा का 125 दिन काम, शहरों में नरेगा देश में कहीं भी नहीं थी, इक्का-दुक्का कहीं होगा। हमने यहां इंदिरा गांधी के नाम से उसको पूरा किया है।

'ओल्ड पेंशन स्कीम के मुद्दे पर प्रधानमंत्री ज़िद्दी हैं'
वो जो सोच लेते हैं, वही करते हैं। हिमाचल में जिद के कारण ही सरकार चली गई। वहां के तत्कालीन सीएम ने कहा था, ओपीएस पर विचार करो। उन्होंने साफ मना कर दिया। इस टाइम में भी एक मीटिंग में था। मैंने भी उनको कहा था एक बार ओपीएस को एग्जामिन करवा लो। वो बोले, मैंने करवा लिया था सीएम रहते हुए ठीक नहीं है। आज इस जिद का रिजल्ट आपके सामने है। हिमाचल की सरकार चली गई।

सीएम अशोक गहलोत ने पीएम नरेंद्र मोदी को ज़िद्दी करार दिया
गहलोत ने ओपीएस के मुद्दे पर कहा, लोकतंत्र में जिद ठीक नहीं है। गहलोत ने कहा, इस मंच से मेरा भाषण पूरा राजस्थान सुन रहा है। मैं पीएम से कहना चाहूंगा कि आप प्रतिष्ठा का सवाल नहीं बनाएं कि एक बार सोच लिया उसी पर कायम रहेंगे। लोकतंत्र में जिद्द का कोई स्थान नहीं होता है। प्रधानमंत्री जिद्दी हैं। वो एक बार सोच लेते हैं उसी ज़िद पर अड़े रहते हैं। लोकतंत्र में जो फीडबैक जनता का मिलता है, उसके अकॉर्डिंग अपने आप को बदलाव करें। मैंने कहा प्रधानमंत्री जी को एक बार राष्ट्रपति भवन में, वहां हिमाचल, आसाम, आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री और जम्मू कश्मीर के लेफ्टिनेंट गवर्नर थे। हिमाचल के मुख्यमंत्री अब तो चुनाव हार गए बेचारे, उन्होंने ठीक सलाह दी थी कि प्रधानमंत्री जी ये राजस्थान के सीएम ने जो फैसला दिया है ओपीएस का, वो हमें भी करने दो। प्रधानमंत्री ने कहा नो, ये फैसला उचित नहीं है।

मैंने कहा बीच में बोलकर, प्रधानमंत्री जी आप इसको एक्जामिन तो करवा लो। तो उन्होंने कहा, नहीं-नहीं मैं पहले मुख्यमंत्री था, एक्जामिन करवा चुका हूं। जिद पर अड़े रहे, जिद्दी हैं। आप देख लीजिए जिद का क्या हुआ सरकार चली गई हिमाचल और कर्नाटक के अंदर और जाएगी एक के बाद एक। लोकतंत्र में जिद किसी का नहीं चलती है। लोकतंत्र में घमण्ड और अहम किसी का नहीं चलता है। लोकतंत्र में झुक झुक कर प्रणाम करना पड़ता है। लोकतंत्र में पब्लिक माई-बाप है। उनके सामने झुको, प्रणाम करो, पैरों को हाथ लगाओ। एक वोट का धणी मालिक होता है। उससे वोट से हम चुनाव जीतते हैं। ये भावना पैदा होनी चाहिए प्रधानमंत्री के दिलों दिमाग के अंदर, ये मैं उनसे मांग करता हूं। तब जाकर राइट टू हेल्थ, राइट टू सोशल सिक्योरिटी जैसे क्रांतिकारी एक्ट आएंगे और पूरे देश का भला होगा। 

'अगले प्रोग्राम में लम्पी से मरीं 50-60 हजार गायों का देंगे मुआवजा'
गहलोत बोले, लंपी रोग हुआ तो राजस्थान की पहली सरकार है, जिसने कहा कि एक गाय के मरने पर हम 40 हजार रुपये उस परिवार को देंगे। गायों का बीमा हमने करना शुरू कर दिया। प्रति परिवार दो गाय या भैंस का बीमा होगा। प्रीमियम हम देंगे, उनको नहीं भरना है। उन्हें केवल महंगाई राहत कैम्प में फॉर्मेलिटी पूरी करनी है। 40 हजार का मतलब है बाय द वे दो गाय या भैंस मर गईं, तो 80 हजार रुपये मिल जाएंगे। इस प्रकार का हमने फैसला किया है। सुप्रीम ने भी तीन महीने पहले कहा लम्पी रोग में जो गायें मरी हैं, उन लोगों को मुआवजा मिलना चाहिए। हम पहले ही कह चुके हैं, जिसने सुप्रीम कोर्ट में पीआईएल लगाई है, उस संस्था ने राजस्थान की तारीफ की है कि राजस्थान की ऐसी सरकार है, जिसने पहले ही ये काम चालू कर दिया। हमने जो डीबीटी शुरू की है। अगली मीटिंग होगी, तो लम्पी रोग से 50 हजार या 60 हजार गायें मरी हैं, उन सब पशुपालकों के खाते में 40-40 हजार रुपये एक-एक खाते में जाएंगे।

'अफवाह फैला रही है बीजेपी'
इससे पहले समारोह को संबोधित करते हुए खाद्य और आपूर्ति विभाग के कैबिनेट मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा कि जब 13 मई 2008 को जयपुर में सीरियल बम ब्लास्ट हुआ था। तब अस्पताल में घायलों से मिलने सोनिया गांधी आई थीं। सबसे पहले अशोक गहलोत ओर कांग्रेस के लोग ही घायलों से मिलने पहुंचे थे। तब बीजेपी की वसुंधरा प्रदेश में सरकार थी। बाद में गहलोत सरकार ने ही इस मामले में केस को अच्छे से लड़ा। आज बीजेपी अफवाह फैला रही है कि कांग्रेस ने दोषियों को छुड़वा दिया है। कोर्ट में अच्छे से पैरवी नहीं की। बीजेपी वाले बोल रहे हैं कि गहलोत रेवड़ी बांट रहे हैं। लेकिन रेवड़ी मीठी होगी, तो सब लेंगे। आगामी एक महीने में केंद्र सरकार को महंगाई खत्म करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।


इंदिरा गांधी गैस सिलेंडर सब्सिडी योजना में सभी 33 जिलों में लाभार्थियों को सब्सिडी ट्रांसफर
मुख्यमंत्री ने लाभार्थी उत्सव के दौरान अजमेर के 54694, अलवर के 59514, बांसवाड़ा के 25615, बारां के 29246, बाड़मेर के 67362, भरतपुर के 58515, भीलवाड़ा के 52064, बीकानेर के 54626, बूंदी के 26613, चित्तौड़गढ़ के 41445, चूरू के 56618, दौसा के 41532, धौलपुर के 25918, डूंगरपुर के 19718, हनुमानगढ़ के 36979, जयपुर के 80100, जैसलमेर के 17584, जालोर के 38115 तथा झालावाड़ के 39115 उपभोक्ताओं के खातों में लाभ हस्तांतरित किया। गहलोत ने झुन्झुनूं के 47181, जोधपुर के 65767, करौली के 28460, कोटा के 27509, नागौर के 70517, पाली के 40731, प्रतापगढ़ के 15005, राजसमंद के 27873, सवाई माधोपुर के 26499, सीकर के 61153, सिरोही के 18817, श्रीगंगानगर के 45200, टोंक के 38950 और उदयपुर के 51553 उपभोक्ताओं को प्रत्यक्ष लाभ का हस्तांतरण किया।

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