फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Jaipur News ›   Bharatpur Mayor Election: BJP Bets on Anuradha Singh, Eyes Support of 36 Independents

राजस्थान निकाय चुनाव: भरतपुर में बहुमत से दूर, फिर भी बोर्ड बनाने की तैयारी में BJP; अनुराधा सिंह होंगी चेहरा

Wed, 16 Sep 2026 08:19 AM IST
Sourabh Bhatt न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: Sourabh Bhatt Updated Wed, 16 Sep 2026 08:19 AM IST
सार

भरतपुर मेयर चुनाव में भाजपा ने अनुराधा सिंह को चेहरा बनाने की तैयारी की है। 36 निर्दलीय पार्षदों के रुख और संभावित क्रॉस वोटिंग पर नजर रहेगी।

विज्ञापन
Bharatpur Mayor Election: BJP Bets on Anuradha Singh, Eyes Support of 36 Independents
राजस्थान निकाय चुनाव - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सीएम भजनलाल शर्मा के गृह नगर भरतपुर में नगर निकाय चुनाव के नतीजों के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। 65 वार्ड वाले निगम में किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला। भाजपा 20 वार्ड जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी, जबकि कांग्रेस को सात सीटें मिलीं। सबसे बड़ा समूह 36 निर्दलीय पार्षदों का है। बसपा और आरएलपी ने एक-एक वार्ड जीता है। ऐसे में मेयर चुनाव का पूरा गणित निर्दलीयों के रुख पर टिक गया है। संख्या बल के हिसाब से देखा जाए तो यहां निर्दलीय बोर्ड बनाने की स्थिति में है लेकिन इसके बाद भी बीजेपी ने अपने पार्षद को मेयर बनाने की तैयारी शुरू कर दी है।

विज्ञापन

भाजपा अनुराधा सिंह को आगे करने की तैयारी में

भाजपा ने मेयर पद के लिए वार्ड नंबर 61 से निर्वाचित अनुराधा सिंह को आगे करने की तैयारी शुरू कर दी है। अनुराधा सिंह पूर्व पार्षद हजारी सिंह की पत्नी हैं। पार्टी स्तर पर उन्हें मेयर पद के चेहरे के तौर पर आगे बढ़ाने की रणनीति पर काम चल रहा है।

विज्ञापन

भाजपा के लिए सबसे बड़ी चुनौती अब अनुराधा सिंह के पक्ष में जरूरी संख्या जुटाना है। 65 सदस्यीय निगम में बहुमत का आंकड़ा 33 है। भाजपा के पास अपने 20 पार्षद हैं, इसलिए बहुमत तक पहुंचने के लिए उसे कम से कम 13 और पार्षदों के समर्थन की जरूरत होगी।

विज्ञापन
विज्ञापन


यह भी पढें- आरपीएससी उप-निरीक्षक भर्ती की पुनः परीक्षा 20 सितंबर को, 2.18 लाख अभ्यर्थी होंगे शामिल; 666 केंद्र बनाए गए

36 निर्दलीयों पर टिकी दोनों दलों की नजर

कांग्रेस के सात पार्षद हैं, जबकि 36 निर्दलीय पार्षदों का समूह अकेले ही बहुमत के आंकड़े से बड़ा है। यही वजह है कि मेयर चुनाव से पहले निर्दलीय पार्षद सबसे महत्वपूर्ण राजनीतिक फैक्टर बन गए हैं।

भाजपा के लिए निर्दलीयों का समर्थन हासिल करना जरूरी है, जबकि कांग्रेस भी अपने सीमित संख्या बल के बावजूद इस समीकरण में भूमिका तलाश सकती है। अलग-अलग वार्डों के स्थानीय समीकरण और पार्षदों के व्यक्तिगत राजनीतिक संबंध भी अंतिम समय में महत्वपूर्ण हो सकते हैं।

जोड़-तोड़ के बीच क्रॉस वोटिंग की भी आशंका

भरतपुर में मेयर चुनाव को लेकर सूत्रों के हवाले से क्रॉस वोटिंग की भी चर्चा है। राजनीतिक हलकों में यह संभावना जताई जा रही है कि समर्थन जुटाने की कवायद के बीच कुछ पार्षद मतदान के समय घोषित समर्थन से अलग रुख अपना सकते हैं।

हालांकि क्रॉस वोटिंग की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसे फिलहाल संभावित राजनीतिक घटनाक्रम के तौर पर ही देखा जा रहा है। लेकिन मेयर चुनाव में मतदान के दौरान यदि किसी खेमे के पार्षदों का रुख बदला तो पहले से बन रहा संख्या बल प्रभावित हो सकता है। यही वजह है कि दोनों प्रमुख दलों के लिए केवल समर्थन जुटाना ही नहीं, बल्कि अपने साथ खड़े पार्षदों को मतदान तक एकजुट रखना भी चुनौती होगा।

मेयर चुनाव से पहले बढ़ेगी सियासी हलचल

भरतपुर का चुनाव परिणाम इस बार स्थानीय राजनीति का अलग गणित सामने लेकर आया है। भाजपा सबसे बड़ी पार्टी जरूर है, लेकिन बहुमत से 13 सीट दूर है। कांग्रेस के पास सात पार्षद हैं और निर्दलीयों की संख्या 36 है। ऐसे में भाजपा की ओर से अनुराधा सिंह को मेयर पद के लिए आगे करने की तैयारी के बीच अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि पार्टी बहुमत का आंकड़ा कैसे जुटाएगी। क्या निर्दलीयों का बड़ा समूह किसी एक खेमे के साथ जाएगा या अलग-अलग समीकरण बनेंगे- इस पर सबकी नजर रहेगी।

सूत्रों के मुताबिक जोड़-तोड़ की इस सियासत में क्रॉस वोटिंग की आशंका ने मुकाबले को और पेचीदा बना दिया है। लिहाजा भरतपुर में मेयर का चुनाव सिर्फ 33 वोट जुटाने का गणित नहीं रहेगा, बल्कि अंतिम समय तक पार्षदों की निष्ठा और मतदान के रुख पर भी नजर रहेगी।

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed