IFMS 3.0: विभागों की खुली पोल, डेटा मिलान में भारी गड़बड़ी, रिटायरमेंट से पहले ही कर्मचारियों के PPO जारी
IFMS 3.0: राजस्थान में IFMS 3.0 लागू करवाने की हड़बड़ी विभागों को कितनी भारी पड़ रही है, इसके नमूने सामने आने लगे हैं। पहले से आर्थिक संकट का सामना कर रहे राजस्थान को अफसरों की मनमानी के चलते सैंकड़ों करोड़ रुपये की चपत लग रही है। प्रदेश में बड़ी तादाद में ऐसे मामले सामने आते जा रहे हैं, जिनमें कर्मचारियों के खातों में रिटायरमेंट बेनीफिट जमा करवा दिए गए जबकि वे कर्मचारी मौजूदा समय में सरकार में काम कर रहे हैं।
विस्तार
कार्यालय निदेशक माध्यमिक शिक्षा की ओर से सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को IFMS 3.0 को लेकर पत्र जारी किया गया है। पत्र में ही लिखा गया है कि IFMS 3.0 में सर्विस बुक का डाटा अपडेट नहीं होने की वजह से अधिकारी और कर्मचारियों को रिटायर होने से पहले ही पेंशन परिलाभ उनके खाते में जमा हो गए।
विभाग में कई प्रकरणों में सेवानिवृत्ति से पहले
अब विभाग की तरफ से अपने अधीन आने वाले सभी स्कूल एवं कार्यालय को यह निर्देश जारी किए गए हैं कि IFMS 3.0 में दिखाए गए कर्मचारी के डेटा को मूल सेवा पुस्तिका से एवं अन्य आवश्यक अभिलेखों का मिलान करने के बाद भी भुगतान किया जाए।
कर्मचारियों के सर फोड़ा ठीकरा
इसमें ऐसे मामले भी आए जब कार्मिक के खिलाफ विभागीय जांच लंबित थी और इसके बावजूद भी उसे रिटायरमेंट बेनीफिट जारी कर दिए गए। इसमें कहा गया है कि यदि कर्मचारी को ऑटो प्रोसेस या त्रुटिपूर्ण डाटा के कारण पेंशन प्रकरण का निस्तारण होता है तो इसके लिए संबंधित कार्यालय अध्यक्ष जिम्मेवार होंगे। बड़ा सवाल यह है कि यह सिस्टम 3 साल देरी से लागू किया जा रहा है इसके बाद भी न तो डेटा अपडेशन का काम पूरा हुआ है और न ही इसमें चैक एंड पॉस का कोई प्रोविजन रखा गया है।